अमृतपाल सिंह के खिलाफ कार्रवाई: पंजाब पुलिस ने पांच व्यक्तियों के खिलाफ लगाया रासुका

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 20 Mar 2023 08:13 PM
अमृतपाल सिंह के खिलाफ कार्रवाई: पंजाब पुलिस ने पांच व्यक्तियों के खिलाफ लगाया रासुका
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चंडीगढ़/शिमला/डिब्रूगढ़. पंजाब पुलिस ने सोमवार को कहा कि उसने कट्टरपंथी उपदेशक अमृतपाल सिंह के संगठन ‘वारिस पंजाब दे’ से जुड़े पांच व्यक्तियों के खिलाफ सख्त राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लगाया है. पंजाब के पुलिस महानिरीक्षक (मुख्यालय) सुखचैन सिंह गिल ने यहां मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि कट्टरपंथी उपदेशक अमृतपाल सिंह फरार है और उसे पकड़ने के प्रयास जारी हैं.

उन्होंने कहा कि ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन के तत्वों के खिलाफ कार्रवाई में अब तक छह प्राथमिकी दर्ज की गई हैं और 114 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है. गिल ने यह भी कहा कि पुलिस को मामले में ‘‘आईएसआई पहलू’’ और विदेशी वित्तपोषण का संदेह है. उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि संगठन से जुड़े पांच व्यक्तियों के खिलाफ रासुका लगाया गया है.

गिरफ्तार किये गए चार व्यक्तियों-दलजीत सिंह कलसी, भगवंत सिंह, गुरमीत सिंह और पी. बजेके के खिलाफ सख्त कानून लागू किया गया है, जिन्हें असम की डिब्रूगढ़ केंद्रीय जेल में स्थानांतरित कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि जालंधर में शनिवार रात आत्मसमर्पण करने वाले हरजीत सिंह के खिलाफ भी रासुका लगाया गया है. पुलिस ने कहा कि अमृतपाल सिंह के चाचा हरजीत सिंह को भी डिब्रूगढ़ केंद्रीय जेल ले जाया जाएगा.

गिल ने कहा कि कट्टरपंथी उपदेशक के खिलाफ कार्रवाई के मद्देनजर पुलिस राज्य में फ्लैग मार्च कर रही है और सभी जिलों में शांति समितियों की बैठकें हो रही हैं. उन्होंने कहा कि पंजाब में पूरी तरह से शांति है. अधिकारी ने लोगों से अफवाहों और फर्जी खबरों पर ध्यान नहीं देने का आग्रह भी किया और कहा कि इसमें शामिल पाये गए व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

पुलिस ने शनिवार को अमृतपाल और उसके संगठन ‘वारिस पंजाब दे’ के सदस्यों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई शुरू की थी. हालांकि, अमृतपाल पुलिस को तब चकमा देकर फरार हो गया जब उसके काफिले को जालंधर जिले में रोका गया.

अमृतपाल सिंह के खिलाफ कार्रवाई के मद्देनजर हिमाचल में अलर्ट जारी
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखंिवदर सिंह सुक्खू ने सोमवार को कहा कि कट्टरपंथी उपदेशक अमृतपाल सिंह के खिलाफ कार्रवाई के मद्देनजर राज्य ‘हाई अलर्ट’ पर है और पंजाब से लगी सीमा की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि पंजाब से लगी सीमा पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है. उन्होंने कहा कि राज्य के बाहर से आने वाले पर्यटकों को किसी भी तरह की असुविधा न हो और कोई भी अवांछित तत्व राज्य में प्रवेश न करें, इसके लिए निर्देश जारी किये गये हैं.

