
इंदौर/देवास. कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाद्रा ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल की नीति सरकारी कंपनियों का नियंत्रण उद्योगपतियों को सौंपने की है. उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) और अखिल भारतीय आयुर्वज्ञिान संस्थान (एम्स) जैसे संस्थानों की स्थापना के पीछे देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का विचार देश को आगे ले जाना था.
चुनावी राज्य मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के सांवेर में एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ”कांग्रेस एम्स जैसे बड़े अस्पताल और आईआईएम लेकर आई और इसके पीछे जवाहरलाल नेहरू की सोच ऐसे संस्थान स्थापित करने की थी जो देश को आगे ले जाएं.” उन्होंने आरोप लगाया, ”लेकिन सरकार द्वारा संचालित कंपनियों को उद्योगपतियों को सौंपना और लोगों की जेब से पैसा निकालना भाजपा की नीति बन गई है.”
भारत हेवी इले्ट्रिरकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) की स्थिति को लेकर भाजपा के नेतृत्व वाले केंद्र पर निशाना साधते हुए गांधी ने दावा किया कि सरकार द्वारा संचालित कंपनियां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उद्योगपति मित्रों को दे दी गई हैं. उन्होंने कहा कि नौकरियों का निजीकरण हो रहा है, सरकारी कर्मचारियों की पेंशन बंद कर दी गई है और कर्मचारियों को डर है कि उनके पैसे का क्या होगा.
उन्होंने कहा, ”मोदी कहते हैं कि पिछले 70 साल (कांग्रेस शासन) में कुछ नहीं हुआ… जिस स्कूल में मोदी जी पढ़ते थे, वह कांग्रेस ने बनवाया था… मुझे नहीं पता कि मोदी जी कॉलेज गए थे या नहीं, लेकिन कम से कम उनकी डिग्री का प्रमाणपत्र (संपूर्ण राजनीति विज्ञान में) कांग्रेस द्वारा दिए गए कंप्यूटर से मुद्रित किया गया होगा.” कांग्रेस महासचिव ने कहा कि उस समय उनके पिता राजीव गांधी प्रधानमंत्री थे और वह देश में कंप्यूटर लाना चाहते थे, लेकिन ‘ऐसे लोगों ने इसका विरोध किया’ था.
प्रियंका गांधी ने कांग्रेस के उन वादों को दोहराया जिसमें प्रति क्विंटल गेहूं के लिए 2,600 रुपये और प्रति क्विंटल धान के लिए 2,500 रुपये का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी), कृषि ऋण माफी, 100 यूनिट तक मुफ्त बिजली और 200 यूनिट तब बिजली के उपयोग पर आधा टैरिफ, सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना, 500 रुपये में रसोई गैस (एलपीजी) का सिलेंडर और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करना शामिल है.
अन्य बातों के अलावा, उन्होंने पार्टी की कुछ अन्य गारंटी का भी उल्लेख किया, जिनमें जाति जनगणना, दो लाख सरकारी पदों को भरना, भर्ती परीक्षाओं के लिए शुल्क माफी और छात्रवृत्ति के साथ 12वीं कक्षा तक मुफ्त शिक्षा शामिल है. 230 सदस्यीय मध्य प्रदेश विधानसभा के लिए चुनाव 17 नवंबर को होगा और वोटों की गिनती तीन दिसंबर को होगी.
प्रियंका ने लोगों से धार्मिक आधार पर वोट देने से बचने का आग्रह किया
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने मध्य प्रदेश की सत्तारूढ. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर बुधवार को निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव के दौरान धर्म का मुद्दा उठाया जाता है. वाद्रा ने लोगों से धार्मिक आधार पर वोट देने से बचने का आग्रह किया. कांग्रेस महासचिव देवास जिले के खातेगांव में कांग्रेस प्रत्याशी दीपक जोशी के पक्ष में एक जनसभा को संबोधित कर रही थीं.
उन्होंने उपस्थित लोगों से सवाल किया, ”लोग कहते हैं कि मध्य प्रदेश आरएसएस की प्रयोगशाला है जब भी चुनाव आते हैं, धर्म का मुद्दा उठाया जाता है… हर किसी की भावनाएं धर्म से जुड़ी होती हैं, चाहे वह किसी भी धर्म को मानने वाला हो. जब धर्म का इस्तेमाल किया जा रहा है और वोट मांगे जा रहे हैं, तो क्या आप अपनी आंखें नहीं खोलेंगे?” उन्होंने कहा, ”सबसे बड़ा राजनीतिक उद्देश्य यह है कि आपको (लोगों) सेवाएं मिलें, प्रगति हो, देश मजबूत हो.” वाद्रा ने आरोप लगाया कि राजनीति के लिए लोगों को धार्मिक आधार पर आपस में लड़ाया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि लोगों को धार्मिक आधार पर वोट देने के बजाय नेताओं से काम का हिसाब मांगना चाहिए. उन्होंने कहा, ”सरकार अग्निपथ योजना लेकर आई, जो देश की सेवा करने वाले किसानों के बेटों के लिए सेना में अस्थायी नौकरियां प्रदान करती है. लेकिन वे (सत्ता में बैठे लोग) अपने बेटों के लिए विदेश में पढ.ाई की, उनके लिए महंगी गाड़ियों और महलों की व्यवस्था करते हैं.” उन्होंने कहा, कर्नाटक, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और छत्तीसगढ. में कांग्रेस सरकारों ने किसानों, महिलाओं और युवाओं से किए गए विभिन्न वादे पूरे किए हैं.
