
दीर अल बलाह/न्यूयॉर्क. उत्तरी गाजा में हजारों विस्थापित फिलिस्तीनियों को आश्रय देने वाले एक स्कूल पर बृहस्पतिवार को किये गये इजराइली हवाई हमला में कम से कम 11 लोग मारे गए और 22 घायल हो गए. क्षेत्र के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि हताहतों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं.
इजराइली सेना ने पुष्टि की है कि उसने जबालिया शरणार्थी शिविर के स्कूल पर हमला किया और कहा कि यह हमला अंदर बैठे हमास के आतंकवादियों को निशाना बनाकर किया गया था जो इजराइली सैनिकों पर हमले की योजना बना रहे थे. इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी. अल-फलूजा स्कूल से प्राप्त फुटेज में बचावर्किमयों को मलबे और लोगों की भीड़ के बीच स्कूल परिसर से घायलों को बाहर निकालते हुए दिखाया गया है. एक वीडियो में लोगों को एक क्षत-विक्षत, कटे हुए धड़ को प्लास्टिक में लपेटते और शरीर के अंगों को फ्रीजर में डालते हुए दिखाया गया है.
गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने तत्काल यह जानकारी नहीं दी कि हताहतों में कितनी महिलाएं और बच्चे हैं. इजराइली सेना ने बार-बार स्कूलों पर हमला किया है, उनका कहना है कि हमास के लड़ाके हमलों की योजना बनाने के लिए उन्हें “कमांड सेंटर” के रूप में इस्तेमाल करते हैं. सेना का कहना है कि वह नागरिकों को हताहत होने से बचाने के लिए सटीक हथियारों का इस्तेमाल करती है.
इजराइली हमला निंदनीय, नहीं छोड़ेंगे गाजा: संयुक्त राष्ट्र में फलस्तीनी नेता
फलस्तीन प्राधिकरण के प्रमुख ने बृहस्पतिवार को दुनिया भर के नेताओं के समक्ष गाजा पट्टी में इजराइली हमलों की निंदा की और अन्य देशों से युद्ध ग्रस्त क्षेत्र व उसके लोगों के खिलाफ जारी ‘नरसंहार’ को रोकने की अपील की. उन्होंने कहा कि गाजा पूरी तरह से नष्ट हो चुका है. महमूद अब्बास पहले भी संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच पर इजराइल की आलोचना कर चुके हैं लेकिन यह पहली बार था जब उन्होंने सात अक्टूबर, 2023 को हमास द्वारा इजराइल पर किए गए हमलों के बाद ऐसी प्रतिक्रिया दी. हमास के हमलों के बाद इजराइली सेना द्वारा शुरू किये गये अभियान ने गाजा पट्टी को लगभग तबाह कर दिया.
मंच पर अब्बास का स्वागत जोरदार तालियों और नारों के बीच किया गया. अपने भाषण को शुरू करने से पहले उन्होंने दोहराया, “हम नहीं जाएंगे. हम नहीं जाएंगे. हम नहीं जाएंगे.” उन्होंने इजराइल पर गाजा को नष्ट करने और इसे रहने लायक न बनाने का आरोप लगाया. अब्बास ने कहा कि युद्ध के बाद उनकी सरकार गाजा पर एक स्वतंत्र फलस्तीनी राज्य के हिस्से के रूप में शासन करेगी. यह एक ऐसा बात है, जिसे इजराइल की कट्टरपंथी सरकार हमेशा से अस्वीकार करती रही है. उन्होंने कहा, “फलस्तीन हमारी वतन है. यह हमारे पुरखों की जमीन है. यह सदैव हमारी रहेगी? और अगर किसी को जगह छोड़नी है तो वे कब्जा करने वाले लोग होंगे.”



