नयी दिल्ली. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने मंगलवार को कहा कि केंद्र सरकार स्कूली शिक्षा प्रणाली में कौशल विकास को औपचारिक रूप से जोड़ने के रास्तों पर चर्चा कर रही है और यूजीसी, एआईसीटीई तथा एनसीईआरटी को भविष्य के लिए कौशल संबंधी आयामों का खाका तैयार करने के लिए साथ आना चाहिए.
शिक्षा मंत्री ने यह भी कहा, ‘‘ हमें दक्षता से डिग्री को अलग करने तथा एक ऐसे भविष्य की सोच के साथ आगे बढ़ने की जरूरत है जहां क्षमता प्रभावी रहे.’’ प्रधान ने जी20 समूह से जुड़े शिक्षा कार्य समूह की तीसरी बैठक से पहले संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ‘‘इस बात पर चर्चा चल रही है कि हमारी स्कूली शिक्षा प्रणाली में कौशल विकास को औपचारिक रूप से किस प्रकार से जोड़ा जाए. आज हमने ंिसगापुर के शिष्टमंडल से कौशल उन्नयन के लिए समग्र एवं व्यापक गठजोड़ के रास्तों पर बढ़ने को लेकर चर्चा की.’’
उन्होंने कहा कि जी20 मंच पर जारी चर्चा से वैश्विक स्तर के मॉडल एवं अच्छी पहल को समझकर नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुपालन में मदद मिलेगी. प्रधान ने कहा कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी), अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) तथा राष्ट्रीय शिक्षा अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) को भविष्य के लिए कौशल संबंधी आयामों का खाका तैयार करने के लिए साथ आना चाहिए.