बंगाल: कुस्तौर में प्रदर्शनकारी कुर्मियों ने रेल पटरी खाली की, कोटशिला में लगाए नये अवरोधक

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sun, 09 Apr 2023 09:43 PM
बंगाल: कुस्तौर में प्रदर्शनकारी कुर्मियों ने रेल पटरी खाली की, कोटशिला में लगाए नये अवरोधक
ऑडियो सुनें

कोलकाता. अनुसूचिति जनजाति (एसटी) के दर्जे समेत अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलनरत कुर्मी समाज ने आंदोलन के पांचवें दिन रविवार को पश्चिम बंगाल के पुरूलिया जिले में कुस्तौर रेलवे स्टेशन के पास रेलपटरियों पर से अपना धरना-प्रदर्शन समाप्त करने के घंटे भर के भीतर ही कोटशिला में आंदोलन फिर शुरू कर दिया.

इस आंदोलन के कारण अभी तक कम से कम 500 ट्रेनें कुस्तौर रेलवे स्टेशन से होकर नहीं गुजर पायी हैं. कुर्मी नेता अजीत महतो ने कहा था कि फिलहाल कुस्तौर में आंदोलन वापस लिया जा रहा है लेकिन नेतृत्व के बीच चर्चा के बाद भविष्य में उसे तेज किया जा सकता है. दक्षिण पूर्व रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि कुस्तौर से आंदोलन वापस लिए जाने के एक घंटे के भीतर से वहां से करीब 48 किलोमीटर दूर पुरुलिया जिले के कोटशिला स्टेशन पर दोपहर 12 बजकर 20 मिनट पर नया रेल रोको आंदोलन शुरु हो गया.

हालांकि, पश्चिम मेदिनीपुर जिले के खेमाशुलि में रेलमार्ग अब भी बाधित है. खेमाशुलि में कुर्मी समुदाय के एक नेता ने कहा कि रेल रोको आंदोलन में रात में एक बजे से सुबह पांच बजे तक और दिन में पूर्वाह्न 10 बजे से अपराह्न तीन बजे तक ढील दी जाएगी.
उन्होंने कहा, ‘‘अवरोधक को पूरी तरह हटाने का फैसला हमारे नेताओं और पश्चिम बंगाल सरकार के मुख्य सचिव के बीच सोमवार को होने वाली बैठक के नतीजे पर निर्भर होगा.’’ कुर्मी नेता महतो ने आंदोलन के पांचवें दिन रविवार को कुस्तौर से रेल रोको आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की.

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमारी मांगें अभी तक नहीं मानी गयी हैं लेकिन हम फिलहाल आंदोलन वापस ले रहे हैं.’’ दक्षिण-पूर्वी रेलवे ने कहा है कि पांच अप्रैल से दो रेलवे स्टेशनों पर रेल रोको (पटरी बाधित किए जाने) की वजह से करीब 500 एक्सप्रेस और यात्री ट्रेनें रद्द की गयी हैं जिससे हजारों यात्रियों को बहुत परेशानी हुई.

पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड को देश के विभिन्न कोनों से जोड़ने वाली तमाम सुपर फास्ट और एक्सप्रेस ट्रेनों में से जिन्हें पिछले पांच दिनों से रोजाना रद्द किया जा रहा है उनमें… नयी दिल्ली – भुवनेश्वर राजधानी एक्सप्रेस, हावड़ा-पुणे-हावड़ा दुरंतो एक्सप्रेस, हावड़ा-अहमदाबाद एक्सप्रेस, हावड़ा-मुंबई-हावड़ा मेल और अलप्पुझा-धनबाद एक्सप्रेस शामिल हैं.

कुर्मी समुदाय के लोग अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने, सरना धर्म को मान्यता देने, कुरमाली भाषा को संविधान की आठवीं सूची में शामिल करने समेत कई मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. कुर्मी समुदाय मूलत: झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के छोटानागपुर पठार में केंद्रित हैं, उनके संगठनों ने अपनी ऐसी ही मांगों को लेकर सितंबर 2022 में भी इन दो स्टेशनों पर रेलमार्ग पांच दिनों तक बाधित किया था.

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By Yogesh Kumar Sahu