प्रयागराज से प्रतापगढ़ जेल स्थानांतरित किए गए अतीक और अशरफ के हत्यारोपी

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 17 Apr 2023 08:11 PM
प्रयागराज से प्रतापगढ़ जेल स्थानांतरित किए गए अतीक और अशरफ के हत्यारोपी
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लखनऊ/चंडीगढ़. माफिया-राजनेता अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या करने वाले तीन आरोपियों को सोमवार को प्रयागराज की केंद्रीय जेल से प्रतापगढ़ जिला कारागार में स्थानांतरित कर दिया गया. एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हमीरपुर के सनी (23), बांदा के लवलेश तिवारी (22) और कासगंज के अरुण कुमार मौर्य (18) को प्रशासनिक आधार पर प्रयागराज की केंद्रीय कारागार से जिला जेल प्रतापगढ़ स्थानांतरित किया गया है. उन्होंने कहा कि तीनों को दोपहर 12 बजे प्रयागराज से ले जाया गया और दोपहर 2.10 बजे प्रतापगढ़ में प्रवेश किया.

अतीक और उसके भाई की हत्या की जांच के लिये उप्र पुलिस ने एसआईटी बनाया

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में माफिया और पूर्व सांसद अतीक अहमद तथा उसके भाई अशरफ की सरेशाम गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले की जांच के लिये उत्­तर प्रदेश पुलिस ने तीन सदस्­यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को इसकी जानकारी दी.

विशेष पुलिस महानिदेशक (कानून व्­यवस्­था) प्रशांत कुमार ने सोमवार को बयान में कहा कि प्रयागराज के पुलिस आयुक्त रमित शर्मा के निर्देश पर विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है. शर्मा की तरफ से जारी बयान में कहा गया है, ‘‘15 अप्रैल (शनिवार) को अतीक अहमद और उसके भाई खालिद अजीम ऊर्फ अशरफ की पुलिस हिरासत में हुई हत्या के मामले में शाहगंज में अभियोग पंजीकÞत किया गया है, जिसकी जांच शाहगंज थाने के प्रभारी कर रहे हैं’.

इसमें कहा गया है, ‘‘उक्त मामले की जांच में, गवाहों के बयान/साक्ष्य (रिकॉर्डिंग) सुनिश्चित करने के लिए, अभिलेखीय/इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का संकलन, वैज्ञानिक/फोरेंसिक साक्ष्यों का संकलन करने, विधि विज्ञान प्रयोगशाला से परीक्षण कराने और निष्पक्ष एवं गुणात्मक परक विवेचना जांच सुनिश्चित करने के प्रायोजन से यह विवेचना एक विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा करायी जाएगी.’’

अतीक हत्याकांड के आरोपी अरुण मौर्य पर पिछले साल पानीपत में दो मामले दर्ज किये गये थे: पुलिस

गैंगस्टर से नेता बने अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या के मामले में गिरफ्तार आरोपियों में शामिल अरुण मौर्य पर पिछले साल हरियाणा के पानीपत में अवैध हथियार रखने का मामला दर्ज किया गया था. अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी.
उन्होंने कहा कि मौर्य पर फरवरी, 2022 में शस्त्र अधिनियम के तहत और उसी साल मई में एक अन्य मामला दर्ज किया गया था तथा वह जेल भी गया था.

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि आरोपी कभी हरियाणा के पानीपत और कभी उत्तर प्रदेश के कासगंज स्थित अपने पैतृक गांव कादरवाड़ी में रहता था. पानीपत के पुलिस अधीक्षक अजीत ंिसह शेखावत ने फोन पर ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि मौर्य के खिलाफ 2022 में दो मामले दर्ज थे.

उन्होंने कहा, “फरवरी 2022 में अवैध हथियार रखने के चलते शस्त्र अधिनियम के प्रावधानों के तहत एक मामला दर्ज किया गया था, जबकि दूसरा मामला मई में एक झगड़े को लेकर दर्ज किया गया था.” जब पानीपत में मौर्य के खिलाफ पहली बार शस्त्र अधिनियम के तहत पहला मामला दर्ज किया गया था तो उसकी उम्र कितनी थी, इस सवाल पर पुलिस अधीक्षक ने जवाब दिया, “हमारे रिकॉर्ड के अनुसार, वह लगभग 18 साल का था.”

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