दक्षिण अफ्रीका ने पाकिस्तान को 270 रन पर समेटा

चेन्नई. कप्तान बाबर आजम सहित पाकिस्तान के अधिकतर बल्लेबाज अपनी अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में नहीं बदल पाए, जिससे उनकी टीम दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे विश्व कप के मैच में शुक्रवार को यहां 46.4 ओवर में 270 रन पर आउट हो गई.
पाकिस्तान की तरफ से सऊद शकील (52) और बाबर (50) ने अर्धशतक जमाए लेकिन उनका इसके तुरंत बाद आउट होना टीम को महंगा पड़ सकता है. उनके अलावा शादाब खान ने 43 और मोहम्मद रिजवान ने 31 रन का योगदान दिया.

दक्षिण अफ्रीका के कलाई के स्पिनर तबरेज शम्सी ने 60 रन देकर चार विकेट लिए. तेज गेंदबाज मार्को यानसन (43 रन देकर तीन) और गेराल्ड कोएत्जी (42 रन देकर दो) ने उनका अच्छा साथ दिया. चेपक की धीमी पिच पर पाकिस्तान का स्कोर प्रतिस्पर्धी माना जा सकता है लेकिन जब टीम पर सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर होने का खतरा मंडरा रहा है तब बल्लेबाजों से जिम्मेदारी भरी पारियां खेलने की उम्मीद थी.

पाकिस्तान ने टॉस जीत पर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया लेकिन अब्दुल्ला शफीक (09) और इमाम उल हक (12) एक बार फिर से टीम को अच्छी शुरुआत देने में नाकाम रहे. यानसन ने शफीक को शॉर्ट पिच गेंद पर पुल करने के लिए ललचाया और इस सलामी बल्लेबाज ने बैकवर्ड स्क्वायर लेग पर आसान कैच दिया. इमाम ने इसी गेंदबाज पर बेमन से ड्राइव करने के प्रयास में शॉर्ट थर्ड मैन पर कैच का अभ्यास कराया.

मोहम्मद रिजवान (27 गेंद पर 31 रन) से टीम को बड़े स्कोर की उम्मीद थी. शुरू में जीवन दान मिलने के बाद वह अच्छी लय में दिख भी रहे थे. बाएं हाथ के स्पिनर केशव महाराज पर लगाया गया उनका दर्शनीय छक्का इसका प्रमाण है, लेकिन कोएत्जी के पहले ओवर में ही शॉट पिच गेंद पर विकेट के पीछे कैच दे बैठे.

इफ्तिखार अहमद (21) को पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उतारा गया लेकिन महाराज पर लगाए गए छक्के के अलावा उनकी पारी में कुछ भी उल्लेखनीय नहीं रहा. शम्सी की गेंद पर वह सही टाइमिंग से शॉट नहीं लगा पाए और गेंद हवा में उछलकर गई जिसे हेनरिक क्लासेन ने दौड़ लगाकर कैच में तब्दील कर दिया.

बाबर टूर्नामेंट में तीसरी बार अर्धशतक को शतक में नहीं बदल पाए. वह नैर्सिगक अंदाज में बल्लेबाजी कर रहे थे लेकिन 64 गेंद पर अर्धशतक पूरा करने के बाद शम्सी की गेंद उनके दस्तानों को चूमकर विकेटकीपर क्विंटन डिकॉक के दस्तानों में समा गई. बाबर ने अपनी 65 गेंद की पारी में चार चौके और एक छक्का लगाया.

पाकिस्तान अगर 250 रन के पार पहुंच पाया तो इसका श्रेय शकील और शादाब के बीच छठे विकेट के लिए 84 रन की साझेदारी हो जाता है. शादाब ने शम्सी और महाराज दोनों पर छक्के लगाए जबकि शकील ने अपनी पारी में सात चौके जड़े. शादाब के 40वें और शकील के 43वें ओवर में आउट होने से पाकिस्तान के पास डेथ ओवरों के लिए कोई विशेषज्ञ बल्लेबाज नहीं बचा था. निचले क्रम में मोहम्मद नवाज ने 24 रन का योगदान दिया.

Related Articles

Back to top button