अगर कांग्रेस सत्ता में आई तो कर्नाटक ‘‘दंगों की चपेट में रहेगा’’ : अमित शाह

बागलकोट. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि अगर कर्नाटक में कांग्रेस सत्ता में आई तो राज्य में परिवारवाद की राजनीति चरम पर होगी और वह ‘‘दंगों की चपेट में रहेगा.’’ शाह ने कहा कि कांग्रेस के सरकार बनाने पर राज्य में अभी तक हुआ विकास ‘रिवर्स गेयर’ में चला जाएगा.

कर्नाटक में लोगों से ‘‘राजनीतिक स्थिरता’’ के लिए मतदान करने की अपील करते हुए शाह ने इस जिले के तेरदल में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि केवल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ही राज्य को ‘‘नया कर्नाटक’’ बनाने की दिशा में आगे ले जा सकती है.
पार्टी के प्रमुख चुनावी रणनीतिकारों तथा प्रचारकों में शामिल शाह ने कहा, ‘‘ अगर कांग्रेस सत्ता में आती है, तो परिवारवाद की राजनीति चरम पर होगी और कर्नाटक दंगों की चपेट में रहेगा.’’

शाह ने कहा, ‘‘अगर कांग्रेस गलती से सत्ता में आ जाती है तो भ्रष्टाचार चरम पर होगा और तुष्टीकरण का बोलबाला होगा.’’ शाह कर्नाटक के दो दिवसीय दौरे पर हैं और अपनी पार्टी के नेताओं के साथ जनसभाओं, रोड शो और समीक्षा बैठकों में भाग ले रहे हैं. गृह मंत्री ने कहा कि कांग्रेस को भाजपा से शामिल हुए दो बड़े नेताओं- पूर्व मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टर और पूर्व उप मुख्यमंत्री लक्ष्मण सावदी से कोई फायदा नहीं होगा.

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘कांग्रेस ने ंिलगायत समुदाय का हमेशा अपमान किया है और इतने साल तक राज्य में अपने शासन में वह केवल दो ंिलगायत मुख्यमंत्री-एस निजांिलगप्पा और वीरेंद्र पाटिल दे सकी और दोनों को ही अपमानित कर पार्टी से निकाला गया.’’

शाह ने कहा कि भाजपा से आये नेताओं के आधार पर वोट मांगने से पता चलता है कि कांग्रेस कितनी दिवालिया हो गयी है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने तत्कालीन मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा को हटाने के लिए जनता दल (सेक्यूलर) के साथ हाथ मिलाया था. शाह ने कहा कि जद (एस) का इस्तेमाल करके येदियुरप्पा को हटाने के बाद कांग्रेस हमारे कुछ नेताओं की मदद लेकर आगे बढ़ना चाहती है लेकिन कर्नाटक की जनता, विशेष रूप से राज्य के उत्तरी हिस्से में स्थित ‘कित्तूर कर्नाटक’ क्षेत्र के लोग इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे.

शाह ने कहा कि कांग्रेस पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और प्रदेश अध्यक्ष डी के शिवकुमार के बीच इस मुद्दे पर आंतरिक कलह से उबरने वाली नहीं है कि मुख्यमंत्री कौन बनेगा. उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा, ‘‘बेवजह लड़ने का क्या फायदा, जब दोनों में से कोई मुख्यमंत्री नहीं बनने वाला. अगला मुख्यमंत्री भाजपा का होगा, आपका तो नंबर ही नहीं है.’’ भाजपा के पदाधिकारी प्रवीण नेत्तार समेत तटीय कर्नाटक में कुछ पार्टी कार्यकर्ताओं की हत्या का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस्लामी संगठन पॉपुलर फ्रंट आॅफ इंडिया (पीएफआई) पर प्रतिबंध लगा दिया है.

अमित शाह ने मुसलमानों का चार प्रतिशत आरक्षण खत्म करने के कर्नाटक सरकार के फैसले का किया बचाव

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कर्नाटक में मुसलमानों के लिए चार प्रतिशत आरक्षण खत्म करने के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के फैसले का मंगलवार को बचाव करते हुए कहा कि पार्टी ने कभी ‘‘धर्म आधारित आरक्षण’’ में विश्वास नहीं किया.
भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष ने 10 मई को होने वाले विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में सत्ता में आने पर आरक्षण बहाल करने के कांग्रेस के रुख पर भी निशाना साधा.

शाह ने तेरदल में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘ मुसलमानों के लिए चार प्रतिशत आरक्षण धर्म आधारित था. वोट बैंक की राजनीति में पड़े बिना भाजपा सरकार ने मुस्लिम आरक्षण को रद्द कर दिया.’’ उन्होंने कहा, ‘‘ हमारा मानना है कि धर्म आधारित आरक्षण नहीं होना चाहिए.’’ मंत्री ने कहा कि मुस्लिम आरक्षण रद्द करने के बाद भाजपा ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, वोक्कालिगा और ंिलगायत समुदाय के लिए आरक्षण बढ़ाया है.

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