मुख्यमंत्री ने कहा, “ंिचता की कोई बात नहीं है. हम किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं.” पंजाब के स्थानीय लोगों और पर्यटकों के बीच हालिया झड़पों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “कुछ असामाजिक लोग माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हम सभी इस देश के नागरिक हैं. पंजाब और हिमाचल के लोग भाई जैसे हैं.” सुक्खू ने कहा, “जरूरत पड़ी तो मैं पंजाब के मुख्यमंत्री से बात करूंगा.” गौरतलब है कि पंजाब पुलिस ने शनिवार को अमृतपाल और उनके संगठन ‘वारिस पंजाब दे’ के सदस्यों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू की थी.

डिब्रूगढ़ जेल में बंद अमृतपाल के चार साथियों की सुरक्षा पर चर्चा करेगा असम
कट्टरपंथी उपदेशक अमृतपाल सिंह के चार सहयोगियों को गिरफ्तार किये जाने के उपरांत यहां के जेल में रखे जाने के बाद असम के पुलिस महानिरीक्षक (कानून व्यवस्था) प्रशांत कुमार भुइयां सुरक्षा मुद्दों पर उच्चस्तरीय बैठक के लिये सोमवार को यहां पहुंचे. अधिकारियों ने यह जानकारी दी.

चारों आरोपियों को पंजाब से गिरफ्तार किया गया था. पंजाब पुलिस उन्हें लेकर 19 मार्च को पूर्वोत्तर के इस राज्य में आई थी, जिसके बाद उन्हें डिब्रूगढ़ केंद्रीय कारागार में रखा गया. जेल तथा इसके आस-पास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गयी है, जिसके बाद अटकलों का बाजार गर्म है कि अमृतपाल की अगुवाई वाले संगठन का एक बेहद महत्वपूर्ण सदस्य इनमें शामिल है.

वरिष्ठ पुलिस एवं जिला अधिकारियों ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया है . पंजाब पुलिस के दल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को आरोपियों की पहचान दलजीत सिंह कलसी, भगवंत सिंह, गुरमीत सिंह और प्रधानमंत्री बजेका के तौर पर की थी .

अमृतपाल सिंह की अगुवाई वाले संगठन ‘वारिस पंजाब दे’ के खिलाफ पंजाब पुलिस के बड़े अभियान में शनिवार को 78 लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जिसमें ये चारों भी शामिल हैं . अमृतपाल कई आपराधिक मामलों में पुलिस को वांछित है. उच्च स्तरीय बैठक के बाद भुइयां इस मामले में मीडिया को जानकारी देंगे. वह पुलिस के प्रवक्ता भी हैं.

असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने शनिवार को कहा था कि कभी-कभी किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी किसी और राज्य में होती है और उन्हें किसी और प्रदेश की जेल में रखा जाता है. शर्मा ने कहा कि पंजाब पुलिस ने चार लोगों को भेजा है और ‘‘हम उन्हें पूरी सुरक्षा मुहैया कराएंगे.’’ आप शासित पंजाब की 27 सदस्यीय पुलिस टीम चारों आरोपियों के साथ 2,500 किमी दूर भाजपा शासित असम के डिब्रूगढ़ आई थी. पुलिस के इस दल में महानिरीक्षक स्तर का भी एक अधिकारी शामिल था. हालांकि, डिब्रूगढ़ के पुलिस अधीक्षक श्वेतांक मिश्र समेत कोई भी अधिकारी यह बताने को तैयार नहीं है कि इन चारों को पंजाब से असम क्यों लाया गया है.

खालिस्तान समर्थक कट्टर उपदेशक अमृतपाल सिंह की तलाश जारी; चाचा व चालक का आत्मसमर्पण
खालिस्तान समर्थक कट्टर उपदेशक अमृतपाल सिंह के चाचा और चालक ने जालंधर में पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया, जबकि सिंह अब भी फरार है. वहीं पंजाब सरकार ने मोबाइल इंटरनेट और एसएमएस (संदेश) सेवाओं पर रोक मंगलवार दोपहर तक बढ़ा दी है. खालिस्तान समर्थक कट्टर उपदेशक सिंह की तलाश सोमवार को तीसरे दिन भी जारी है और राज्य की पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए सुरक्षा घेरा बढ़ा दिया है.

