बिशप का इस्तीफा: कैथोलिक पादरी ने कहा, पीड़ित नन न्याय के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगी

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Fri, 02 Jun 2023 10:10 PM
बिशप का इस्तीफा: कैथोलिक पादरी ने कहा, पीड़ित नन न्याय के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगी
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कोच्चि/मैड्रिड. फ्रैंको मुलक्कल के जालंधर के बिशप के तौर पर इस्तीफा देने के एक दिन बाद, ‘सेव आवर सिस्टर्स’ अभियान चलाने वालों ने शुक्रवार को कहा कि उन पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली नन कानूनी माध्यम से अपनी न्याय की लड़ाई जारी रखेंगी. ‘सेव आवर सिस्टर्स’ (एसओएस) एक ऐसा मंच है जिसमें नन, पादरी और नागरिक संस्थाओं के प्रमुख सदस्य शामिल हैं. कुछ साल पहले प्रभावशाली बिशप के खिलाफ दुष्कर्म के आरोपों के साथ सार्वजनिक रूप से सामने आने पर नन का समर्थन करने के लिए केरल में इसकी शुरुआत की गई थी.

मंच के संयोजक वरिष्ठ कैथोलिक पादरी फादर ऑगस्टाइन वट्टोली ने कहा कि मुलक्कल का इस्तीफा पीड़ित नन और उसकी साथी ननों के एक समूह के लिए एक छोटी राहत है, जिन्होंने पूर्व बिशप के खिलाफ आरोप लगाने के लिए सोशल मीडिया पर तीखे हमलों का सामना किया था. पादरी ने कहा कि बृहस्पतिवार शाम को बिशप के इस्तीफे के बारे में वेटिकन की घोषणा के बाद उन्होंने पीड़िता से बात की.

उन्होंने कहा, “वह इससे बहुत ज्यादा खुश नहीं है. लेकिन जाहिर है, उसे उम्मीद है. इसलिए वह अब भी न्याय के लिए अपनी लड़ाई जारी रखने के लिए तैयार है.” बलात्कार के मामले में केरल की एक अदालत द्वारा बरी किये जाने के डेढ. साल बाद मुलक्कल ने इस्तीफा दिया है. बिशप को बरी किए जाने के निचली अदालत के फैसले को नन ने केरल उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी. फादर वट्टोली ने न्याय की इस जंग के दौरान पीड़ित नन द्वारा झेली गई परेशानियों का जिक्र करते हुए कहा कि समाज, समुदाय और चर्च के सत्ता केंद्रों से उसे जो मानसिक यातनाएं झेलनी पड़ीं, वे उसकी कल्पना से परे थीं.

उन्होंने कहा, “मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से किए गए हमलों ने उसे डराया, आहत किया और पीड़ा दी. इसलिए, मुलक्कल का इस्तीफा, निश्चित रूप से पीड़िता और उसकी साथी ननों के लिए एक छोटी सी राहत है.” नन ने आरोप लगाया था कि 2014 से 2016 के बीच केरल के कोट्टायम स्थित एक कॉन्वेंट की यात्रा के दौरान बिशप ने उसके साथ कई बार बलात्कार किया था. मुलक्कल तब जालंधर डाइअसीस के बिशप थे. नन मिशनरीज ऑफ जीसस की सदस्य हैं, जो जालंधर डाइअसीस के तहत एक डाइआसिसन धार्मिक सभा है.

स्पेनिश कैथोलिक बिशप को 1945 के बाद से 728 यौन दुराचारियों का पता चला

स्पेन के कैथोलिक बिशप के सम्मेलन का कहना है कि इस मुद्दे पर अपनी पहली सार्वजनिक रिपोर्ट में 927 पीड़ितों की गवाही के माध्यम से 1945 से चर्च के भीतर 728 यौन दुराचारियों के साक्ष्य पाए गए हैं. चर्च ने कहा कि पीड़ितों में 83 प्रतिशत और दुर्व्यवहार करने वालों में 99 प्रतिशत पुरुष थे और 60 प्रतिशत से अधिक आरोपियों की मौत हो चुकी है.

बृहस्पतिवार को पेश की गई एक रिपोर्ट में 50 प्रतिशत से अधिक अपराधियों को पादरी बताया गया. बाकी चर्च के अन्य अधिकारी थे.
चर्च ने कहा कि ज्यादातर मामले पिछली शताब्दी में हुए, उनमें से 75 फीसदी 1990 से पहले के थे. सम्मेलन ने कहा कि गवाहियों का संग्रह जारी था और आंकड़े समय-समय पर अद्यतन किए जाते रहेंगे.

स्पेन के आसपास चर्च द्वारा स्थापित नाबालिगों की सुरक्षा के लिए लगभग 200 कार्यालयों में 2019 में आंकड़ा एकत्र किया गया था.
स्पेन और विदेशों में मामलों पर लगातार रिपोर्ट कर रहे प्रमुख दैनिक ‘एल पाइस’ ने शुक्रवार को कहा कि चर्च के भीतर दुर्व्यवहार के वास्तविक आंकड़े बहुत अधिक होने की आशंका है, क्योंकि चर्च की रिपोर्ट में केवल 2019 से दर्ज मामलों को संर्दिभत किया गया था और इसमें उन मामलों को शामिल नहीं किया गया था जिनकी जानकारी चर्च को उस तारीख से पहले थी.

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