सर्वश्रेष्ठ झांकी: ओडिशा को पहला पुरस्कार, गुजरात की झांकी को लोगों की पसंद श्रेणी में शीर्ष स्थान

नयी दिल्ली. देश के 75वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर परेड के दौरान ओडिशा में महिला सशक्तीकरण के साथ ही राज्य के समृद्ध हस्तशिल्प और हथकरघा क्षेत्र को प्रर्दिशत करने वाली राज्य की रंग-बिरंगी झांकी को विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा प्रर्दिशत झांकियों में प्रथम पुरस्कार मिला है. अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी.

धोरडो पर्यटन गांव को प्रर्दिशत करने वाली गुजरात की झांकी ने लोगों की पसंद श्रेणी में पहला स्थान अर्जित किया है. दोनों श्रेणियों में सर्वश्रेष्ठ झांकी के पुरस्कारों की घोषणा मंगलवार को की गई और यहां दिल्ली छावनी में आयोजित एक समारोह के दौरान उन्हें प्रदान किया गया.

अधिकारियों ने बताया कि परंपरागत परेड के दौरान विभिन्न मंत्रालयों और विभागों द्वारा प्रर्दिशत की गई झांकियों में ‘भारत: लोकतंत्र की जननी’ विषयक संस्कृति मंत्रालय की झांकी को प्रथम पुरस्कार मिला है. अधिकारियों ने बताया कि ‘जीवंत गांवों’ को दर्शाने वाली गृह मंत्रालय की झांकी को दूसरा पुरस्कार मिला है. गणतंत्र दिवस के भव्य समारोह के दौरान राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कुल 16 और केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों से नौ झांकियां कर्तव्य पथ पर निकलीं. इस समारोह के दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों उपस्थित थे.

जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने अपनी झांकियां प्रस्तुत कीं उनमें अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, मणिपुर, मध्य प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़, राजस्थान, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, लद्दाख, तमिलनाडु, गुजरात, मेघालय, झारखंड, उत्तर प्रदेश और तेलंगाना शामिल थे.
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “ओडिशा की झांकी निर्णायकों की पसंद श्रेणी में पहले स्थान पर रही, जबकि गुजरात की झांकी ने लोगों की पसंद श्रेणी में शीर्ष स्थान हासिल किया.”

उन्होंने बताया कि निर्णायकों की पसंद श्रेणी में गुजरात दूसरे स्थान पर रहा जबकि तमिलनाडु तीसरे स्थान पर रहा. लोगों की पसंद श्रेणी में उत्तर प्रदेश को दूसरा और आंध्र प्रदेश को तीसरा स्थान मिला. लोगों की पसंद श्रेणी में विजेताओं का चयन करने के लिए, माईजीओवी मंच के माध्यम से सार्वजनिक मतदान किया गया था.

ओडिशा की विजेता झांकी के मध्य भाग में सजीव प्रदर्शनों के माध्यम से हस्तशिल्प और हथकरघा क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी पर प्रकाश डाला गया और उन्हें नकद रहित लेनदेन और ई-प्लेटफॉर्म मार्केटिंग में संलग्न दिखाते हुए प्रौद्योगिकी के अनुसार उनके ढलने को दर्शाया गया.

झांकी पर एक बड़ा छाता “विकसित भारत” कार्यक्रम के तहत कारीगरों को केंद्र और राज्य सरकारों के “पूरे दिल से” समर्थन को दर्शाता है. “कोणार्क मंदिर का घोड़ा” विकसित भारत को आकार देने में ओडिशा की तीव्र प्रगति का प्रतीक है. झांकी में दिव्य हाथी “कंदर्प हस्ती” ओडिशा की महिलाओं के “विकसित भारत” के प्रति समर्पण का प्रतीक है, जो भगवान श्रीकृष्ण के प्रति गोपियों की भक्ति के समान है.

गुजरात की झांकी में कच्छ की कला और संस्कृति के दिलचस्प पहलुओं को शामिल किया गया था. यह झांकी ‘धोरडो: गुजरात के सीमांत पर्यटन की वैश्विक पहचान’ विषय पर आधारित थी. तमिलनाडु की झांकी ने कुदावोलाई चुनावी प्रणाली के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला, जो 10वीं शताब्दी के चोल काल के दौरान उभरा और लोकतंत्र की दिशा में एक प्रारंभिक कदम था.

रामलला की एक कलात्मक प्रतिमा इस साल के गणतंत्र दिवस परेड में उत्तर प्रदेश की झांकी में शामिल की गई थी. रामलला की नयी प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा हाल ही में अयोध्या में निर्मित एक भव्य मंदिर में की गई थी. झांकी में देश में संचालित पहले हाई-स्पीड रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) को भी दर्शाया गया. इसे अक्टूबर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा इसके पहले गलियारे के प्राथमिकता खंड पर शुरू किया गया था.

वर्ष 2022 में उत्तर प्रदेश की झांकी ने शीर्ष पुरस्कार जीता था. उस वर्ष की झांकी ‘एक जिला एक उत्पाद और काशी विश्वनाथ धाम’ विषय पर आधारित थी. वहीं गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने गणतंत्र दिवस परेड के दौरान धोरडो पर्यटन गांव पर प्रर्दिशत राज्य की झांकी को लोगों की पसंद श्रेणी में पहला स्थान मिलने पर प्रसन्नता जताई.

सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में मुख्यमंत्री पटेल ने कहा, ”मुझे आपको यह बताते हुए बेहद खुशी हो रही है कि गणतंत्र दिवस समारोह के हिस्से के रूप में नयी दिल्ली के कर्तव्यपथ में आयोजित परेड में प्रर्दिशत गुजरात की झांकी ने लोगों की पसंद श्रेणी में पहला स्थान हासिल किया है. उन्होंने बताया कि निर्णायकों की पसंद की श्रेणी में भी गुजरात की झांकी को दूसरा स्थान मिला है.” नयी दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड में भाग लेने वाली ओडिशा की झांकी को प्रथम पुरस्कार मिलने पर मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा कि यह गर्व की बात है.

पटनायक ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”नयी दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड में शामिल राज्य की झांकी का पुरस्कार के लिए चयन होना गर्व की बात है. महिला सशक्तीकरण के विषय को चित्रकला और हस्तशिल्प तथा कुटीर उद्योगों की शानदार कलाकृतियों में खूबसूरती से व्यक्त किया गया है. इसे बनाने वालों को मेरी शुभकामनाएं. बहुत दिलचस्प.”

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