असम: अवैध रूप से प्रवेश की कोशिश कर रहे 18 विदेशी नागरिकों को पकड़कर वापस भेजा

ट्रेन से नाबालिग लड़की समेत तीन रोहिंग्या गिरफ्तार

गुवाहाटी/कानपुर. असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा है कि देश में अवैध रूप से प्रवेश करने के आरोप में राज्य में 18 विदेशी नागरिकों को पकड़ा गया है और उन्हें वापस भेज दिया गया है. हालांकि, उन्होंने इन घुसपैठियों की जातीयता या वे कहां से आए थे, इस बारे में विवरण साझा नहीं किया.

शर्मा ने बुधवार रात सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “उनका सपना भारत को भूखा रखने और असम व पूर्वोत्तर पर कब्जा करने का है. इस बीच, असम में हम विकास को गति देने और 18 अवैध प्रवासियों को वापस भेजने में व्यस्त हैं.” मुख्यमंत्री ने कहा, “उनके लिए बहुत बुरा हुआ: असम भूखा नहीं है, बस सतर्क और निर्णायक है!” असम के श्रीभूमि, कछार, धुबरी और दक्षिण सालमारा-मानकाचर जिले बांग्लादेश के साथ 267.5 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करते हैं.

श्रीभूमि के सुतारकांडी में एक एकीकृत चेक पोस्ट (आईसीपी) है. पूर्वोत्तर में भारत-बांग्लादेश सीमा पर कुल तीन आईसीपी हैं, जिनमें अन्य दो मेघालय के डॉकी और त्रिपुरा के अखौरा में स्थित हैं. इस क्षेत्र में भारत-भूटान सीमा पर असम के दर्रांगा में एक और आईसीपी है.

असम पुलिस ने पहले कहा था कि पड़ोसी देश (बांग्लादेश) में पिछले साल हुए राजनीतिक संकट के बाद, राज्य बल और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) कानून के अनुसार गैर-भारतीयों के प्रवेश को रोकने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे. हालांकि, संकटग्रस्त बांग्लादेश से आने वाले सभी भारतीय पासपोर्ट धारकों को राज्य के प्रवेश बिंदुओं के माध्यम से लौटने की अनुमति दी जाएगी.

ट्रेन से नाबालिग लड़की समेत तीन रोहिंग्या गिरफ्तार

कानपुर जिले में राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने बृहस्पतिवार को पूर्वोत्तर संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में एक नाबालिग लड़की सहित तीन रोहिंग्या लोगों को गिरफ्तार किया. जीआरपी कानपुर के क्षेत्राधिकारी दुष्यंत कुमार सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि गिरफ्तार किये गये लोगों की पहचान मोहम्मद इब्राहिम (26), उसके दोस्त मोहम्मद हाशिम (21) और रिश्तेदार शौक. तारा (17) के रूप में हुई है.

उनके मुताबिक, वे सभी म्यांमा के रहने वाले हैं और भारत में अवैध रूप से घुसने से पहले बांग्लादेश में एक रोहिंग्या शरणार्थी शिविर में रह रहे थे. उन्होंने कहा, ”हमें बुधवार को रेल हेल्प हेल्पलाइन के जरिए जानकारी मिली थी कि ट्रेन की सामान्य श्रेणी की बोगी में दो संदिग्ध युवक और एक लड़की मौजूद है. इस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए जीआरपी की एक टीम ट्रेन के कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर पहुंचने पर कोच में दाखिल हुई और तीनों को ढूंढ लिया.” सिंह के मुताबिक पूछताछ करने पर वे तीनों कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए और उन्हें ट्रेन से उतारकर विस्तृत पूछताछ के लिए जीआरपी चौकी ले जाया गया और पूछताछ के दौरान, इब्राहिम ने कथित तौर पर भारत में अवैध रूप से घुसने की बात कुबूल की.

सिंह के अनुसार इब्राहीम ने पुलिस को बताया कि वह वर्ष 2024 से अपनी पत्नी और चार महीने की बेटी के साथ जम्मू के नरवाल में किराए के मकान में रह रहा है और वह हाल में बांग्लादेश गया था तथा अपने दोस्त मोहम्मद हाशिम और रिश्तेदार शौक तारा के साथ भारत लौटा था. अधिकारी ने बताया कि तीनों असम के सिलचर से ट्रेन में सवार हुए थे. अधिकारियों ने बताया कि तीनों रोहिंग्या लोगों का इरादा दिल्ली जाने का था, जहां से वे जम्मू जाने की योजना बना रहे थे.

पुलिस ने बताया कि पकड़े गये तीनों लोग पासपोर्ट, वीजा या पहचान पत्र समेत कोई भी वैध दस्तावेज पेश नहीं कर पाए. इसके बाद उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस के मुताबिक, स्थानीय खुफिया इकाइयों के साथ-साथ आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस), गुप्तचर ब्यूरो (आईबी) और सेना की खुफिया इकाई ने भी तीनों से पूछताछ की. अधिकारियों ने बताया कि पकड़े गये तीनों रोहिंग्या लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्यवाही की जा रही है.

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