भजनलाल शर्मा राजस्थान के नए मुख्यमंत्री, दीया कुमारी और प्रेमचंद बैरवा उपमुख्यमंत्री

Author: Nandkishoryadav
UPDATED: Tue, 12 Dec 2023 09:57 PM
भजनलाल शर्मा राजस्थान के नए मुख्यमंत्री, दीया कुमारी और प्रेमचंद बैरवा उपमुख्यमंत्री
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जयपुर. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े और पहली बार के विधायक भजनलाल शर्मा राजस्थान के नए मुख्यमंत्री होंगे. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक दल की मंगलवार को यहां हुई बैठक में शर्मा को विधायक दल का नेता चुना गया. इसके साथ ही राज्य में नए मुख्यमंत्री को लेकर कई दिनों से चल रही अटकलों पर विराम लग गया. पार्टी द्वारा विधायक प्रेमचंद बैरवा व दीया कुमारी को राजस्थान का उपमुख्यमंत्री बनाने की घोषणा की गई है.

शर्मा से पहले राजस्थान में ब्राह्मण समुदाय से आने वाले आखिरी मुख्यमंत्री लगभग 33 साल पहले हरिदेव जोशी थे. जो लगभग आखिरी बार दिसंबर 89 से मार्च 1990 तक मुख्यमंत्री रहे. शर्मा ने विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद पहली प्रतिक्रिया में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राजस्थान का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जाएगा. शर्मा बाद में पार्टी के अन्य नेताओं के साथ राजभवन में राज्यपाल कलराज मिश्र से मिले. पार्टी की ओर से सरकार बनाने का दावा पेश क­यिा गया.

पार्टी विधायक दल की बैठक यहां पार्टी मुख्यालय में हुई. इसमें पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने विधायक दल के नेता के रूप में भजनलाल शर्मा के नाम का प्रस्ताव रखा जिसे विधायक दल ने स्वीकार कर लिया. बैठक में भाजपा के केंद्रीय पर्यवेक्षक, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और दो सह-पर्यवेक्षक विनोद तावड़े और सरोज पांडे मौजूद थे. राजनाथ सिंह ने मीडिया को बताया कि विधायक दीया कुमारी व प्रेम चंद बैरवा उपमुख्यमंत्री होंगे. वहीं वासुदेव देवनानी विधानसभा अध्यक्ष होंगे.

राजनाथ सिंह ने कहा, ”मैं आश्­वस्­त हूं कि भजनलाल के नेतृत्व में राजस्थान प्रगति के पथ पर तेजी से आगे बढ़ेगा.” राज्य में विधानसभा की 200 में 199 सीटों पर हुए चुनाव में भाजपा को 115 सीटों पर जीत मिली. भजनलाल भाजपा के प्रदेश महासचिव हैं. उनके पास राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर की डिग्री है. शर्मा (56) ने जयपुर की सांगानेर सीट 48,081 वोटों के अंतर से जीती है. वह भरतपुर जिले का रहने वाले हैं.

रोचक बात यह है कि पार्टी की विधायक दल में विधायक दल के नेता के रूप में शर्मा के नाम का प्रस्ताव पूर्व मुख्यमंत्री राजे ने किया जिन्हें खुद मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शामिल माना जा रहा था. इस तरह से शर्मा भाजपा की ओर से उन तीन विधायकों की कतार में शामिल हो गए हैं जिन्हें पार्टी ने तमाम दिग्गजों को दरकिनार कर मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी है.

पार्टी इससे पहले छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय तथा मध्य प्रदेश में मोहन यादव को भी इसी तरह इस पद के लिए चुन चुकी हैं. राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम में सात नवंबर से 30 नवंबर के बीच चुनाव हुए थे. तेलंगाना में कांग्रेस और मिजोरम में ज.ोरम पीपुल्स मूवमेंट को जीत मिली.

विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद शर्मा ने मीडिया से कहा कि राज्य का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जाएगा. उन्होंने कहा,”मैं इतना विश्वास दिलाना चाहता हूं कि राजस्थान की यह जो टीम है… राजस्थान के जो हमारे सभी विधायक हैं… निश्चित रूप हमसे, भारतीय जनता पार्टी से जो राजस्थान की अपेक्षा है, हम यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में हम राजस्थान का पूरी तरह से सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करेंगे. यह मैं आप सभी को विश्वास दिलाता हूं.”

शर्मा व अन्य नेता बाद में राजभवन में राज्यपाल मिश्र से मिले. शर्मा के साथ पार्टी के केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह व प्रहलाद जोशी तथा पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भी थीं. नामित उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा व दीया कुमारी भी राज्यपाल से मिले. राजभवन के बयान के अनुसार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सी. पी. जोशी ने राज्यपाल को राजस्थान में मुखयमंत्री के रूप में भजन लाल शर्मा के नाम का पत्र प्रस्तुत किया. उन्हें विधायक दल का नेता चुने जाने संबंधी पत्र भी सौंपा.

उल्लेखनीय है कि बीते दो दशक में पहली बार भाजपा की ओर से राजस्थान में कोई नया चेहरा मुख्यमंत्री होगा. इससे पहले वसुंधरा राजे 2003 से 2008 और 2013 से 2018 तक दो बार मुख्यमंत्री पद पर रह चुकी हैं. पार्टी की द्वारा राज्य की कमान जिन तीन नेताओं को दी गई है वे जयपुर या आसपास से चुने गए हैं. भावी मुख्यमंत्री जयपुर की सांगानेर सीट से विधायक हैं तो भावी उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी जयपुर की विद्याधरनगर से और भावी उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा जयपुर के पास दुदू सीट से विधायक हैं.

शर्मा ब्राह्मण समुदाय से आते हैं जबकि दीया कुमारी राजपूत समुदाय से और बैरवा दलित समुदाय से आते हैं. वहीं भावी विधानसभा अध्यक्ष देवनानी सिंधी समुदाय से आते हैं. वे अजमेर उतर सीट से व­धिायक हैं. बैरवा ने कांग्रेस के बाबू लाल नागर को 35,743 वोटों के अंतर से हराया. उन्होंने जयपुर में राजस्थान विश्वविद्यालय से पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है.

जयपुर के पूर्व राजपरिवार की सदस्य दीया कुमारी दो बार विधायक और एक बार सांसद रह चुकी हैं. दीया कुमारी राजसमंद से भाजपा की सांसद थीं और उन्हें जयपुर के विद्याधरनगर सीट से विधानसभा चुनाव में टिकट दिया गया था. वह 2013 में सवाई माधोपुर विधानसभा सीट से पहली बार विधायक चुनी गईं. 2019 के लोकसभा चुनाव में वह राजसमंद से सांसद चुनी गईं. दीया (51) जयपुर के पूर्व राजपरिवार के सवाई भवानी सिंह की बेटी हैं.

जमेर उत्तर से जीते देवनानी पूर्व मंत्री हैं. पांच बार के विधायक देवनानी इंजीनियरिंग में स्नातक हैं और राजनीति में प्रवेश करने से पहले, वह उदयपुर के सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज में व्याख्याता थे. उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष के रूप में उनकी प्राथमिकता विधानसभा में सार्थक बहस सुनिश्चित करनी होगी. देवनानी ने संवाददाताओं से कहा, ”सभी को साथ लेकर सदन चलाना मेरी प्राथमिकता होगी.” घोषणा के तुरंत बाद, शर्मा और अन्य लोगों के आवासों पर जश्न शुरू हो गया. भजन लाल शर्मा की पत्नी ने जयपुर स्थित आवास पर मीडिया से कहा, ”मैं जनता और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद देती हूं.” बाद में शर्मा ने मोती डूंगरी गणेश मंदिर में पूजा-अर्चना की.

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