नयी दिल्ली/अहमदाबाद. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरंिवद केजरीवाल ने आबकारी नीति मामले में रविवार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के समक्ष पेश होने से पहले आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शायद जांच एजेंसी को उन्हें गिरफ्तार करने का आदेश दे दिया है.
उन्होंने कहा कि वे (भाजपा) ‘‘बहुत शक्तिशाली हैं और किसी को भी जेल भेज सकते हैं.’’ ट्विटर पर जारी पांच मिनट के वीडियो संदेश में केजरीवाल ने कहा कि वह आबकारी मामले में सीबीआई के सवालों का सच्चाई और ईमानदारी से जवाब देंगे, क्योंकि उनके पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है.
आम आदमी पार्टी (आप) के नेता ने कहा, ‘‘मुझे आज सीबीआई ने तलब किया है और मैं सभी जवाब ईमानदारी से दूंगा. ये लोग बहुत शक्तिशाली हैं. वे किसी को भी जेल भेज सकते हैं, चाहे उस व्यक्ति ने कोई अपराध किया हो या नहीं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘कल से ही उनके सभी नेता चिल्ला रहे हैं कि केजरीवाल को गिरफ्तार किया जाएगा और मुझे लगता है कि भाजपा ने सीबीआई को आदेश दे दिया है कि केजरीवाल को गिरफ्तार किया जाए. अगर भाजपा ने आदेश दिया है, तो फिर सीबीआई कौन होती है? सीबीआई मुझे गिरफ्तार करने जा रही है.’’ केजरीवाल आबकारी नीति मामले में रविवार को सीबीआई के समक्ष पेश हुए.
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और राघव चड्ढा तथा संजय ंिसह समेत कई ‘आप’ नेता केजरीवाल के साथ एजेंसी के कार्यालय तक गए. उन्होंने पहले राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की. वीडियो संदेश में ‘आप’ नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा को सत्ता का ‘अहंकार’ है और वे हर किसी को धमकाते हैं.
उन्होंने पूछा, ‘‘वे हर किसी को धमकी देते हैं कि उनके आदेश का पालन करें, वरना वे उन्हें जेल भेज देंगे. ये लोग केजरीवाल को जेल भेजने की धमकी दे रहे हैं, लेकिन इससे क्या होगा.’’ मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘आप कह रहे हैं कि केजरीवाल भ्रष्ट है. पहले मैं, आयकर विभाग में काम करता था, मैं चाहता तो बहुत पैसा कमा सकता था. मैंने अपनी नौकरी छोड़ दी और कई वर्षों तक दिल्ली की झुग्गी बस्तियों में काम किया.’’ उन्होंने कहा कि अगर वह भ्रष्ट हैं, तो फिर दुनिया में कोई व्यक्ति ईमानदार नहीं है.
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘केजरीवाल देश के लिए जीता है और देश के लिए मर जाएगा. अगर आप मुझे 100 बार सीबीआई और ईइी के सामने बुलाएंगे, तो मैं 100 बार जाऊंगा. मैं देश और भारत माता को प्यार करता हूं, देश के लिए अपनी जान न्यौछावर कर सकता हूं.’’ सीबीआई कार्यालय के लिए रवाना होने से पहले पत्रकारों से बातचीत में केजरीवाल ने कहा कि वह जांच एजेंसी के सभी सवालों का जवाब देंगे.
उन्होंने कहा, ‘‘मैं सीबीआई दफ्तर जा रहा हूं और सभी सवालों का जवाब दूंगा. दिल्ली में 75 साल बाद ऐसी सरकारी आई है, जिसने उम्मीद पैदा की है. 75 साल बाद विकास हुआ है.’’ केजरीवाल को गवाह के रूप में बुलाया गया है और वह आबकारी नीति मामले में आरोपी नहीं हैं. केंद्रीय एजेंसी ने इस मामले में दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को पिछले महीने गिरफ्तार किया था.
अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई केजरीवाल से अन्य आरोपियों के बयानों को लेकर पूछताछ कर सकती है. एजेंसी आबकारी नीति बनाने में उनकी भूमिका को लेकर भी सवाल पूछ सकती है. उन्होंने बताया कि केजरीवाल से यह भी पूछा जा सकता है कि क्या वह नीति को मंजूरी दिए जाने से पहले उसे बनाने में शामिल थे.
प्रधानमंत्री की डिग्री का मामला : अदालत ने केजरीवाल, संजय सिंह को सम्मन जारी किया
अहमदाबाद की एक अदालत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अकादमिक डिग्री को लेकर गुजरात विश्वविद्यालय के खिलाफ कथित व्यंग्यात्मक और अपमानजक बयान देने पर दायर आपराधिक मानहानि की एक शिकायत के सिलसिले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह को सम्मन जारी किया है.
अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट जयेशभाई चोवटिया की अदालत ने शनिवार को ‘आप’ के इन दो नेताओं को 23 मई को पेश होने के लिए सम्मन जारी किया. अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया उनके खिलाफ गुजरात विश्वविद्यालय के पंजीयक पीयूष पटेल की एक शिकायत पर भारतीय दंड संहिता की धारा 500 (मानहानि) के तहत एक मामला बनता है. अदालत ने मामले के वाद शीर्षक में केजरीवाल के नाम से ‘मुख्यमंत्री’ हटाने का भी आदेश देते हुए कहा कि उन्होंने अपनी निजी हैसियत से ये बयान दिए.
गुजरात उच्च न्यायालय ने प्रधानमंत्री की डिग्री पर गुजरात विश्वविद्यालय को सूचना उपलब्ध कराने के मुख्य सूचना आयुक्त के आदेश को रद्द करने का फैसला दिया था जिसके बाद केजरीवाल और सिंह ने ये टिप्पणियां की थी. शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्होंने मोदी की डिग्री को लेकर विश्वविद्यालय पर निशाना साधते हुए संवाददाता सम्मेलनों में तथा ट्विटर पर ‘‘अपमानजनक’’ बयान दिए. उन्होंने कहा कि गुजरात विश्वविद्यालय को निशाना बनाने वाली उनकी टिप्पणियां अपमानजनक थी और ये संस्थान की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाती है जिसने जनता के बीच अपना नाम बनाया है.
शिकायतकर्ता के वकील अमित नायर ने कहा कि गुजरात विश्वविद्यालय की स्थापना 70 से अधिक साल पहले हुई. नायर ने कहा कि लोगों के बीच इसकी प्रतिष्ठा है और आरोपियों की बयानबाजी से विश्वविद्यालय के बारे में अविश्वास पैदा होगा. शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि बयान विश्वविद्यालय के लिए अपमानजनक हैं क्योंकि ये व्यंग्यात्मक थे और इनका उद्देश्य विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा को जानबूझकर नुकसान पहुंचाना है. इन्हें इसी इरादे से मीडिया तथा ट्विटर हैंडल पर साझा किया गया.
शिकायकर्ता ने केजरीवाल के हवाले से टिप्पणियों का संदर्भ देते हुए कहा, ‘‘अगर कोई डिग्री है और वह असली है तो इसे दिखाया क्यों नहीं जा रहा ? वे डिग्री नहीं दे रहे हैं क्योंकि यह फर्जी हो सकती है और अगर प्रधानमंत्री दिल्ली विश्वविद्यालय तथा गुजरात विश्वविद्यालय में पढ़े तो गुजरात विश्वविद्यालय को जश्न मनाना चाहिए कि हमारा छात्र देश का प्रधानमंत्री बन गया.’’ शिकायतकर्ता के अनुसार, संजय सिंह ने कहा था, ‘‘वे प्रधानमंत्री की फर्जी डिग्री को असली साबित करने की कोशिश कर रहे हैं.’’