
नयी दिल्ली. अमेरिका के प्रधान उप-राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन फाइनर ने सोमवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर और एनएसए अजीत डोभाल से अलग-अलग मुलाकात की और विभिन्न द्विपक्षीय तथा वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की. अमेरिका में एक सिख अलगाववादी को मारने की नाकाम साजिश में भारत का हाथ होने के अमेरिकी आरोप के बाद दोनों पक्षों के बीच पहली बार अधिकारियों की मुलाकात की सार्वजनिक रूप से जानकारी सामने आई है.
नयी दिल्ली के दौरे पर आए फाइनर और उनके भारतीय समकक्ष विक्रम मिसरी ने व्यापक वार्ता के दौरान क्रिटिकल एंड इर्मिजंग टेक्नोलॉजीज (आईसीईटी) पर भारत-अमेरिका पहल की पहली व्यापक मध्यावधि समीक्षा की. पिछले साल मई में, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति जो बाइडन ने नई और उभरती प्रौद्योगिकियों में दोनों देशों के बीच परिणाम-उन्मुख सहयोग को सुविधाजनक बनाने के लिए आईसीईटी की शुरुआत की थी.
विदेश मंत्रालय ने कहा, ह्लपरामर्श के दौरान, दोनों उप एनएसए ने प्रमुख द्विपक्षीय मुद्दों की समीक्षा की और क्षेत्रीय एवं वैश्विक घटनाक्रम पर विचारों का आदान-प्रदान किया.ह्व नयी दिल्ली में यह बैठक अमेरिकी अभियोजकों द्वारा अमेरिका में खालिस्तानी नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू को मारने की साजिश में कथित संलिप्तता को लेकर एक भारतीय नागरिक के खिलाफ अदालत में दायर किए गए एक मामले की पृष्ठभूमि में हुई.
विदेश मंत्रालय ने कहा कि फाइनर ने एनएसए डोभाल और विदेश मंत्री जयशंकर से मुलाकात की और वह विदेश सचिव विनय क्वात्रा से मुलाकात करेंगे. समझा जाता है कि फाइनर और भारतीय पक्ष के बीच बैठक में यह मुद्दा उठा, हालांकि इस बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, ह्लआज दोपहर अमेरिका के प्रधान उप-राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन फाइनर से अच्छी मुलाकात हुई. वैश्विक स्थिति पर विचारों का सार्थक आदान-प्रदान हुआ. हमारे द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ.ाने पर चर्चा हुई.ह्व भारत ने बृहस्पतिवार को अमेरिका द्वारा एक भारतीय अधिकारी को सिख चरमपंथी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश रचने के आरोपी व्यक्ति से जोड़ने को ह्लचिंता का विषयह्व बताया था.
भारत ने संबंधित आरोपों की जांच के लिए एक जांच दल का गठन किया है और कहा कि आगे के कदम आरोपों की जांच कर रहे दल के निष्कर्षों के आधार पर उठाए जाएंगे. अमेरिकी संघीय अभियोजकों ने बुधवार को 52 वर्षीय निखिल गुप्ता पर पन्नू की हत्या की नाकाम साजिश में एक भारतीय सरकारी कर्मचारी के साथ मिलकर काम करने का आरोप लगाया.
अभियोजकों ने मैनहट्टन अदालत को सूचित किया कि चेक गणराज्य के अधिकारियों ने गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है और वह हिरासत में है. ‘सिख फॉर जस्टिस’ के नेता पन्नू की भारतीय जांच एजेंसियों को विभिन्न आतंकी आरोपों में तलाश है. अनाम सूत्रों का हवाला देते हुए फाइनेंशियल टाइम्स ने पिछले महीने पहली बार यह खबर दी थी कि अमेरिकी अधिकारियों ने पन्नू की हत्या की साजिश को नाकाम कर दिया है और इस साजिश में शामिल होने की चिंताओं पर भारत सरकार को चेतावनी जारी की.
