
नयी दिल्ली. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ‘नारी शक्ति की अपार क्षमताओं’ को रेखांकित करते हुए सोमवार को कहा कि विभिन्न चुनौतियों का सामना करते हुए ‘मिसाइल से संगीत’ तक विविधि क्षेत्रों में नारी ने सफलताओं की ऊंचाइयों को छुआ है और नारीत्व में ही नेतृत्व समाहित है.
राष्ट्रपति ने आर्मी वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन (एडब्ल्यूडब्ल्यूए) द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही.
उन्होंने कहा, ” मैं सभी देशवासियों की ओर से समस्त ‘वीर नारी’ बहनों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करती हूं.” मुर्मू ने कहा, ” मुझे यह जानकर संतोष हुआ है कि वीर-नारी बहनों के कल्याण के लिए ‘आ”ान’ नामक योजना चलाई जा रही है. इसके लिए मैं ‘आवा’ की विशेष सराहना करती हूं.” उन्होंने कहा कि ‘आवा’ द्वारा यहां प्रर्दिशत की गई उद्यमिता प्रदर्शनी से भारत की नारी प्रतिभा की सुंदर झलक देखने को मिली है.
राष्ट्रपति ने कहा कि हमारी बहनें सजावट से लेकर उपयोगिता क्षेत्र तक, अनेक सुंदर और उपयोगी वस्तुएं कुशलता के साथ बना रही हैं और प्रस्तुत कर रही हैं. उन्होंने कहा, ” मैं आशा करती हूं कि उद्यमशील महिलाओं की प्रतिभा और परिश्रम को निरंतर प्रोत्साहन मिलता रहेगा.” मुर्मू ने कहा कि सचमुच नारी में इतनी शक्ति है जिसके कारण उसे नारी शक्ति कहा जाता है. उन्होंने कहा कि अस्मिता’ शब्द के प्रचलित अर्थ हैं, ‘अस्तित्व का बोध होना’ तथा ‘आत्मगौरव का भाव होना’.
उन्होंने कहा, ” नारी समुदाय में आत्म-गौरव की भावना के आधार पर ही एक गौरवशाली समाज और राष्ट्र का निर्माण करना संभव होता है.” राष्ट्रपति ने कहा कि किसी भी बदलाव की शुरुआत, विचारों में बदलाव के साथ ही होती है, कुछ पुराने विचारों को छोड़ने और नए विचारों को अपनाने की जरूरत होती है.
उन्होंने कहा, ” जन्म देने की क्षमता केवल नारी में ही है. नारी में नेतृत्व देने की क्षमता भी है, यह विश्वास सभी बहनों में होना चाहिए. नारीत्व में नेतृत्व समाहित है.” मुर्मू ने कहा कि उनकी मुलाकात अनेकों ऐसे महिलाओं से हुयी है जो परिश्रम के बल पर और चुनौतियों को पार करते हुए सफलता के शिखर पर पहुंची हैं.
उन्होंने कहा, ” अधिकांश बहनों और बेटियों ने सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए गंभीर चुनौतियों का सामना किया है. साइल से संगीत तक, हमारी बहनों ने असाधारण सफलता के कीर्तिमान स्थापित किए हैं. सरल शब्दों में कहें तो ‘नारी में अपार शक्ति है, नारी कुछ भी कर सकती है.’ उन्होंने कहा कि देश की आधी आबादी नारी है, आज देश आर्थिक रूप से दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और देश निरंतर आगे बढ़ने को प्रयासरत है.
एडब्ल्यूडब्ल्यूए की अध्यक्ष अर्चना पांडे ने अपने संबोधन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की उपलब्धियों को रेखांकित किया और कहा कि राष्ट्रपति स्वयं नारी शक्ति को प्रर्दिशत करती हैं. इस कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की पत्नी सुदेश धनखड़ भी मौजूद रहीं.



