
नयी दिल्ली/कोलकाता/श्रीनगर/त्रिशूर. विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के कुछ घटक दलों के प्रमुख नेताओं की अनुपलब्धता के चलते अब इनकी बैठक इस महीने के तीसरे सप्ताह में होगी. हालांकि, गठबंधन के घटक दलों के संसदीय दल के नेता बुधवार शाम कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर होने वाली समन्वय बैठक में शामिल होंगे.
खरगे के कार्यालय से संबद्ध और कांग्रेस कार्य समिति के स्थायी आमंत्रित सदस्य गुरदीप सप्पल ने कहा कि अब छह दिसंबर की शाम छह खरगे के आवास पर ‘इंडिया’ गठबंधन के (घटक दलों) के संसदीय दल के नेताओं की ‘समन्वय बैठक’ होगी. उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”इंडिया गठबंधन के (घटक दलों) के संसदीय दल के नेताओं की समन्वय बैठक 6 दिसंबर 2023 को शाम छह बजे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी के आवास पर होगी. इसके बाद पार्टी अध्यक्षों/ प्रमुख नेताओं की बैठक दिसंबर के तीसरे सप्ताह में सभी के लिए सुविधाजनक तिथि को निर्धारित करने के बाद आयोजित की जाएगी.”
कांग्रेस सूत्रों ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ”तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और द्रमुक के नेता एमके स्टालिन चक्रवात के कारण पैदा हुए हालात के चलते बैठक में शामिल नहीं हो सकते थे. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अस्वस्थ हैं तथा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के परिवार में वैवाहिक कार्यक्रम है. ऐसे में आगे की तिथि के लिए बैठक को स्थगित किया गया है.” यह बैठक ऐसे समय होने वाली थी, जब मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ. और राजस्थान के हालिया विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा है. कांग्रेस ने तेलंगाना में जीत दर्ज की है.
बैठक को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि वह बुधवार की बैठक में शामिल नहीं होंगे. हालांकि, उन्होंने दावा किया है कि हाल में चार राज्यों के विधानसभा चुनावों के परिणाम आने के बाद ‘इंडिया’ गठबंधन और मजबूत होगा.
नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को कहा कि तीन राज्यों में विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जीत ‘इंडिया’ गठबंधन की हार नहीं है, क्योंकि विपक्षी दलों ने साथ मिलकर चुनाव नहीं लड़ा था. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजीव शुल्का ने कहा कि ‘इंडिया’ गठबंधन पूरी तरह एकजुट है. चुनावी हार के बाद ‘इंडिया’ गठबंधन के कुछ घटक दलों ने कांग्रेस पर सवाल खड़े किए.
नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने सोमवार को कहा था कि कांग्रेस ने मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ. के विधानसभा चुनावों में ”इंडिया” गठबंधन के साझेदारों के साथ कोई तालमेल नहीं कर अकेले चुनाव लड़कर गलती की. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी ने सोमवार को दावा किया था कि तीन राज्यों में विधानसभा चुनाव में हार का सामना करने वाली कांग्रेस आत्ममुग्धता से पीड़ित है और उससे अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले अपनी ह्लआंतरिक कलहह्व से निपटने का आह्वान किया.
अगले लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का मुकाबला करने के लिए 26 विपक्षी दलों ने ‘इंडिया’ गठबंधन बनाया है. ‘इंडिया’ गठबंधन की अब तक तीन बैठक पटना, बेंगलुरु और मुंबई में हो चुकी हैं. गठबंधन के घटक दलों के नेताओं की मुंबई में हुई बैठक में गठबंधन के भविष्य के कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने के लिए 14 सदस्यीय समन्वय समिति का गठन किया गया था. समन्वय समिति विपक्षी गठबंधन की शीर्ष निर्णय लेने वाली संस्था के रूप में कार्य करेगी.
हमें कोई बांट नहीं सकता, हम अपने देश से प्यार करते हैं: फिल्म महोत्सव के उद्घाटन पर ममता बनर्जी
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को कहा कि कोई भी ताकत देश को विभाजित नहीं कर सकती. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सभी धर्मों, जातियों और पंथों के लोग मातृभूमि के प्रति प्रेम की सामूहिक अभिव्यक्ति के रूप में एकजुट रहेंगे.
