असम: कांग्रेस ने मुख्यमंत्री के कथित वीडियो को लेकर भाजपा के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई

गुवाहाटी: कांग्रेस की असम इकाई ने मंगलवार को मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के एक कथित विवादित वीडियो को सोशल मीडिया पर प्रसारित करने को लेकर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पार्टी के विधायक शिवमणि बोरा और दिगंत बर्मन ने गुवाहाटी के दिसपुर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा का एक कथित वीडियो भारतीय जनता पार्टी की असम इकाई ने सात फरवरी को अपने आधिकारिक ‘एक्स’ खाते से साझा किया था जिसमें शर्मा को राइफल से दो लोगों की ओर निशाना साधते हुए देखा जा सकता है -जिनमें से एक ने टोपी पहनी है और दूसरे ने दाढ़ी रखी है।

वीडियो के कैप्शन में ‘प्वाइंट-ब्लैंक शॉट’ लिखा हुआ था। व्यापक राजनीतिक विरोध के बाद वीडियो को हटा लिया गया। शर्मा ने सोमवार को कहा कि उन्हें इस वीडियो की जानकारी नहीं है। वहीं, कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष गौरव गोगोई ने मुख्यमंत्री पर अपने वीडियो के माध्यम से मुसलमानों के खिलाफ “नरसंहार उकसाने” का आरोप लगाते हुए पुलिस से स्वत: संज्ञान लेने का अनुरोध किया था।

कांग्रेस ने अपनी शिकायत में कहा कि वीडियो में “शर्मा को प्रतीकात्मक रूप से मुसलमानों पर नजदीक से गोली चलाते हुए” दिखाया गया है।
विपक्षी पार्टी ने दावा किया कि वीडियो में जोड़े गये पाठ (टेक्स्ट) में “विदेशी मुक्त असम” और “बांग्लादेशियों को कोई माफी नहीं” जैसे कथित वाक्य है।

पार्टी ने कहा कि ऐसे वाक्य “राज्य के बंगाल मूल के मुसलमानों की ओर इशारा करते हैं, जिन्हें अक्सर अपमानजनक रूप से ‘मिया’ या ‘बांग्लादेशी’ कहा जाता है।” कांग्रेस विधायकों ने शिकायत में कहा, “किसी विशेष समुदाय को निशाना बनाने वाली उक्त सामग्री अत्यंत भड़काऊ और सांप्रदायिक है, जो लोगों के बीच निश्चित रूप से सामाजिक वैमनस्य को जन्म देगी।”

इससे पहले सोमवार को आॅल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने हैदराबाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई तथा वीडियो को लेकर असम के मुख्यमंत्री के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग की थी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए शर्मा ने कहा कि उन्हें ऐसे किसी वीडियो की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा, ”अगर मेरे खिलाफ कोई मामला दर्ज किया गया है तो मुझे गिरफ्तार कर लिया जाए। मुझे कोई आपत्ति नहीं है। मैं जेल जाने के लिए तैयार हूं। मैं अपने शब्दों पर हमेशा कायम रहूंगा। मैं बांग्लादेशी घुसपैठियों का विरोध करता हूं और करता रहूंगा।”

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