वाशिंगटन पोस्ट ने 29 नवंबर को कहा कि बाइडन प्रशासन साजिश का पता चलने के बाद इतना चिंतित था कि उसने जांच की मांग करने और जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराने के लिए क्रमश? अगस्त और अक्टूबर में सीआईए निदेशक विलियम जे. बर्न्स और राष्ट्रीय खुफिया निदेशक एवरिल हेन्स को भारत भेजा. अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने पिछले हफ्ते आरोपों की उच्चस्तरीय जांच की घोषणा करने के भारत के फैसले को ह्लअच्छा और उचितह्व बताया था.
भारत का नेतृत्व, विचार प्रक्रियाएं देश से जुड़े लोगों द्वारा संचालित: जयशंकर
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को कहा कि दुनिया ने अगर भारत को कुछ निश्चित सांचों में “जबरन ढालने” की कोशिश की तो उसके लिए यह समझना मुश्किल हो जाएगा कि देश में क्या हो रहा है. जयशंकर ने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि देश में समाज आज “गहन रूप से लोकतांत्रिक” है और इसका अधिकांश नेतृत्व व विचार प्रक्रियाएं उन लोगों और ताकतों द्वारा संचालित हो रही हैं जो भारतीय हैं, जमीनी हालात से वाकिफ हैं और जो भारत से जुड़े हुए हैं.
उन्होंने कहा, “यदि हमारे पास ऐसी स्थिति हो जहां दुनिया के अन्य हिस्से भारत को अपने सांचे में जबरदस्ती ढालने की कोशिश करें, तो उनके लिए वास्तव में यह समझना मुश्किल हो जाएगा कि हमारे देश में क्या हो रहा है.” विदेश मंत्री ने यह भी बताया कि “भारत विमर्श” के निर्माण का क्या मतलब है.
उन्होंने कहा, “लोग कभी-कभी इसे राजनीति के रूप में देखते हैं, कभी-कभी वे शब्द-खेल को देखते हैं और सोचते हैं कि यह किसी प्रकार का भाषायी संदेश है… मैं शब्द की उत्पत्ति या अवधारणा के इतिहास में नहीं जा रहा हूं.” जयशंकर ने कहा, “आज विभिन्न क्षेत्रों में इसके कई प्रतीक हैं.” अर्थशास्त्र के संदर्भ में, जयशंकर ने कहा कि विमर्श ‘आत्मनिर्भर भारत’ पर प्रकाश डालता है और इसमें “एक निश्चित लचीलेपन, एक निश्चित आत्मनिर्भरता, एक योगदान और एक प्रतिभा का अर्थ है जो खुद को अभिव्यक्त कर रही है”.
उन्होंने कहा, “विकास की दृष्टि से आज, जब हम भारत के बारे में बात करते हैं, तो इसका तात्पर्य एक समावेशी, न्यायसंगत और निष्पक्ष समाज बनाने की प्रतिबद्धता से भी है, जहां कोई भी पीछे न छूटे, और वास्तव में, कई मायनों में, यही विकास की सच्ची परीक्षा है.” राजनीतिक रूप से, उन्होंने कहा कि ‘भारत विमर्श’ स्वतंत्रता का एक बयान है और “यह एक घोषणा है कि जैसा कि भारत दुनिया से जुड़े तो जरूरी नहीं कि इसे दूसरों द्वारा निर्धारित शर्तों या दूसरों द्वारा निर्धारित ढांचे में किया जाए और हमारा उस जुड़ाव का उद्देश्य कई मायनों में हमारे अपने व्यक्तित्व और हमारे अपने जन्मजात गुणों को सामने आने देना है.”
उन्होंने कहा कि ‘भारत’ एक समाज के “व्यक्तित्व” की अभिव्यक्ति को भी दर्शाता है. जयशंकर ने कहा, “और जब दुनिया की बात आती है, तो हम जिस भारत के बारे में विमर्श स्थापित करना चाहते हैं वह एक ऐसा भारत है जिसे विश्व मित्र के रूप में माना जाएगा, एक मित्र के रूप में जिसने महत्वपूर्ण क्षणों में वास्तव में देशों और समाजों के लिए कदम बढ़ाया है जैसा आम तौर पर अंतरराष्ट्रीय संबंधों में नहीं किया जाता.”



