
रायगंज/नयी दिल्ली. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने लोकसभा चुनाव से पहले सीएए का मुद्दा उठाने के लिए मंगलवार को भाजपा पर निशाना साधा और कहा कि वह अपने जीवनकाल में राज्य में इसे लागू नहीं होने देंगी. उत्तर दिनाजपुर जिले के रायगंज में सार्वजनिक वितरण कार्यक्रम के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने लाभ लेने के लिये आगामी चुनावों से पहले नागरिकता (संशोधन) अधिनियम यानी सीएए का मुद्दा उठाया है.
बनर्जी ने कहा, ह्लवे (भाजपा) चुनाव से पहले एनआरसी (राष्ट्रीय नागरिक पंजी), सीएए और समान नागरिक संहिता के बारे में बात कर रहे हैं. यह राजनीति के अलावा कुछ नहीं है. हमने सभी को नागरिकता दी है (और) उन्हें (सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों) को सब कुछ मिल रहा है. वे नागरिक हैं, यही कारण है कि वे वोट देते हैं.ह्व बनर्जी ने कहा, ह्लमैं यह स्पष्ट कर दूं कि जब तक मैं जीवित हूं, पश्चिम बंगाल में इसे लागू नहीं होने दूंगी.” बनर्जी ने केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता शांतनु ठाकुर के हालिया दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए यह बात कही है.
ठाकुर ने कहा था कि पूरे देश में एक सप्ताह के अंदर सीएए लागू किया जाएगा. रविवार को दक्षिण 24 परगना जिले के काकद्वीप में एक जनसभा के दौरान दिए गए ठाकुर के बयान ने विवादास्पद कानून को लागू किए जाने को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं. भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने वर्ष 2019 में सीएए को मंजूरी दी थी. कानून में 31 दिसंबर 2014 से पहले बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाइयों सहित प्रताड़ित गैर-मुस्लिम प्रवासियों को भारतीय नागरिकता प्रदान करने का प्रावधान है.
पश्चिम बंगाल में ममता लोकसभा चुनाव में भाजपा को शून्य पर ला देगी: टीएमसी
तृणमूल कांग्रेस ने मंगलवार को कहा कि विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ में सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते कांग्रेस की अधिक जिम्मेदारी है और उसे पश्चिम बंगाल से संबंधित सीटों के बंटवारे का मुद्दा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर छोड़ देना चाहिए. पार्टी ने कहा कि वह राज्य की सभी 42 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी.
यहां बजट सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक के बाद टीएमसी नेता सुदीप बंधोपाध्याय ने संवाददाताओं को बताया, ह्लयदि ममता बनर्जी कांग्रेस और वाम दलों को (विधानसभा चुनावों में) शून्य पर ला सकती हैं, तो यह भाजपा को भी शून्य पर (लोकसभा चुनावों में) पहुंचा सकती है.ह्व उन्होंने कहा, ह्लअगर कांग्रेस बंगाल में कुछ करना चाहती है तो उसे मामला ममता बनर्जी पर छोड़ देना चाहिए.ह्व उन्होंने कहा कि कांग्रेस विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) में सबसे बड़ी पार्टी है और उस पर सबसे अधिक जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी गठबंधन की सदस्य बनी हुई है.
राहुल गांधी के नेतृत्व वाली ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ और सीट-बंटवारे की बातचीत को लेकर कांग्रेस के साथ क्षेत्रीय पार्टी की शिकायतों को उजागर करते हुए उन्होंने कहा कि अगर मुख्य विपक्षी दल ने टीएमसी को यात्रा के बारे में पहले ही सूचित कर दिया होता तो बनर्जी इसमें शामिल हो सकती थीं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने उनकी मुख्य नेता को यात्रा में शामिल होने का निमंत्रण जब दिया तब बहुत देर हो चुकी थी.
उन्होंने कहा, ह्लहमें राहुल गांधी से कभी निमंत्रण नहीं मिला. हमें कल पार्टी से निमंत्रण मिला. जब यात्रा शुरू हो चुकी है तो इसका क्या मतलब है?ह्व यात्रा बुधवार को पश्चिम बंगाल में पुन: प्रवेश कर रही है. बंधोपाध्याय ने यह भी कहा कि जनता दल (यू) अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का गठबंधन से बाहर होना कोई झटका नहीं है.