वाद्रा ने प्रश्नात्मक लहजे में कहा, ”लेकिन इसके विपरीत मध्य प्रदेश में भाजपा सरकार ने चुनाव नजदीक आने पर लाडली बहना जैसी योजनाएं लागू कीं. पिछले 18 वर्षों में सरकार कहां थी?” उन्होंने केंद्र और मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार पर निशाना साधा और उन पर महंगाई पर लगाम लगाने में नाकाम रहने का आरोप लगाया.
उन्होंने कहा, ” पिछले 18 वर्षों से भाजपा के सत्ता में रहने के बावजूद मध्य प्रदेश में सरकारी पद खाली क्यों हैं?” मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार पर भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताएं बरतने और भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप लगाते हुए वाद्रा ने कहा कि वह ऐसे घोटालों की लंबी सूची पढ.कर थक गई हैं.
उन्होंने कहा, ”देश के किसी भी राज्य में इतने बड़े पैमाने पर भर्ती में घोटाले नहीं हुए.” उन्होंने उद्योगपति गौतम अडाणी का जिक्र करते हुए दावा किया कि युवा सरकारी नौकरी चाहते हैं क्योंकि इस प्रकार का रोजगार निजी क्षेत्र की नौकरियों के विपरीत सुरक्षा और भविष्य प्रदान करता है, लेकिन सभी सरकारी कंपनियां, जो नौकरियां देती थीं, उन्हें (सरकार द्वारा) बेच दिया गया है. हवाई अड्डे अडाणी को दिए गए हैं.
उन्होंने पूछा, ”क्या अडाणी आपको सरकारी नौकरी दे पाएगा या पेंशन दिला पाएगा?” कांग्रेस नेता ने कहा, ‘सरकारी कर्मचारी, जिनकी पेंशन का पैसा हर महीने उनके वेतन से कट जाता है, उन्हें नहीं पता कि यह राशि कहां निवेश की जा रही है. इसलिए वे पुरानी पेंशन योजना चाहते हैं.”
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर यह कहने के लिए निशाना साधा कि कांग्रेस ने 70 वर्षों में कुछ नहीं किया. वाद्रा ने कहा,”अगर ऐसा है, तो जिन कंपनियों को वह अपने दोस्तों को बेच रहे हैं, उन्हें किसने बनाया?” वाद्रा ने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 22,000 घोषणाएं की, जिनमें से 22 भी पूरी नहीं हुईं.
उन्होंने आरोप लगाया कि महंगाई के कारण किसानों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है और किसानों की समस्याओं के लिए सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया. जाति आधारित जनगणना के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा नेता अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए वादे करते हैं, लेकिन जब उनसे उनकी गणना कराने के बारे में पूछा जाता है तो वे चुप हो जाते हैं. मध्य प्रदेश में जाति आधारित गणना कराना कांग्रेस के प्रमुख वादों में से एक है.
उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण की बात तो हो रही है, लेकिन अगले 10 साल तक महिलाओं को इसका लाभ नहीं मिल पाएगा. वाद्रा ने कहा, ”जब तक आप इस प्रकार की राजनीति को बढ.ावा देंगे जिसमें धर्म और जाति शामिल है, केवल राजनेताओं के बच्चे ही समृद्ध होंगे.” उनके मुताबिक, मोदी सरकार में किसान प्रतिदिन सिर्फ 27 रुपये कमा रहे हैं जबकि प्याज 100 रुपये प्रति किलो बिक रही है.
उन्होंने कहा, ”जहां किसान हर दिन 27 रुपये कमा रहे हैं, वहीं अडाणी जी प्रति दिन 1,600 करोड़ रुपये कमा रहे हैं.”
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी कुछ सड़कों के सौंदर्यीकरण और नए संसद भवन के निर्माण पर 20,000 करोड़ रुपये खर्च कर रहे हैं, लेकिन उनके पास पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) और किसानों की कर्ज माफी के लिए पैसे नहीं हैं. उन्होंने कहा, ”किसान एक साल तक काले कानूनों के विरोध में बैठे रहे, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने इस पर ध्यान नहीं दिया.” वाद्रा ने इंदौर-1 विधानसभा सीट पर एक रोड शो भी किया, जहां से भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय मौजूदा कांग्रेस विधायक संजय शुक्ला के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं.



