भाजपा ने अनुच्छेद 370 हटाकर दर्द बढ़ाया, हम कश्मीर मुद्दे के समाधान के लिए प्रतिबद्ध: महबूबा

बिजबेहरा. पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने सोमवार को कहा कि उनकी पार्टी कश्मीर मुद्दे के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि उसने 2019 में संविधान के अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त करके “दर्द” बढ़ाने का काम किया है.
पूर्व मुख्यमंत्री ने ‘पीटीआई-भाषा’ के साथ एक विशेष साक्षात्कार में यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की यह टिप्पणी भाजपा के निचले स्तर को दर्शाती है कि कांग्रेस लोगों की मेहनत की कमाई और कीमती सामान “घुसपैठियों” तथा उन लोगों को देने की योजना बना रही है “जिनके पास अधिक बच्चे हैं”.

राजस्थान के बांसवाड़ा में रविवार को एक रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने दावा किया, ”कांग्रेस का घोषणापत्र कहता है कि वे माताओं और बहनों के सोने-चांदी का भी हिसाब लेंगे, और फिर उस संपत्ति को वितरित करेंगे. वे इसे किसको वितरित करेंगे -मनमोहन सिंह की सरकार ने कहा था कि देश की संपत्तियों पर सबसे पहला अधिकार मुसलमानों का है.” अनंतनाग-राजौरी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहीं पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की नेता अपनी पार्टी के गढ़ माने जाने वाले बिजबेहरा में थीं.
उनसे पूछा गया कि क्या पीडीपी ने जम्मू-कश्मीर में स्वशासन के अपने एजेंडे को छोड़ दिया है.

उन्होंने कहा, “नहीं. हमारे लिए, ऐसा नहीं है. यदि आप हमारा घोषणापत्र पढ़ेंगे, तो हमने कहा है कि हम कश्मीर मुद्दे के समाधान के लिए प्रतिबद्ध हैं. भाजपा कश्मीर मुद्दे से अनुच्छेद 370, अनुच्छेद 370 से राज्य का दर्जा देने, राज्य का दर्जा देने से निकाय चुनाव तक मुद्दों को बदलना चाहती है. लेकिन ऐसा नहीं होगा.ह्व पीडीपी प्रमुख ने कहा कि अगर किसी मुद्दे को अनदेखा कर दिया जाता है तो यह एक बीमारी की तरह बन जाता है जो समय के साथ दर्दनाक हो जाता है.

उन्होंने कहा, “जब ऐसा कोई मुद्दा होता है, तो यह लोगों के दिल और दिमाग में रहता है. आप लोगों को जेल में डाल सकते हैं, लेकिन आप किसी विचारधारा को जेल में नहीं डाल सकते. आपको इसका समाधान करना होगा.” महबूबा ने कहा, “आप किसी की गर्दन नहीं पकड़ सकते और दावा नहीं कर सकते कि सबकुछ ठीक है. जब तक आप किसी मुद्दे का समाधान नहीं ढूंढ़ लेते…दर्द है और आप किसी का मुंह बंद करके दर्द को रोक नहीं सकते. जम्मू-कश्मीर मुद्दा एक दर्द है जिसे आपने अनुच्छेद 370 को निरस्त करके और अधिक जटिल बना दिया है.” यह पूछे जाने पर कि क्या पाकिस्तान अभी भी कश्मीर के संदर्भ में प्रासंगिक है, पीडीपी प्रमुख ने कहा, “आप इसे अप्रासंगिक कैसे बना सकते हैं? भौगोलिक रूप से, वे आपके निकटतम पड़ोसी हैं. साथ ही, आप इतिहास नहीं बदल सकते. पाकिस्तान के साथ हमारा इतिहास रहा है. पाकिस्तान के साथ हम भूगोल साझा करते हैं, जम्मू-कश्मीर का एक हिस्सा अभी भी वहां है.” इस आरोप पर कि पीडीपी, हुर्रियत कॉन्फ्रेंस द्वारा छोड़ी गई जगह पर कब्जा करने की कोशिश कर रही है, महबूबा ने कहा कि यह चलन रहा है कि जो कोई भी जम्मू कश्मीर और उसके लोगों के हितों के बारे में बात करता है उसे राष्ट्र-विरोधी करार दिया जाता है.
उन्होंने कहा, “हर कोई जानता है कि अलगाववादियों का एजेंडा जम्मू कश्मीर को देश से अलग करना है. हमारा एजेंडा है कि भारतीय संविधान के तहत जम्मू कश्मीर (मुद्दे) का समाधान आवश्यक है. जैसा कि (अटल बिहारी) वाजपेयी कहते थे.” महबूबा ने कहा कि जम्मू कश्मीर को बिजली परियोजनाओं के लिए छूट दी जानी चाहिए.

उन्होंने कहा, “आप पूरे देश में मुफ्त बिजली देते हैं लेकिन जम्मू कश्मीर में शुल्क 10 गुना बढ़ा दिया है. क्यों? यह हमारी बिजली है. ये कुछ ऐसे मुद्दे हैं. मध्य एशिया और दक्षिण एशिया से गुजरने वाले हमारे पुराने मार्ग, जिसे रेशम मार्ग कहा जाता था, को जोड़ा जाना चाहिए ताकि जम्मू कश्मीर फिर से व्यापार का केंद्र बने और युवाओं को भविष्य के लिए कुछ मिले.ह्व महबूबा ने कहा, “हमने इन मुद्दों को नहीं छोड़ा है, ये हमारे लिए अब भी हैं. अभी, जम्मू कश्मीर के लोगों का दम घुट रहा है, कैदी बिना किसी सुनवाई के इतने साल से जेलों में हैं, और उन्हें अपने परिवारों से मिलने का मौका नहीं मिलता है. क्या कोई इनके बारे में बात करने वाला है? जम्मू कश्मीर में हर दिन एनआईए (राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण), ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) या आईटी (आयकर) विभाग द्वारा छापे मारे जा रहे हैं, हमारा कारोबार बर्बाद हो गया है.” लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा के नारे “अबकी बार 400 पार” के बारे में महबूबा ने कहा कि अगर ऐसा होता तो पार्टी नवरात्र के दौरान मांसाहार के सेवन का मुद्दा नहीं उठा रही होती.

उन्होंने कहा, ”अब वे कह रहे हैं कि आपका मंगलसूत्र भी छीन लिया जाएगा और मुसलमानों को दे दिया जाएगा. मुझे लगता है कि देश में ऐसा कोई माहौल नहीं है.” उन्होंने कहा कि लोग समझ गए हैं कि अगर देश और इसके संविधान को बचाना है तो भाजपा को हराना होगा. कांग्रेस के साथ 1990 के दशक के मध्य में अपना राजनीतिक कॅरियर शुरू करने वाली महबूबा ने दावा किया कि उनकी पार्टी अभी भी विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन का हिस्सा है, भले ही वह नेशनल कॉन्फ्रेंस के विपक्षी गठबंधन सर्मिथत उम्मीदवार के खिलाफ चुनाव लड़ रही हैं.

उन्होंने कहा, “हम दूर नहीं हैं. हम इसमें (इंडिया गठबंधन) विश्वास करते हैं और हम मानते हैं कि गठबंधन, विशेष रूप से राहुल (गांधी) एक बड़ी लड़ाई लड़ रहे हैं. देश के संविधान, इसकी धर्मनिरपेक्षता और गंगा-जमुनी तहजीब को बचाने के लिए उनका समर्थन करना जरूरी है जिसके लिए जम्मू कश्मीर के लोगों ने इस देश के साथ हाथ मिलाया था.”

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