कैंसर देखभाल में योगदान देने वाले सभी लोगों के लिए यह पुरस्कार : डॉ. रवि कन्नन

असम के पहले मैग्सेसे पुरस्कार विजेता डॉ. रवि कन्नन

सिलचर. प्रसिद्ध ऑन्कोलॉजिस्ट (कैंसर रोग विशेषज्ञ) और असम के पहले मैग्सेसे पुरस्कार विजेता डॉ. रवि कन्नन ने बृहस्पतिवार को कहा कि यह प्रतिष्ठित पुरस्कार उनका नहीं बल्कि उन सभी लोगों का है, जिन्होंने समुदाय में कैंसर देखभाल में योगदान दिया. उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार उन सभी लोगों के लिए है, जिन्होंने कैंसर से जूझ रहे लोगों की जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए एक-दूसरे से हाथ मिलाया.

रेमन मैग्सेसे अवार्ड फाउंडेशन की 65वीं वर्षगांठ पर ‘हीरो फॉर होलिस्टिक हेल्थकेयर’ पुरस्कार के लिए नाम की घोषणा किए जाने के बाद कन्नन ने संवाददाताओं से कहा, ”यह पुरस्कार सिर्फ मेरा नहीं बल्कि कछार कैंसर हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर के 450 सहयोगियों सहित उन सभी लोगों का है, जिनका योगदान अतुलनीय रहा और इस केंद्र को स्थापित करने वाली गैर-लाभकारी संस्था को सर्मिपत है.” अस्पताल के निदेशक कन्नन ने कहा, ”यह पुरस्कार उन सभी लोगों, अस्पताल और समुदाय का है, जिन्होंने कैंसर से जूझ रहे लोगों की जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए हाथ मिलाया और मैं इस प्रयास में शामिल उन बहुत सारे लोगों में से एक चेहरा हूं.”

असम के मुख्यमंत्री कार्यालय ने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा, ”मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने डॉ. रवि कन्नन को प्रतिष्ठित रैमन मैग्सेसे पुरस्कार 2023 के लिए चुने जाने पर अपनी शुभकामनाएं दी हैं. डॉ. कन्नन ने असम में, विशेष तौर पर ग्रामीण इलाकों में कैंसर देखभाल में बदलाव लाने में प्रभावशाली भूमिका निभाई है.” वह पद्मश्री सम्मान से भी नवाजे जा चुके हैं.

एशियाई नोबेल पुरस्कार कहे जाने वाले रेमन मैग्सेसे पुरस्कार को 1958 से तीन सौ से अधिक उत्कृष्ट व्यक्तियों और संगठनों को प्रदान किया जा चुका है. यह पुरस्कार समाज और दुनिया के समक्ष मानव विकास की कुछ सबसे चुनौतीपूर्ण समस्याओं का निस्वार्थ सेवा से सफल समाधान निकालने के लिए प्रदान किया जाता है.

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