प्रतिष्ठित ग्लोबल अवार्ड के शीर्ष दस दावेदारों में शुमार जारवा आदिवासियों को ‘बचाने’ वाली नर्स

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Fri, 12 May 2023 07:39 PM
प्रतिष्ठित ग्लोबल अवार्ड के शीर्ष दस दावेदारों में शुमार जारवा आदिवासियों को ‘बचाने’ वाली नर्स
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पोर्ट ब्लेयर. दुनिया भर में कोविड महामारी के तांडव के बीच जीबी पंत अस्पताल में काम करने वाली 49 वर्षीय शांति टेरेसा लाकड़ा वर्ष 2021 में चक्रवातीय तूफान का सामना करते हुए डेंगी (लकड़ी की छोटी नाव) से तिरुर द्वीप पहुंचीं और वहां रह रहे आदिवासी समुदाय जारवा के सदस्यों को टीका लगा उनका अस्तित्व मिटने से बचाया. वर्तमान में 51 साल की हो चुकीं लाकड़ा प्रतिष्ठित ‘ग्लोबल नर्सिंग अवार्ड 2023’ के शीर्ष 10 दावेदारों में से एक है.

लंदन से फोन पर लाकड़ा ने पीटीआई/भाषा को बताया, ‘‘उस दिन समुद्र उफान पर था और हमें लगा कि हम नहीं बचेंगे. लेकिन ईश्वर की कुछ और ही इच्छा थी और हम ना सिर्फ अपने गंतव्य पर पहुंचे बल्कि जारवा लोगों का सफलतापूर्वक टीकाकरण भी किया. हम महामारी के दौरान आवश्यक और अनिवार्य एहतियाती कदमों के बारे में भी उन्हें समझाने में सफल रहे.’’. लाकड़ा को 2011 में उनके उत्कृष्ट कार्य और सेवा के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया गया था.

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