बिना किसी भय के सीएए के तहत नागरिकता के लिए आवेदन करें: केंद्रीय मंत्री ठाकुर ने मतुआ समुदाय से कहा

कोलकाता. केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर ने मतुआ समुदाय के सदस्यों से बुधवार को आग्रह किया कि वे नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (सीएए) के तहत नागरिकता के लिए आवेदन करें, भले ही उनके पास पहले से ही मतदान का अधिकार हो. मतुआ समुदाय के सदस्य 2014 से पहले भारत आ गये थे. ठाकुर पश्चिम बंगाल की बनगांव लोकसभा सीट से चुनाव मैदान में हैं.

अपने निर्वाचन क्षेत्र में एक बैठक को संबोधित करते हुए ठाकुर ने कहा कि वह खुद सीएए के तहत नागरिकता के लिए आवेदन करेंगे, हालांकि वह पहले से ही देश के निवासी हैं. ठाकुर ने कहा, ”सीएए के तहत नई नागरिकता के लिए आवेदन करने से आप स्थायी निवास प्रमाण सहित सभी लाभ प्राप्त कर सकेंगे, जो पासपोर्ट और वीजा के लिए आवश्यक है. मेरा जन्म हालांकि यहीं हुआ था और मेरे दादाजी के पास आने के बाद निवास का प्रमाण था, फिर भी मैं आवेदन करूंगा.” मतुआ समुदाय से आने वाले ठाकुर ने हाल में अधिनियम के तहत नागरिकता के लिए आवेदन करने के अपने इरादे की घोषणा की थी.

ठाकुर के इस कदम के जवाब में, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रवक्ता शांतनु सेन ने उनका उपहास उड़ाया और भाजपा पर मतुआ और उन अन्य प्रवासी हिंदुओं को गुमराह करने का आरोप लगाया, जो पहले से ही देश के नागरिक हैं. उन्होंने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने हिंदू वोटों को ध्यान में रखते हुए आम चुनाव से ठीक पहले सीएए को अधिसूचित किया. राज्यसभा के पूर्व सदस्य सेन ने पूछा, ”यदि शांतनु ठाकुर पहले से ही नागरिक हैं, तो उन्हें फिर से सीएए के तहत आवेदन करने की आवश्यकता क्यों है? क्या वह कुछ छिपा रहे हैं? क्या नरेन्द्र मोदी ने अपने मंत्रिमंडल में किसी ऐसे व्यक्ति को शामिल किया जो देश का नागरिक नहीं था.”

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