जालंधर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) स्वर्णदीप सिंह ने बताया कि अमृतपाल के चाचा हरजीत सिंह और चालक हरप्रीत सिंह ने रविवार देर रात जालंधर के मेहतपुर इलाके में एक गुरुद्वारे के पास आत्मसमर्पण कर दिया. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने कहा, ‘‘ सिंह की तलाश अब भी जारी है.’’ इस बीच, पंजाब सरकार ने मोबाइल इंटरनेट और एसएमएस (संदेश) सेवाओं पर रोक मंगलवार दोपहर तक बढ़ा दी है.

गृह विभाग तथा न्याय विभाग की ओर से सोमवार को जारी किए गए आदेशानुसार, ‘‘यह निर्देश दिया जाता है कि सभी मोबाइल इंटरनेट सेवाएं (2जी/3जी/45/5जी/सीडीएमए/जीपीआरएस), सभी एसएमएस सेवाएं (बैंंिकग और मोबाइल रिचार्ज को छोड़कर) और मोबाइल नेटवर्क पर प्रदान की जाने वाली वॉयस कॉल के अलावा सभी डोंगल सेवाएं पंजाब में 20 मार्च (दोपहर 12 बजे से) से 21 मार्च (दोपहर 12 बजे) तक सार्वजनिक सुरक्षा के हित में, किसी भी तरह की हिंसा को रोकने, शांति तथा सार्वजनिक व्यवस्था में किसी भी गड़बड़ी को रोकने के लिए निलंबित कर दी जाएं.’’ राज्य के अधिकारियों ने शनिवार को रविवार दोपहर तक इंटरनेट और एसएमएस सेवाओं पर रोक लगा दी थी. इसके बाद इसे सोमवार दोपहर तक बढ़ाया गया था.

पुलिस ने अमृतपाल और उसके संगठन ‘वारिस पंजाब दे’ के खिलाफ शनिवार को एक बड़ी कार्रवाई शुरू की थी. हालांकि जालंधर जिले में सिंह के काफिले को रोके जाने के बाद वह वहां से भाग निकला था. पुलिस ने रविवार को राज्य में ‘फ्लैग मार्च’ किया और उसके 34 और समर्थकों को गिरफ्तार किया तथा चार लोगों को हिरासत में लेकर सुदूर असम की एक जेल में स्थानांतरित कर दिया. अमृतपाल के नेतृत्व वाले ‘वारिस पंजाब दे’ के सदस्यों और राज्य में शांति व सद्भाव को भंग करने का प्रयास करने वालों के खिलाफ जारी मौजूदा अभियान के तहत राज्य की पुलिस अभी तक 112 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है.

अमृतपाल के खिलाफ यह कार्रवाई अमृतसर के नजदीक अजनाला थाने की घटना के कुछ हफ्तों बाद की जा रही है. अजनाला थाने को अमृतपाल समर्थकों ने घेर लिया था और पुलिस को यह आश्वासन देने को मजबूर किया था कि उनके एक साथी को रिहा कर दिया जाएगा. राज्य में ‘हाई अलर्ट’ है. हालांकि पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने दावा किया कि कानून एवं व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में है और उसने जनता से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है.

पुलिस ने रविवार को बताया था कि उसने अमृतपाल और उसके समर्थकों के खिलाफ जालंधर में पुलिस नाका तोड़ने और एक गांव में एक वाहन से हथियार बरामद होने के मामले में प्राथमिकी दर्ज की है. अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने भी जिले में सिंह के सात सहयोगियों की गिरफ्तारी के बाद शस्त्र अधिनियम के तहत शनिवार रात एक और प्राथमिकी दर्ज की थी. पुलिस ने आगाह किया है अफवाह फैलाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. पुलिस ने बताया कि वे विभिन्न देशों, राज्यों और शहरों से फर्जी खबरों और नफरत फैलाने वाले भाषणों पर नजर रख रहे हैं.

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