
नयी दिल्ली/रायगढ़. विपक्षी दलों के गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के कुछ घटक दलों के पाला बदलकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल होने के बीच कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने रविवार को कहा कि विपक्षी गठबंधन ”मजबूत” है और इसकी सामूहिक ताकत से चिंतित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) राजनीतिक परिदृश्य में ”उन्मत्त बदलाव” लाने की कोशिश कर रही है.
पायलट ने ‘पीटीआई-भाषा’ से एक साक्षात्कार में कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ‘इंडिया’ गठबंधन का हिस्सा हैं और उन्होंने विश्वास जताया कि उनके (बनर्जी के) साथ सीट-बंटवारे को लेकर बातचीत के दौरान आगे का कोई रास्ता निकलेगा. उन्होंने कहा कि भाजपा स्वयं को 370 सीट और राजग को 400 से अधिक सीट मिलने का दावा कर रही है, जो जमीनी स्तर पर व्यावहारिक आकलन के बजाय ”डींग हांकने वाला बयान और शब्दाडम्बर” है.
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व वाली ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ छत्तीसगढ़ से गुजर रही है. ऐसे में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) की छत्तीसगढ़ इकाई के प्रभारी महासचिव ने इन बातों को खारिज कर दिया कि यह यात्रा पार्टी की चुनावी तैयारियों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है.
पायलट ने कहा, ”जैसा कि हम बता रहे हैं, हम विभिन्न राज्यों में अपने ज्यादातर सहयोगियों के साथ सीट बंटवारे समझौते को अंतिम रूप दे रहे हैं. यात्रा जारी है और अन्य चीजें एआईसीसी नेतृत्व और राज्य प्रभारी संभाल रहे हैं. इन सभी बैठकों और बातचीत पर कांग्रेस अध्यक्ष (मल्लिकार्जुन खरगे) खुद नजर रख रहे हैं.”
उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ”हमारा प्रयास यह सुनिश्चित करना है कि हम एकजुट होकर लड़ें. हां, कुछ लोगों ने हमारा गठबंधन छोड़ दिया है, लेकिन मोटे तौर पर गठबंधन बरकरार है और बहुत जल्द हम सीट के बंटवारे और गठबंधन के भविष्य के खाके की घोषणा करेंगे.” यह पूछे जाने पर कि जनता दल-यूनाइटेड (जद-यू) प्रमुख नीतीश कुमार के राजग में जाने, रालोद (राष्ट्रीय लोक दल) के जयंत चौधरी के पाला बदलने संबंधी कयासों और बनर्जी के कांग्रेस पर हमला करने से क्या ‘इंडिया’ गठबंधन पर असर पड़ रहा है, पायलट ने कहा, ”राजग छोड़ने वाले सहयोगियों की संख्या देखिए- अकाली दल, शिवसेना, पीडीपी, अन्नाद्रमुक. राजग छोड़ने वालों की संख्या ‘इंडिया’ छोड़ने वालों की तुलना में कहीं अधिक है.”
पायलट (46) ने कहा, ”लेकिन ‘इंडिया’ गठबंधन मजबूत है और ममता बनर्जी ‘इंडिया’ गठबंधन का हिस्सा हैं. हम तृणमूल कांग्रेस के साथ बातचीत कर रहे हैं.” उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के राजग में जाने से उनकी विश्वसनीयता पर भी सवाल उठता है और जब वह चुनाव लड़ेंगे तो उन्हें बिहार के लोगों को जवाब देना होगा. पायलट ने दावा किया कि ‘इंडिया’ और राजग के बीच आमने-सामने के मुकाबले में विपक्षी गठबंधन का पलड़ा भारी होगा.
उन्होंने कहा कि ‘इंडिया’ गठबंधन ”मजबूत” है और बहुत जल्द विभिन्न राज्यों में सीट-बंटवारे की व्यवस्था की घोषणा की जाएगी. उन्होंने दावा किया कि विपक्षी दलों का यह गठबंधन लोकसभा चुनावों में भाजपा के लिए ”कड़ी चुनौती” पेश करेगा. उन्होंने कहा, ”मैं आपको आश्वस्त कर सकता हूं कि ‘इंडिया’ गठबंधन के संबंध में अंतिम नतीजा सकारात्मक होगा. हमें गठबंधन के अपने प्रत्येक घटक दल की संवेदनाओं का ध्यान रखना होगा लेकिन गठबंधन का अंतिम उद्देश्य एक साथ आना और देश के सामने एक विकल्प पेश करना है और हम इसे हासिल करेंगे.”
पायलट ने कहा कि अंकगणितीय गणना से पता चलेगा कि 2019 के चुनावों में ‘इंडिया’ का मत प्रतिशत 60 प्रतिशत से अधिक और राजग का लगभग 35 प्रतिशत था, इसलिए सत्तारूढ़ दल केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल करके, दुष्प्रचार करके या दबाव बनाने जैसे तरीके अपनाकर यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है कि ‘इंडिया’ गठबंधन एकजुट नहीं हो. उन्होंने कहा कि भाजपा की यह कोशिश बेकार रहेगी.
पायलट ने कहा कि भाजपा के चिंतित होने की वजह है और इसलिए ”राजनीतिक परिदृश्य में ‘उन्मत्त बदलाव’ लाने” की कोशिश की जा रही है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हाल में संसद में दावा किया था कि भाजपा को 370 सीट और राजग को 400 से अधिक सीट मिलेंगी. मोदी के इस बयान पर पायलट ने कहा कि संसद नीति और कानून पर चर्चा के लिए होती है, लेकिन इस मंच का इस्तेमाल पूरी तरह से राजनीतिक भाषण देने के लिए किया गया.
पायलट ने कहा, ”यह डींग हांकने वाला बयान और शब्दाडम्बर है. मुझे लगता है कि भारत के लोग फैसला करेंगे और आखिरी वोट गिने जाने तक कोई भी चुनाव जीता या हारा नहीं जाता. मुझे हमारे मतदाताओं की बुद्धिमत्ता और निष्पक्षता पर बहुत भरोसा है, वे सच्चाई और प्रचार के बीच का अंतर जानते हैं.” उन्होंने कहा कि ‘इंडिया’ गठबंधन में शामिल दलों का एक साथ आना निश्चित रूप से भाजपा के लिए चिंता का विषय है और ”300 पार, 400 पार” की बात सच्चाई से परे है तथा यह कोरी बयानबाजी है.
पायलट ने दावा किया कि भाजपा का चुनावी मुद्दा बहुत अस्पष्ट है, क्योंकि वह अपने 10 साल के ‘रिपोर्ट कार्ड’ या रिकॉर्ड बेरोजगारी, आसमान छूती महंगाई, कृषि संकट और अमीर तथा गरीब के बीच लगातार बढ़ती खाई से निपटने के खाके के साथ लोगों के पास नहीं जा रही है.
उन्होंने कहा, ”वे किसानों की आय दोगुनी करने, नौकरियां देने, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के लिए कानूनी ढांचा या काले धन को समाप्त करने की अपनी प्रतिबद्धताओं पर खरे नहीं उतरे हैं.” पायलट ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस संगठनात्मक रूप से बहुत मजबूत है और इस यात्रा से न केवल राज्य में पार्टी कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ेगा, बल्कि लोगों के वास्तविक मुद्दों को लेकर एक मजबूत संदेश भी जायेगा. उन्होंने कहा कि यह यात्रा कोई चुनावी यात्रा नहीं है, बल्कि इस यात्रा के दौरान जिन मुद्दों को उठाया जा रहा है, वे जनता से जुड़े मुद्दे हैं.



