अशोक कुमार को लाइफटाइम अचीवमेंट, सलीमा और हार्दिक वर्ष के सर्वश्रेष्ठ हॉकी खिलाड़ी

नयी दिल्ली. युवा मिडफील्डर हार्दिक सिंह और डिफेंडर सलीमा टेटे को वर्ष 2023 के सर्वश्रेष्ट खिलाड़ी का हॉकी इंडिया बलबीर सिंह सीनियर पुरस्कार दिया गया जबकि मेजर ध्यानचंद के नाम पर लाइफटाइम अचीवमेंट सम्मान उनके बेटे अशोक कुमार को मिला .
पिछले साल एफआईएच वर्ष के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का पुरस्कार भी जीतने वाले हार्दिक ने पुरस्कार की दौड़ में पी आर श्रीजेश और हरमनप्रीत सिंह जैसे सीनियर खिलाड़ियों को पछाड़ा . तोक्यो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता भारतीय टीम के सदस्य रहे 25 वर्ष के हार्दिक सौ से अधिक अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके हैं .

उन्होंने पुरस्कार जीतने के बाद कहा ,” इतने महान खिलाड़ियों के साथ नामांकन पाना ही बड़ी उपलब्धि है . पुरस्कार से मुझे आगे और अच्छा खेलने की प्रेरणा मिलेगी .” वहीं झारखंड के सिमडेगा जिले की टेटे तोक्यो ओलंपिक में चौथे स्थान पर रही भारतीय महिला टीम का हिस्सा थी . उन्होंने पुरस्कार की दौड़ में अपनी कप्तान और एफआईएच वर्ष की सर्वश्रेष्ठ महिला गोलकीपर का पुरस्कार जीतने वाली सविता पूनिया को पछाड़ा. वर्ष के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी को पुरस्कार के तौर पर 25 लाख रूपये और प्रशस्ति पत्र दिया गया.

यहां आयोजित हॉकी इंडिया सालाना पुरस्कार समारोह में पी आर श्रीजेश को वर्ष 2023 के सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर और भारतीय पुरूष हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह को सर्वश्रेष्ठ डिफेंडर का पुरस्कार मिला. हरमनप्रीत ने इस मौके पर कहा ,” पुरस्कार और अच्छा खेलने की प्रेरणा देते हैं . टीम में इससे स्वस्थ प्रतिस्पर्धा भी बढती है जो हॉकी के लिये अच्छा है .” वहीं हार्दिक ने सर्वश्रेष्ठ मिडफील्डर का पुरस्कार भी जीता और सर्वश्रेष्ठ फॉरवर्ड का पुरस्कार अभिषेक को मिला . सर्वश्रेष्ठ उदीयमान अंडर 21 खिलाड़ी का पुरस्कार महिला वर्ग में दीपिका सोरेंग और पुरूष वर्ग में अराइजीत सिंह हुंडल को मिला .

मेजर ध्यानचंद लाइफटाइम पुरस्कार जीतने वाले उनके बेटे और 1975 विश्व कप विजेता टीम के सदस्य अशोक कुमार ने कहा ,”हमें सरदार बलबीर सिंह, उधम सिंह, कैप्टन रूप सिंह, केडी सिंह बाबू जैसे महान खिलाड़ियों की परंपरा को जारी रखते हुए इस बार पेरिस ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतना है .” भारत ने 41 साल के इंतजार के बाद तोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था . आठ बार की ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता भारतीय टीम ने ओलंपिक में आखिरी स्वर्ण 1980 में मॉस्को में जीता था.

अशोक कुमार ने कहा ,” खिलाड़ियों के लिये कुछ भी असंभव नहीं है . दबाव पर काबू रखते हुए अपने कौशल का प्रदर्शन करना है . अब तो खिलाड़ियों के पास आलातरीन कोच, बुनियादी ढांचा और सुविधायें हैं . हमें उम्मीद है कि ये टीम पेरिस में स्वर्ण जीतकर भारतीय हॉकी का पुराना गौरव लौटायेगी .”

इसके साथ ही लखनऊ में 2016 में जूनियर पुरूष हॉकी विश्व कप जीतने वाली टीम , हांगझोउ एशियाई खेल 2023 स्वर्ण पदक विजेता पुरूष टीम और कांस्य पदक विजेता महिला टीम, ओमान में 2023 जूनियर एशिया कप जीतने वाली पुरूष टीम, जापान में जूनियर एशिया कप जीतने वाली महिला टीम ,ओमान में एशिया हॉकी5 में स्वर्ण पदक जीतने वाली महिला और पुरूष टीमों, चेन्नई में एशियाई चैम्पियंस ट्रॉफी 2023 जीतने वाली पुरूष टीम, रांची में महिला एशियाई चैम्पियंस ट्रॉफी 2023 जीतने वाली महिला टीमों को भी नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया. इस मौके पर पूर्व ओलंपियन हरबिंदर सिंह, जफर इकबाल, अजित पाल सिंह, जगबीर सिंह, जुगराज सिंह , हॉकी इंडिया के महासचिव भोलानाथ सिंह और ओडिशा सरकार के खेल सचिव विनील कृष्णा मौजूद थे.

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