
नई दिल्ली: एआई इम्पैक्ट समिट का आगाज हो चुका है। कुछ ही देर में पीएम मोदी समिट का उद्घाटन करेंगे। केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि भारत एआई का ‘महाकुंभ’ आयोजित कर रहा है, यहां पांच दिवसीय एआई इम्पैक्ट समिट में दुनिया भर के नेता, स्टार्टअप, नवोन्मेषक और शोधकर्ता एकत्र हुए हैं।
30 से ज्यादा देशों डीपफेक पर बात कर रहा भारत- अश्विनी वैष्णव
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एआई के दुरुपयोग, गलत सूचना और डीपफेक के खतरे पर चिंता जताई है। इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में उन्होंने कहा कि सरकार मीडिया में एआई के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए कानूनी सुरक्षा ढांचा तैयार कर रही है। उन्होंने बताया कि डीपफेक और भ्रामक कंटेंट से निपटने के लिए भारत 30 से अधिक देशों के मंत्रियों के साथ तकनीकी और कानूनी समाधान पर बातचीत कर रहा है। सरकार एआई से बने कंटेंट पर वॉटरमार्क और लेबल अनिवार्य करने के लिए सख्त नियम लाने की दिशा में काम कर रही है।
एआई अब जरूरत, विकल्प नहीं- संजीव सिंह
एआई समिट के मौके पर सीआईआई द्वारा आयोजित एआई आधारित स्टार्टअप कार्यक्रम की डीपीआईआईटी के संयुक्त सचिव संजीव सिंह ने सराहना की। उन्होंने कहा कि इस मंच पर देश के शीर्ष एआई स्टार्टअप हिस्सा ले रहे हैं, जो नवाचार की मजबूत तस्वीर दिखाता है। उनके अनुसार, एआई अब देश के लिए जरूरत बन चुका है। विश्लेषणात्मक एआई के क्षेत्र में भारत दुनिया में सबसे आगे है। उन्होंने कहा कि जैसे एक्सेल आने पर लोगों ने बदलाव का डर जताया था, वैसे ही एआई को लेकर भी भ्रम है, जबकि यह मानवता की मदद करेगा।



