राज्य के सभी जिलों में खुलेंगे अन्नपूर्णा दाल भात केंद्र: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने श्रम विभाग की नई वेबसाइट श्रमेव जयते किया लॉन्च

रायपुर. छत्तीसगढ. के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंगलवार को राज्य के सभी जिलों में अन्नपूर्णा दाल-भात केंद्र और पंजीकृत श्रमिक परिवारों के बच्चों को श्रेष्ठ आवासीय विद्यालय में नि?शुल्क अध्ययन की सुविधा देने के लिए ‘अटल उत्कृष्ट शिक्षा सहायता’ योजना शुरू करने की घोषणा की. अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि साय ने भगवान विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय श्रमिक सम्मेलन में यह घोषणा की.

अधिकारियों के मुताबिक, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में साय ने इस मौके पर श्रमिकों को विश्वकर्मा दिवस पर बधाई और शुभकामनाएं देते हुए 57 हजार से अधिक पंजीकृत परिवारों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 49.43 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से उनके खाते में हस्तांतरित की.

मुख्यमंत्री साय ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पहले कार्यकाल में उन्होंने ढाई से तीन वर्ष तक केंद्र में श्रम राज्य मंत्री के रूप में काम किया. उस समय श्रमिकों को बहुत ही कम पेंशन राशि मिलती थी. प्रधानमंत्री की पहल पर यह राशि बढ़ाकर एक हजार रुपये की गई.

अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में श्रमवीरों को शाल और प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया. इस मौके पर उन्होंने श्रम विभाग द्वारा तैयार की गई कॉफी टेबल बुक ‘क्रेडल्स ऑफ होप’ का विमोचन किया. उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉक्टर रमन सिंह, मंत्रिमंडल के सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे.

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने श्रम विभाग की नई वेबसाइट श्रमेव जयते किया लॉन्च
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य स्तरीय श्रमिक सम्मेलन में श्रम विभाग की वेबसाइट श्रमेव जयते को बटन दबाकर लॉंच किया. इस वेबसाइट के डिज़ाइन को बेहतर बनाने के साथ डैशबोर्ड भी बनाया गया है. यह द्वि-भाषायी रहेगा जिससे हिन्दी और इंग्लिश, दोनों भाषा में सामग्री उपलब्ध रहेगी. यह नई वेबसाइट मोबाइल फ्रेंडली भी रहेगी.

वेबसाइट में ई-टिकटिंग प्रणाली श्रमिकों के शिकायत निवारण प्रणाली को सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग कर आसान बनाया है. इसमें आई शिकायत का समाधान भी सात दिन में किया जाएगा ऐसा न होने पर मामला ऑनलाइन उच्च अधिकारियों तकचला जाएगा. सम्मेलन में 0771 3505050 हेल्पलाइन नंबर भी उपस्थित श्रमिकों के साथ साझा किया गया.

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