बनर्जी ने कोलकाता अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (केआईएफएफ) के 29वें संस्करण के उद्घाटन सत्र के दौरान ये टिप्पणी की.
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद और अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा ने अच्छे लोगों से राजनीति में आने का आग्रह किया. उनकी टिप्पणी पर बनर्जी ने भी सहमति व्यक्त की.
मुख्यमंत्री ने कहा, ”शत्रुघ्न सिन्हा कह रहे थे कि हमें किसी से नहीं डरना चाहिए. हां, हमें किसी से नहीं डरना चाहिए; कोई भी ताकत हमें विभाजित नहीं कर सकती. सभी धर्म, जाति और पंथ एकजुट रहेंगे, क्योंकि हम सभी देश से प्यार करते हैं.” बनर्जी ने बिना किसी का नाम लिए वैचारिक संघर्ष जारी रखने के महत्व पर जोर दिया.
राज्य विधानसभा चुनावों में भाजपा की जीत ‘इंडिया’ गठबंधन की हार नहीं :उमर अब्दुल्ला
नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को कहा कि तीन राज्यों में विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जीत ‘इंडिया’ गठबंधन की हार नहीं है, क्योंकि विपक्षी दलों ने साथ मिलकर चुनाव नहीं लड़ा था.
भाजपा ने मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ. विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को रविवार को करारी शिकस्त देकर हिंदी भाषी राज्यों में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली.
अब्दुल्ला ने अपने दादा शेख मोहम्मद अब्दुल्ला की 118वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि देने के बाद संवाददाताओं से कहा, ”इंडिया गठबंधन नाकाम नहीं हुआ है, कांग्रेस इन चुनावों में कुछ हद तक असफल रही और यह इसका कारण बखूबी जानती है.” उन्होंने कहा, ”ये चुनाव गठबंधन के तहत नहीं लड़े गए. दलों ने अलग-अलग लड़ा. कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा) आम आदमी पार्टी (आप) और अन्य दलों ने अपने-अपने उम्मीदवार उतारे थे. इसलिए, मैं इसे इंडिया गठबंधन की हार के रूप में नहीं देखता, क्योंकि हमने गठबंधन के तहत नहीं चुनाव लड़ा.” नेकां उपाध्यक्ष ने कहा कि विपक्षी गठबंधन को चुनावों के दौरान अपने नेताओं द्वारा एक-दूसरे के खिलाफ दिये गए बयानों से हुए नुकसान का अब आकलन करना होगा.
कांग्रेस को यह तय करना होगा कि राहुल गांधी भाजपा से मुकाबला करेंगे या एलडीएफ से : विजयन
केरल के मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन ने मंगलवार को कहा कि अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव में वायनाड से राहुल गांधी को उम्मीदवार बना कांग्रेस को यह तय करना होगा कि वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से लड़ेगी या एलडीएफ (वाम लोकतांत्रिक मोर्चा) से.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस और एलडीएफ दोनों विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ (इंडियन नेशनल डेवेलपमेंट इन्क्लूसिव एलायंस) का हिस्सा हैं जिसे अगले साल होने वाले आम चुनाव में भाजपा को सत्ता से बाहर करने के लिए बनाया गया है. विजयन ने कहा कि अगर गठबंधन की जरूरत नहीं है तो फिर केरल में कांग्रेस और एलडीएफ के बीच मुकाबला होगा. उन्होंने यह स्पष्ट किया कि एलडीएफ वायनाड में अपना उम्मीदवार खड़ा करेगी.
उन्होंने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ”कांग्रेस को यह तय करना होगा कि राहुल गांधी को केरल में भाजपा के खिलाफ लड़ना है या एलडीएफ के खिलाफ . क्या केरल में आप यह कह सकते हैं कि आप भाजपा से लड़ रहे हैं या प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं?” मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इंडिया गठबंधन यह तय नहीं करेगा कि सदस्य दल कहां अपने उम्मीदवार खड़े करेंगे. उनकी यह टिप्पणियां तब आयी है जब एक दिन पहले केरल में सत्तारूढ. मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने राहुल गांधी के वायनाड से चुनाव लड़ने के कथित फैसले की आलोचना की.



