चंद्रशेखर राव ने भाजपा के खिलाफ विपक्षी एकता की कोशिश छोड़ी, ‘ तेलंगाना मॉडल’ पर देंगे ध्यान

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Thu, 01 Jun 2023 09:31 PM
चंद्रशेखर राव ने भाजपा के खिलाफ विपक्षी एकता की कोशिश छोड़ी, ‘ तेलंगाना मॉडल’ पर देंगे ध्यान
ऑडियो सुनें

हैदराबाद. भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव ने बृहस्पतिवार को कहा कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री और पार्टी प्रमुख के चंद्रशेखर राव ने केंद्र में सत्तारूढ. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ विपक्षी दलों को एकजुट करने की कोशिश छोड़ दी है. राज्य सरकार में मंत्री केटी रामा राव ने बृहस्पतिवार को बताया कि पार्टी अब देश में ‘तेलंगाना विकास मॉडल’ को पेश करने पर ध्यान देगी.

रामा राव ने यह टिप्पणी ऐसे समय में की है जब उनके पिता चंद्रशेखर राव अपनी पार्टी बीआरएस का विस्तार राष्ट्रीय स्तर पर करने की कोशिशों में जुटे हैं. पत्रकारों से बातचीत करते हुए रामा राव ने भाजपा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का परोक्ष हवाला देते हुए कहा कि देश को एक पार्टी या एक व्यक्ति के खिलाफ घृणा के आधार पर नहीं, बल्कि शासन के सकारात्मक मॉडल के आधार पर विपक्षी एकता की जरूरत है.

उन्होंने कहा, ह्ल हम यह सारी कोशिशें करने बाद कह रहे हैं. हम इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि एक नई राष्ट्रीय पार्टी हो (जिसे राष्ट्रीय स्तर पर ले जाया जाएगा), क्योंकि इस देश में एक बहुत बड़ा शून्य है. मूल बात है कि विपक्ष बुरी तरह विफल रहा है.ह्व चंद्रशेखर राव ने गैर भाजपा व गैर कांग्रेस दलों को एकजुट करने के लिए कई नेताओं से मुलाकात की थी, जिनमें एम के स्टालिन (तमिलनाडु), नीतीश कुमार (बिहार) और अरविंद केजरीवाल (दिल्ली) समेत कुछ राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल थे. उनका आरोप था कि दोनों राष्ट्रीय दल देश का विकास करने में नाकाम रहे हैं.

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने अपनी पार्टी का विस्तार राष्ट्रीय स्तर पर करने की घोषणा के बाद महाराष्ट्र में तीन-चार जनसभाओं को संबोधित भी किया और पड़ोसी राज्य के कई नेता तबसे बीआरएस में शामिल भी हो गए. कर्नाटक विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद उन्होंने कहा था कि यह कांग्रेस की जीत नहीं है, बल्कि मौजूदा (भाजपा) सरकार को लोगों ने खारिज किया है.

राहुल गांधी राजनीति को लेकर गंभीर नहीं हैं, उन्हें एनजीओ खोलना चाहिए : केटीआर

कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष और तेलंगाना के मंत्री के टी रामराव ने बृहस्पतिवार को कहा कि कांग्रेस नेता को राजनीतिक दल चलाने के बजाय एक एनजीओ खोलना चाहिए क्योंकि वह कभी राजनीति को गंभीरता से नहीं लेते हैं.

यहां मीडियार्किमयों से अनौपचारिक बातचीत में केटीआर के नाम से मशहूर रामराव ने कहा कि राजनीति की तरफ राहुल गांधी की गंभीरता की कमी तब साफ नजर आयी जब उन्होंने गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान प्रचार नहीं किया और अपनी ‘भारत जोड़ो यात्रा’ करते रहे. उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता ने गंभीर राजनीति करने के बजाय अमेरिका में ”मोहब्बत की दुकान” कार्यक्रम आयोजित किया. कर्नाटक में कांग्रेस की जीत पर बीआरएस नेता ने कहा कि यह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नाकामी है और कांग्रेस का इस उपलब्धि में कोई योगदान नहीं है.

उन्होंने कहा, ”कर्नाटक के लोगों ने भाजपा की अक्षमता और भ्रष्टाचार को खारिज कर दिया और राज्य में चुनाव परिणाम का तेलंगाना पर कोई असर नहीं पड़ेगा. भारत को चुनाव और चयन की जरूरत है, अस्वीकृति की नहीं. हालांकि, दुर्भाग्यपूर्ण रूप से कर्नाटक में लोगों के पास बहुत कम विकल्प बचे थे.” केटीआर ने कहा कि बीआरएस का एजेंडा अन्य राज्यों को ‘तेलंगाना मॉडल” दिखाना है. उन्होंने कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि वह पिछले 70 साल में देश का विकास करने और विपक्ष के रूप में भी नाकाम है क्योंकि पार्टी ने वैकल्पिक मॉडल तैयार नहीं किया.

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By Yogesh Kumar Sahu