अर्जुन-अरविंद को नौकायन में रजत, कॉक्स एट टीम दूसरे स्थान पर

हांगझोउ. भारतीय नौकायन खिलाड़ियों ने एशियाई खेलों में रविवार को शानदार शुरूआत करते हुए दो रजत और एक कांस्य पदक जीता. सुबह अर्जुन लाल जाट और अरविंद सिंह ने पुरूष लाइटवेट डबल स्कल स्पर्धा में रजत पदक जीतकर भारत का खाता खोला .
भारतीय जोड़ी 6 : 28 . 18 सेकंड का समय निकालकर दूसरे स्थान पर रही . चीन के जुंजी फान और मान सुन ने 6 : 23 . 16 सेकंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक हासिल किया .

उजबेकिस्तान के शखजोद नुरमातोव और सोबिरजोन सफरोलियेव ने कांस्य पदक अपने नाम किया . पुरूषों की कॉक्स एट स्पर्धा में भारत और चीन के बीच कड़ा मुकाबला था जिसमें भारतीय टीम 5 : 43 . 01 सेकंड का समय निकालकर दूसरे स्थान पर रही . चीन ने 2 . 84 सेकंड से बाजी मारकर स्वर्ण पदक जीता . भारतीय टीम में नीरज, नरेश कलवानिया, नीतिश कुमार, चरणजीत सिंह, जसविंदर सिंह, भीम सिंह, पुनीत कुमार और आशीष शामिल थे .

टीम में ‘कॉक्सवे’ की भूमिका निभाने वाले धनंजय उत्तम पांडे ने कहा, ” यह हमारे लिए एक शानदार रेस थी. यह उस योजना के अनुसार हुआ, जिस पर हमने कल अपने कोच और साथियों के साथ काम किया था.” इंडोनेशिया को कांस्य पदक मिला . जापान और उजबेकिस्तान जैसे नौकायन के धुरंधरों की टीमें पाचवें और चौथे स्थान पर रही . उन्होंने कहा, ” हमारा लक्ष्य उज्बेकिस्तान, इंडोनेशिया और जापान जैसी मुख्य टीमों पर दबाव बना कर जीत के लिए चीन को चुनौती देने का था.”

भारतीय टीम में उनके साथ खिलाड़ी नीतीश ने कहा, ” हम 2019 से एक साथ प्रशिक्षण ले रहे हैं. हम सभी ने एक साथ शिविरों में भाग लिया है. हमें अभी और प्रतियोगिताओं में चुनौती पेश करनी है. हम उसके बाद ही एक साथ जश्न मनाएंगे.” कॉक्सलेस पेयर में भारत के बाबूलाल यादव और लेख राम को कांस्य पदक मिला जिन्होंने 6 : 50 .41 सेकंड का समय निकाला . हांगकांग चीन ने स्वर्ण और उजबेकिस्तान ने रजत पदक जीता. भारत ने नौकायन में 33 सदस्यीय दल भेजा है .

अरविंद ने पदक जीतने के बाद कहा कि उनका लक्ष्य स्वर्ण था लेकिन दो महीने पहले लगी चोट के कारण उनकी तैयारियां बाधित हुई .
उन्होंने कहा ,” हम 20 . 25 दिन अभ्यास नहीं कर सके क्योंकि मेरी कमर में चोट लगी थी. मैं इलाज के लिये हैदराबाद भी गया और फिजियो ने मुझ पर काफी मेहनत की . उसी की वजह से मैं वापसी कर सका और यह पदक जीता.” उन्होंने कहा कि अगला लक्ष्य पेरिस ओलंपिक 2024 में पदक जीतना है .

उन्होंने कहा ,” अब हम पेरिस ओलंपिक पर ध्यान केंद्रित करेंगे और 2026 एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतने की कोशिश करेंगे .” उनके साथी अर्जुन ने कहा ,” हमने स्वर्ण जीतने की पूरी कोशिश की . हमारे कोच ने कहा कि अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करो . हम अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं दोहरा सके जो हमने पुणे में आर्मी नोडल सेंटर में किया था .” अरविंद और अर्जुन पिछले चार साल से साथ में अभ्यास कर रहे हैं जो उनके जबर्दस्त तालमेल में नजर आया. अर्जुन ने कहा ,” हम पिछले चार साल से इसकी तैयारी कर रहे थे . हम तोक्यो ओलंपिक में भी सेमीफाइनल तक पहुंचे थे .” भारत ने इन खेलों में 33 नौकायन खिलाड़ियों की बड़ी टीम भेजी है.

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