सूडान की स्थिति पर करीबी नजर रखें, भारतीयों की आकस्मिक निकासी योजना करें तैयार: प्रधानमंत्री

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Fri, 21 Apr 2023 07:38 PM
सूडान की स्थिति पर करीबी नजर रखें, भारतीयों की आकस्मिक निकासी योजना करें तैयार: प्रधानमंत्री
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ंिहसा प्रभावित सूडान में भारतीयों की स्थिति की समीक्षा के लिए शुक्रवार को एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की और सभी संबंधित अधिकारियों को घटनाक्रम पर करीब से नजर रखने और भारतीयों की सुरक्षा का लगातार मूल्यांकन करने व उन्हें हरसंभव सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया.

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक मोदी ने अधिकारियों को तेजी से बदलते सुरक्षा परिदृश्य और विभिन्न विकल्पों की व्यवहार्यता को ध्यान में रखते हुए आपातकालीन परिस्थितियों में सुरक्षित निकासी योजनाओं को तैयार करने का भी निर्देश दिया.

बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, सूडान में भारत के राजदूत, वायु सेना और नौ सेना के प्रमुख, विदेश और रक्षा मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों के अलावा वरिष्ठ राजनयिक डिजिटल तरीके से शामिल हुए. जयशंकर वर्तमान में गुयाना के दौरे पर हैं. पीएमओ ने कहा कि बैठक के दौरान प्रधानमंत्री को सूडान की ताजा स्थिति से अवगत कराया गया और जमीनी स्थितियों की समीक्षा की गई.

बैठक में वर्तमान में सूडान में रह रहे करीब 3,000 से अधिक भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया. प्रधानमंत्री ने पिछले सप्ताह गोली लगने से घायल हुए एक भारतीय नागरिक की मौत पर शोक व्यक्त किया. पीएमओ ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी ने सभी संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने, घटनाक्रम पर करीब से नजर रखने और सूडान में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा का लगातार मूल्यांकन करने और उन्हें हरसंभव सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया.’’

उसने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ने तेजी से बदलते सुरक्षा परिदृश्य और विभिन्न विकल्पों की व्यवहार्यता को ध्यान में रखते हुए आकस्मिक निकासी योजनाओं को तैयार करने का भी निर्देश दिया.’’ प्रधानमंत्री ने सूडान के साथ-साथ इस क्षेत्र के उन पड़ोसी देशों के साथ भी घनिष्ठ संपर्क बनाए रखने के महत्व पर भी जोर दिया जहां भारतीयों की संख्या अधिक है.

सूडान की राजधानी खार्तूम सहित देश के अन्य हिस्सों में हुई ंिहसा में एक भारतीय समेत 300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. यह संघर्ष देश के सैन्य नेतृत्व के भीतर ताकत के संघर्ष का सीधा परिणाम है. देश में सूडान की नियमित सेना और ‘रैपिड सपोर्ट फोर्सेस’ (आएसएफ) नामक अर्द्धसैन्य बल के बीच टकराव के कारण यह ंिहसा हुई है.

विदेश मंत्री एस. जयशंकर पहले ही सूडान की स्थिति पर सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और मिस्र के विदेश मंत्रियों के साथ चर्चा कर चुके हैं और उन्होंने भारतीयों की सुरक्षा के लिए व्यावहारिक सहयोग देने का भरोसा दिया. उन्होंने बृहस्पतिवार को सूडान के लगातार बिगड़ते हालात पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस से चर्चा की थी. इस चर्चा में उन्होंने कूटनीतिक प्रक्रियाओं के माध्यम से जमीनी स्तर पर एक व्यावहारिक युद्ध-विराम लागू कराए जाने के विकल्पों पर बातचीत की थी.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अंिरदम बागची ने इससे पहले कहा था, ‘‘ चार-पांच दिनों के बाद भी संघर्ष कम नहीं हुआ है, लड़ाई जारी है और स्थिति तनावपूर्ण है. ऐसे में हम भारतीयों से आग्रह करते हैं कि वे जहां हैं, वहीं पर रहें और बाहर न निकलें.’’ उन्होंने कहा, ‘‘ हम सूडान के घटनाक्रम पर बेहद करीबी नजर रख रहे हैं. सूडान में भारतीय दूतावास औपचारिक, अनौपचारिक माध्यम से भारतीय समुदाय के साथ सम्पर्क में है.’’ बागची ने कहा था कि भारत, अमेरिका, ब्रिटेन, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, मिस्र जैसे देशों के साथ सम्पर्क में है.

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