पारुल और प्रीति को 3000 मीटर स्टीपलचेज में रजत और कांस्य, ऐंसी ने लंबी कूद में कांस्य पदक जीता

हांगझोउ. भारत की पारुल चौधरी और प्रीति ने सोमवार को यहां एशियाई खेलों की महिला 3000 मीटर स्टीपलचेज स्पर्धा में क्रमश: रजत और कांस्य पदक जीते जबकि युवा ऐंसी सोजन ने महिला लंबी कूद में रजत पदक अपने नाम किया. भारत की मिश्रित चार गुणा 400 मीटर रिले टीम का कांस्य पदक भी रजत पदक में बदल गया जब श्रीलंका की टीम को ‘लेन के उल्लंघन’ के कारण डिस्क्वालीफाई कर दिया गया. श्रीलंका ने स्पर्धा में दूसरा जबकि भारत ने तीसरा स्थान हासिल किया था.

पारुल और प्रीति हालांकि बहरीन की विनफ्रेड मुतिले यावी से काफी पीछे रहीं जिन्होंने नौ मिनट 18.28 सेकेंड के खेलों के रिकॉर्ड समय के साथ स्वर्ण पदक जीता और अपने खिताब का बचाव किया. पारुल ने नौ मिनट 27.63 सेकेंड के समय के साथ रजत पदक जीता. उन्होंने बहरीन की धाविका से नौ सेकेंड से भी अधिक समय लिया. प्रीति ने नौ मिनट 43.32 सेकेंड के समय के साथ कांस्य पदक हासिल किया. प्रीति ने अपना निजी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया.

इससे पहले खेलों का रिकॉर्ड बहरीन की ही जेबेट रुथ के नाम था जिन्होंने दक्षिण कोरिया के इंचियोन में 2014 एशियाई खेलों के दौरान नौ मिनट 31.36 सेकेंड के साथ स्वर्ण पदक जीता था. कीनिया में जन्मीं 2023 विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप की स्वर्ण पदक विजेता बहरीन की मावी ने जल्द ही बाकी खिलाड़ियों पर मजबूत बढ.त बना ली और उन्होंने पारुल को कम से कम 50 मीटर के अंतर से पछाड़ा.

पारुल भी एशियाई खेलों के रिकॉर्ड से बेहतर प्रदर्शन करने में सफल रहीं लेकिन यह उनके राष्ट्रीय रिकॉर्ड के आसपास भी नहीं था. उन्होंने इस साल अगस्त में बुडापेस्ट में विश्व चैंपियनशिप के दौरान नौ मिनट 15.31 सेकेंड के समय के साथ राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था और पेरिस ओलंपिक 2024 के लिए क्वालीफाई किया था.

प्रीति भी अपना निजी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के बावजूद पारुल से लगभग 16 सेकेंड पीछे रही. उनके और बहरीन की मेकोनेन टिगेस्ट के बीच कांस्य पदक के लिए करीबी मुकाबला था. मेकोनेन नौ मिनट 43.71 सेकेंड के साथ चौथे स्थान पर रहीं. हरियाणा के फरीदाबाद जिले की रहने वाली प्रीति ने कहा कि उनका और उनके पिता का सपना साकार हुआ है.

प्रीति ने कांस्य पदक जीतने के बाद कहा, ”मेरे पिता पेट्रोल पंप पर काम करते हैं और हर महीने लगभग 10 हजार रुपये कमाते हैं. उन्होंने मुझे कहा था कि वह मरने से पहले मुझे एशियाई खेलों में (पदक) जीतते हुए देखना चाहते हैं. आज उनका और मेरा सपना साकार हो गया.” उन्होंने कहा, ”जब मैंने कांस्य पदक जीतने के बाद उन्हें फोन किया तो वह रो रहे थे.” प्रीति ने कहा कि वह रणनीति रूप से रेस में दौड़ी.

उन्होंने कहा, ”स्वर्ण पदक विजेता विश्व चैंपियन है और मैं स्वीकार करती हूं कि पारुल मेरे से अधिक मजबूत है. इसलिए मैंने उनके साथ रहने (सबसे आगे) का फैसला नहीं किया. मैंने सोचा कि अगर मैं ऐसा करती हूं तो अंत में मुझे थकान हो सकती है. इसलिए मैं कांस्य पदक हासिल करने के लिए अपनी गति के अनुसार दौड़ रही थी.” महिला लंबी कूद में ऐंसी ने दो बार अपना निजी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और 6.63 मीटर के प्रयास के साथ दूसरे स्थान पर रहीं. चीन की शियोंग शिकी ने 6.73 मीटर के प्रयास से स्वर्ण पदक जीता.
वियतनाम की एनगा यान युई 6.50 मीटर के प्रयास से कांस्य पदक जीतने में सफल रहीं. ऐंसी ने तीसरे प्रयास में 6.56 मीटर का अपना निजी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया जिसमें वह अपने पांचवें प्रयास में सुधार करने में सफल रहीं. स्पर्धा में हिस्सा ले रही एक अन्य भारतीय शैली सिंह ने निराश किया और 6.48 मीटर के प्रयास के साथ पांचवें स्थान पर रहीं. ऐंसी ने कहा कि उन्होंने प्रक्रिया पर ध्यान दिया और आज उन्हें इसका फल मिला.

