नयी दिल्ली. दिल्ली की एक सत्र अदालत ने एअर इंडिया के विमान में एक महिला सहयात्री पर पेशाब करने के आरोपी शंकर मिश्रा की जमानत याचिका पर सुनवाई शुक्रवार को 30 जनवरी तक के लिए स्थगित कर दी, क्योंकि इस मामले का जांच अधिकारी अदालत नहीं आया. अदालत ने इस बात का संज्ञान भी लिया कि आरोपी मिश्रा की जमानत याचिका की एक प्रति शिकायतकर्ता को उपलब्ध नहीं कराई गयी थी.
मिश्रा ने 11 जनवरी को एक मजिस्ट्रेट अदालत द्वारा उनकी जमानत अर्जी खारिज किये जाने के बाद नियमित जमानत के लिए नये सिरे से अर्जी दायर की है. मजिस्ट्रेट अदालत ने यह कहते हुए जमानत अर्जी खारिज कर दी थी कि उनके कृत्य ने लोगों की नागरिक चेतना को झकझोर दिया है और इसकी ंिनदा किये जाने की आवश्यकता है.
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हरज्योत ंिसह भल्ला ने उस वक्त मामले की सुनवाई को सोमवार तक के लिए स्थगित कर दिया, जब शिकायतकर्ता के वकील ने अदालत को सूचित किया कि उन्हें जमानत अर्जी की एक प्रति प्रदान नहीं की गई है. न्यायाधीश ने जांच अधिकारी की अनुपस्थिति पर भी गौर किया. मिश्रा पर आरोप है कि उसने पिछले साल नवंबर में विमान में एक महिला सहयात्री पर पेशाब कर दिया था.
अदालत ने जांच अधिकारी के उपस्थित नहीं रहने के कारण मामले में सुनवाई स्थगित कर दी. अदालत ने यह भी पाया कि शिकायतकर्ता के वकील को जमानत याचिका की प्रति उपलब्ध नहीं कराई गई थी. घटना 26 नवंबर, 2022 को न्यूयॉर्क से दिल्ली आ रहे एअर इंडिया के विमान में हुई थी. मिश्रा कथित रूप से नशे की हालत में था. दिल्ली पुलिस ने पीड़ित महिला की शिकायत पर चार जनवरी को मिश्रा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी.
गौरतलब है कि 13 जनवरी को मामले में आश्चर्यजनक नया मोड़ आ गया और मिश्रा के वकील ने दावा किया कि उनके मुवक्किल ने कथित अपराध नहीं किया था और शिकायतकर्ता ने खुद ही पेशाब किया था. अगले दिन, शिकायतकर्ता ने दावे को खारिज कर दिया और इसे ‘‘पूरी तरह से झूठा एवं मनगढंत’’ और ‘‘अपमानजनक एवं नीचा दिखाने वाला’’ करार दिया.