मेरा काम खुद को बेवकूफ दिखाकर लोगों को थोड़ा इंसान बनाना है : वीर दास

दर्शकों की हंसी हमेशा अपनी खुद की प्रशंसा से अधिक कीमती रहेगी : वीर दास

नयी दिल्ली. हास्य कलाकार वीर दास का कहना है कि उनके लिए दर्शकों की हंसी हमेशा अपनी खुद की प्रशंसा से अधिक कीमती रहेगी. वीर दास ने नेटफ्लिक्स पर प्रसारित अपने विशेष स्टैंड अप कॉमेडी शो ‘वीर दास: लैंडिंग’ के लिए सर्वश्रेष्ठ हास्य सीरीज श्रेणी में अंतरराष्ट्रीय एम्मी पुरस्कार जीता है. यह पुरस्कार जीतने वाले वह पहले भारतीय अभिनेता हैं.

पुरस्कार समारोह सोमवार रात को अमेरिका के न्यूयॉर्क सिटी में न्यूयॉर्क हिल्टन मिडटाउन में आयोजित किया गया था. दास दूसरी बार एम्मी पुरस्कार के लिए नामित हुए और इस श्रेणी में उन्होंने पहली बार पुरस्कार जीता. दास ने ब्रिटिश किशोरों के लोकप्रिय हास्य कार्यक्रम ‘डेरी गर्ल्स’ के तीसरे सीजन के साथ यह ट्रॉफी साझा की.

वीर दास ने पीटीआई-भाषा को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दिए एक विशेष साक्षात्कार में कहा, ” मेरा काम खुद को बेवकूफ दिखाकर लोगों को थोड़ा इंसान बनाना है… मैं तो उम्मीद करता हूं कि हम सब थोड़े थोड़े नामसझ और मूर्ख बनते रहें . ” अभिनेता का मानना है कि भारतीय कॉमेडी का भविष्य जबरदस्त है.

वीर दास ने कहा, ” मैं ठीक से सो नहीं पाया हूं. फोन भी पगला गया है. (लोग मुझे लगातार फोन कर रहे हैं) लेकिन मैं शुक्रगुजार हूं. अभी खुशी का खुमार उतरा नहीं है. खुशकिस्मती से मेरी वापसी की उड़ान काफी लंबी है तो मुझे सोचने विचारने के लिए काफी समय मिलेगा.” उन्होंने कहा,” अपने भाषण में, मैंने भारतीय लोगों को उनकी हंसी के लिए धन्यवाद दिया. मैंने कहा कि यह मेरे जीवन का साउंडट्रैक है. ”

अभिनेता ने कहा, ” मुझे उन्हें (दर्शकों को) हंसाना होगा. वो तो यही कहेंगे कि ‘हमने इसके लिए भुगतान किया है, इसलिए हमें हंसाओ.” देहरादून में जन्मे दास ने अपने जीवन के 14 साल नाइजीरिया के लागोस में बिताए. वह हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर और अमेरिका में भी रहे हैं.

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