उन्होंने कहा, ”जब हम प्रतियोगिता के लिए आए थे तो सभी नतीजे को लेकर चिंतित थे. लेकिन नतीजा बाद में मिलता है… पहले हमें प्रक्रिया सही करनी होती है.” ऐंसी ने कहा, ”(क्रिकेटर महेंद्र सिंह) धोनी ने कहा है कि आप जो अभ्यास करते हो वही यहां भी करने की जरूरत है. हमें क्या करना है इस पर ध्यान लगाओ. यह इसी तरह है.”

उन्होंने कहा, ”मुझे मेरी गलतियां पता हैं और मुझे पता है कि छलांग लगाते समय मुझे अधिक ताकत लगाने की जरूरत है और मैंने ऐसा ही किया. मेरा अगला लक्ष्य ओलंपिक और सात मीटर के आंकड़े को हासिल करना है जो इससे पहले कोई भारतीय महिला नहीं कर पाई है. यह मेरा पहला अंतरराष्ट्रीय पदक है.”

मोहम्मद अजमल वारियाथोडी, विथ्या रामराज, राजेश रमेश और सुभा वेंकटेशन की चौकड़ी ने चार गुणा 400 मीटर मिश्रित रिले में तीन मिनट 14.34 सेकेंड के समय के साथ कांस्य पदक जीता. भारतीय धावकों की खुशी हालांकि उस समय बढ. गई जब तीन मिनट 14.25 सेकेंड के समय के साथ दूसरे स्थान पर रही श्रीलंका की टीम को ‘लेन के उल्लंघन’ के कारण डिस्क्वालीफाई कर दिया गया.

बहरीन के धावकों ने तीन मिनट 14.02 सेकेंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता. चौथे स्थान पर रहे कजाखस्तान को अंतत: कांस्य पदक मिला जिसके खिलाड़ियों ने तीन मिनट 24.85 सेकेंड में रेस पूरी की थी. पुरुष 200 मीटर फाइनल में भारत के अमलान बोरगोहेन 20.98 सेकेंड के समय के साथ छठे स्थान पर रहे. स्वर्ण पदक जापान के कोकी उएयामा ने 20.60 सेकेंड के समय के साथ जीता. सऊदी अरब के मोहम्मद अब्दुल्लाह अबकर (20.63 सेकेंड) को रजत जबकि चीनी ताइपे के येंग चुन हेन (20.74 सेकेंड) को कांस्य पदक मिला.

भारतीय टीम ने इस साल जुलाई में बनाए तीन मिनट 14.70 सेकेंड के राष्ट्रीय रिकॉर्ड में भी सुधार किया. जकार्ता एशियाई खेल 2018 में भी भारतीय चार गुणा 400 मीटर मिश्रित रिले टीम दूसरे स्थान पर रही थी लेकिन बहरीन के एक धावक के डोप परीक्षण में विफल रहने के बाद भारत को स्वर्ण पदक मिला था. सोमवार को चार पदक के साथ भारत एथलेटिक्स की ट्रैक एवं फील्ड स्पर्धा में अब तक दो स्वर्ण, आठ रजत और छह कांस्य पदक जीत चुका है.

एशियाई खेलों में सोमवार को भारत के पदक विजेता

एशियाई खेलों में सोमवार को भारत के पदक जीतने वाले खिलाड़ी और टीम इस प्रकार रहे.
क्रम खिलाड़ी/टीम स्पर्धा पदक

1. ऐंसी सोजन महिला लंबी कूद रजत

2. एथलेटिक्स टीम चार गुणा 400 मीटर मिश्रित रिले रजत

3. पारुल चौधरी 3000 मीटर स्टीपलचेज रजत

4. प्रीति 3000 मीटर स्टीपलचेज कांस्य

5. महिला स्पीड स्केटिंग टीम 3000 मीटर रिले कांस्य

6. पुरुष स्पीड स्केटिंग टीम 3000 मीटर रिले कांस्य

7. सुतीर्था और अहिका मुखर्जी टेबल टेनिस महिला युगल कांस्य

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