हैदराबाद. आॅल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने गैंगस्टर से नेता बने अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या को लेकर उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर रविवार को निशाना साधा और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस्तीफे की मांग की. उन्होंने साथ ही इस मामले की उच्चतम न्यायालय की निगरानी में जांच कराने का अनुरोध किया.
ओवैसी ने आरोप लगाया कि भाजपा उत्तर प्रदेश में कानून के दम पर नहीं, बल्कि ‘बंदूक के दम पर’ सरकार चला रही है. उन्होंने कहा कि 2017 में भाजपा सरकार बनने के बाद से यह जारी है. उत्तर प्रदेश में अतीक और उसके भाई अशरफ की हत्या के एक दिन बाद हैदराबाद के सांसद ओवैसी ने इन हत्याओं को सोची-समझी साजिश करार दिया.
उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘आप देखिए किस तरह से हथियार चलाए गए. यह सोची-समझी साजिश के तहत की गई हत्या है और वे (हत्या में शामिल लोग) पेशेवर हैं.’’ ओवैसी ने कहा, ‘‘भाजपा की उत्तर प्रदेश सरकार की भूमिका कितनी है… और ये कौन लोग हैं, जिन्होंने पुलिस और मीडिया की मौजूदगी में सोची-समझी साजिश के तहत हत्या को अंजाम दिया? उन्हें किसने कहा? उनकी पृष्ठभूमि क्या है और पुलिस ने उन्हें रोका क्यों नहीं? उच्चतम न्यायालय की निगरानी में इस घटना की जांच की जानी चाहिए.’’
इस घटना की ंिनदा करते हुए एआईएमआईएम प्रमुख ने कहा कि केवल भारतीय मुस्लिम ही नहीं, बल्कि कानून के राज और संविधान में विश्वास रखने वाले देश के सभी नागरिक ‘आज कमजोर महसूस करते हैं.’ ओवैसी ने आरोप लगाया कि बहुसंख्यक समुदाय में कट्टरपंथ है. उन्होंने पूछा, ‘‘ये कौन लोग हैं? क्या कल की हत्याओं में शामिल लोगों का संबंध उत्तर प्रदेश सरकार से नहीं है… मैं सवाल उठा रहा हूं… मुझे नहीं मालूम कि उनका संबंध है या नहीं. और वे कैसे कट्टरपंथी हुए? उन्हें ये हथियार कैसे मिले?’’
ओवैसी ने इस घटना का जश्न मनाने वाले लोगों की आलोचना की और कहा, ‘‘ये बेहद कट्टरपंथी तत्व हैं. ये कौन लोग हैं… गोलीबारी के बाद उन्होंने धार्मिक नारे लगाए. आप इन्हें आतंकवादी नहीं, तो क्या कहेंगे? क्या आप उन्हें ‘देशभक्त’ कहेंगे? क्या आप उन्हें माला पहनाएंगे?’’ ओवैसी ने कहा कि पूरी जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की है और उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए. उन्होंने कहा कि हत्या से पहले पूर्व सांसद ने उच्चतम न्यायालय का रुख किया था और उसने कहा था कि उत्तर प्रदेश का सरकारी तंत्र उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करेगा.
ओवैसी के अनुसार, हत्या की योजना पहले से बनायी गयी थी और इसलिए स्वतंत्र जांच की आवश्यकता है. उन्होंने पूछा, ‘‘यह उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार की नाकामी है. वे तथ्यों के साथ कैसे सामने आएंगे?’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग करते हैं. उच्चतम न्यायालय को मामले पर स्वत: संज्ञान लेना चाहिए और इस घटना की जांच के लिए एक दल बनाना चाहिए और उस दल में उत्तर प्रदेश का कोई अधिकारी नहीं होना चाहिए. मैं उच्चतम न्यायालय से अनुरोध करता हूं.’’ एआईएमआईएम नेता ने कहा कि दल को समयबद्ध तरीके से जांच करनी चाहिए और उच्चतम न्यायालय को रिपोर्ट देनी चाहिए. उन्होंने घटना के वक्त मौके पर मौजूद सभी पुलिसर्किमयों को सेवा से बर्खास्त करने की मांग की. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भी इस मामले पर गौर करना चाहिए.
उन्होंने कहा, ‘‘हम देश के प्रधानमंत्री से पूछना चाहेंगे कि क्या आप कुछ कहेंगे या नहीं? प्रधानमंत्री अपने भाषण में कहते हैं कि ‘मेरी सुपारी ली गयी है.’ लेकिन अब बताइए उस राज्य में क्या हो रहा है, जहां से आप सांसद हैं? कल की घटना के बाद देश का प्रत्येक नागरिक असुरक्षित और कमजोर महसूस कर रहा है.’’ यह पूछने पर कि क्या वह उत्तर प्रदेश का दौरा करेंगे, इस पर ओवैसी ने कहा कि वह निश्चित तौर पर राज्य का दौरा करेंगे और अपनी पार्टी के काम का जायजा लेंगे. ओवैसी ने कहा, ‘‘मैं मरने के लिए तैयार हूं. अगर आपको लगता है कि ऐसे काम करके कोई डर जाएगा और चुप हो जाएगा…मैं डरा नहीं हूं. कट्टरपंथ को रोकने की जरूरत है, चाहे यह किसी भी समुदाय का हो, वरना कट्टरपंथ देश को कमजोर कर देगा.’’