आंध्र प्रदेश को नंबर एक राज्य बनाना है: नायडू

तिरुपति. आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने बृहस्पतिवार को कहा कि लोगों ने अभी तक तीन बार उनकी सरकार देखी है, लेकिन अब वे उनका ‘4.0 अवतार’ देखेंगे और उनका लक्ष्य इसे नंबर एक राज्य बनाना है. नायडू ने बुधवार को केसरापल्ली में चौथे कार्यकाल के लिए आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री पद पर शपथ ली थी.

नायडू ने संवाददाताओं से कहा, ”आपने अभी तक 1.0, 2.0, 3.0 देखा है, लेकिन अब आप मेरा 4.0 अवतार देखेंगे. इसलिए मैं अधिकारियों, कर्मचारियों और कार्यकर्ताओं समेत सभी लोगों से पिछले पांच साल में हुए नुकसान की भरपाई के लिए मिलकर काम करने की अपील करता हूं. आइए हम सब मिलकर काम करें और आगे बढ.ें.” नायडू ने आरोप लगाया कि पिछले पांच साल में राज्य पिछड़ गया है और वह इसका गौरव पुन? दिलाने के लिए काम करेंगे. उन्होंने यह भी संभावना जताई की कि भारत 2047 तक दुनिया में पहले या दूसरे स्थान पर होगा और वह तेलुगु लोगों को शीर्ष पर देखना चाहते हैं.

नायडू ने कहा, ”2047 तक मेरा लक्ष्य है कि तेलुगु लोग दुनिया में पहले नंबर पर हों. गरीबी को जल्द से जल्द खत्म किया जाए. ऐसा राज्य बनाया जाए जहां कोई गरीब न हो. आंध्र प्रदेश को नंबर एक राज्य बनाना है.” परिवार के साथ तिरुमला में स्थित प्रसिद्ध श्री वेंकटेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद कहा, ”वह कोई भी शुभ काम करने से पहले भगवान वेंकटेश्वर की पूजा-अर्चना करते हैं.”

उन्होंने कहा, ”सुबह उठने के बाद मैं राज्य की समृद्धि के लिए वेंकटेश्वर स्वामी से प्रार्थना करता हूं. आजकल मैं भारत को दुनिया में पहले स्थान पर लाने के लिए प्रार्थना करता हूं. भारतीयों में भी तेलुगु लोग शीर्ष पर होने चाहिए.” नायडू ने कहा कि आय का सृजन महत्वपूर्ण है और ‘यह गरीबों तक भी पहुंचना चाहिए’, न कि ‘केवल कुछ हाथों में केंद्रित होना चाहिए’. उन्होंने कहा कि एक ऐसा समाज होना चाहिए जिसमें कोई गरीब न हो.

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार दुनियाभर में श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिरों का निर्माण करवाने पर भी विचार करेगी. नायडू ने बृहस्पतिवार सुबह परिवार के साथ तिरुमला में स्थित प्रसिद्ध श्री वेंकटेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना की. इस दौरान मुख्यमंत्री के साथ उनके बेटे और मंत्रिमंडल के सदस्य नारा लोकेश भी मौजूद थे.

मंदिर प्रशासन और पुजारियों ने नायडू का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया तथा उन्हें तीर्थम (पवित्र जल) और प्रसाद भेंट किया.
मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद मुख्यमंत्री शाम को अमरावती लौट जाएंगे और सचिवालय में कार्यभार संभालेंगे. मुख्यमंत्री सचिवालय पहुंचने के बाद मेगा डीएससी (शिक्षक भर्ती), भूमि स्वामित्व अधिनियम को रद्द करना और कल्याणकारी पेंशन को बढ.ाकर 4,000 रुपये प्रति माह करने सहित कई फाइल को मंजूरी देंगे. वह ‘अन्ना कैंटीन’ को दोबारा शुरू करने और कौशल गणना से संबंधित फाइल को भी मंजूरी दे सकते हैं.

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