
नयी दिल्ली. कांग्रेस ने लोकसभा से विपक्ष के और 49 सदस्यों के निलंबन को लेकर मंगलवार को सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि ‘दमनकारी’ विधेयकों को चर्चा के बिना पारित कराने के लिए सदन से विपक्ष का सफाया किया जा रहा है. पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि निरंकुश भाजपा इस देश में लोकतंत्र को ध्वस्त करना चाहती है.
खरगे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “संसद से कुल 141 विपक्षी सांसदों का निलंबन हमारे इस आरोप को पुष्ट करता है कि निरंकुश भाजपा इस देश में लोकतंत्र को ध्वस्त करना चाहती है.” लोकसभा में तख्तियां दिखाने और सदन की अवमानना करने को लेकर मंगलवार को फारूक अब्दुल्ला, शशि थरूर, मनीष तिवारी और सुप्रिया सुले सहित 49 और विपक्षी सदस्यों को संसद के वर्तमान शीतकालीन सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया.
सदन की अवमानना के मामले में अब तक कुल 95 लोकसभा सदस्यों को निलंबित किया जा चुका है. इससे पहले गत सप्ताह बृहस्पतिवार को 13 सदस्यों को और सोमवार को 33 सदस्यों को निलंबित कर दिया गया था. खरगे ने कहा, “हम सभी जानते हैं कि आपराधिक कानून संशोधन जैसे प्रमुख विधेयक सूचीबद्ध हैं जो नागरिकों के अधिकारों में बाधा डालते हैं. मोदी सरकार नहीं चाहती कि इन विधेयकों पर चर्चा और विचार-विमर्श के दौरान भारत के लोग विपक्ष की बात सुनें.”
कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि भाजपा ने लोकतंत्र को नष्ट करने के लिए ” निलंबित करो, बाहर निकालो और रौंद दो” की रणनीति अपनाई है! खरगे ने कहा कि संसद की सुरक्षा में गंभीर चूक पर केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा संसद में बयान देने और उस पर विस्तृत चर्चा संबंधी मांग यथावत बनी हुई है.
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ” आज लोकसभा से ‘इंडिया’ गठबंधन के करीब 50 और सांसदों को निलंबित कर दिया गया ! विपक्ष का पूर्ण सफाया किया जा रहा है ताकि दमनकारी विधेयकों को बिना किसी सार्थक चर्चा के पारित कराया जा सके और 13 दिसंबर को लोकसभा में दो लोगों को प्रवेश की सुविधा प्रदान कराने वाले भाजपा सांसद बेदाग हो जाएं.”



