भाजपा ने राजस्थान में विपक्षी वोट हटवाने का खेल खेला, फॉर्म की फॉरेंसिक जांच हो: कांग्रेस

Author: navabharat digital
UPDATED: Mon, 19 Jan 2026 01:08 PM
भाजपा ने राजस्थान में विपक्षी वोट हटवाने का खेल खेला, फॉर्म की फॉरेंसिक जांच हो: कांग्रेस
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नयी दिल्ली: कांग्रेस ने सोमवार को आरोप लगाया कि राजस्थान में मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के तहत भारतीय जनता पार्टी ने निर्वाचन आयोग के साथ मिलकर उसके समर्थक मतदाताओं के नाम कटवाने और फर्जी नाम जुड़वाने का खेल खेला है जो सीधे तौर पर लोकतंत्र की हत्या है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोंिवद ंिसह डोटासरा और राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में यह आरोप भी लगाया कि भाजपा के संगठन महामंत्री बी एल संतोष और गृह मंत्री अमित शाह के हालिया राजस्थान दौरे के बाद यह पूरा खेल शुरू हुआ।

उन्होंने यह भी कहा कि नाम कटवाने के लिए जमा किए गए सभी फॉर्म की फॉरेंसिक जांच होनी चाहिए। डोटासरा ने संवाददाताओं से कहा, “राजस्थान में एसआईआर की प्रक्रिया के बाद जो मसौदा सूची जारी हुई, इसमें 45 लाख लोग अनुपस्थित, स्थानांतरित और मृत की श्रेणी में पाए गए। इसके बाद 15 जनवरी तक आपत्ति मांगी गई। तीन जनवरी तक कोई अफरा-तफरी नहीं थी और सारा सिस्टम सही तरीके से चल रहा था। ” उन्होंने दावा किया, “तीन जनवरी को भाजपा के संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष राजस्थान गए, वहां बैठक की और फिर फर्जी तरीके से वोट जोड़ने और वोट काटने का काम शुरू हुआ।”

कांग्रेस नेता ने कहा, “मैं निर्वाचन आयोग की वेबसाइट से लिया गया एक डेटा आपसे साझा कर रहा हूं। इसमें बताया गया है कि भाजपा ने 17 दिसंबर से 14 जनवरी तक 937 बीएलए के माध्यम से 211 नाम जोड़ने और 5,694 वोट काटने का आवेदन दिया। वहीं, कांग्रेस पार्टी ने 110 बीएलए के माध्यम से 185 नाम जोड़ने और दो नाम हटाने का आवेदन दिया।”

डोटासरा ने कहा, “हमने पहले ही आशंका जताई थी कि भाजपा और निर्वाचन आयोग मिलकर, कांग्रेस की विचारधारा वाले लोगों का नाम काटने के लिए तारीख आगे बढ़ाएंगे। आखिर में हुआ भी यही।” उन्होंने दावा किया, “झुंझुनू में एक दिन में नाम काटने के 13,882 फॉर्म 7 लिए गए, मंडावा में 16,276, उदयपुरवाटी में 1,241 और खेतड़ी में 1,478 फॉर्म 7 लिए गए। वहीं, कुल 1,40,000 फॉर्म तो पंजीकृत भी करवा दिए गए।” उन्होंने दावा किया कि अधिकारियों और बीएलओ पर दबाव डालकर यह खेल खेला गया है।

डोटासरा ने कहा, “यह सीधे तौर पर लोकतंत्र की हत्या है।” जूली ने कहा, “16 जनवरी को भाजपा के 2,133 लोगों ने 291 नाम जोड़ने और 18,896 नाम काटने का आवेदन दिया। सवाल यह है कि अमित शाह जी के दौरे के बाद ऐसा क्या हुआ कि अचानक नाम काटने में तेजी आ गई? ” उन्होंने कहा, “इतना ही नहीं, ये सारे फॉर्म ंिप्रटेड हैं, नाम टाइप किये हुए हैं, हस्ताक्षर भी फर्जी तरीके से किए गए और प्रदेश में ऐसे लाखों फॉर्म हैं।”

जूली ने कहा, “मैं निर्वाचन आयोग और उच्चतम न्यायालय से मांग करता हूं कि राजस्थान में जितने भी फॉर्म आए हैं, उन सबकी फोरेंसिक जांच हो। यह पता लगाया जाए कि ये कहां छपे हैं, कौन इन्हें यहां तक पहुंचा कर गया है, तो पूरा दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।” उन्होंने दावा किया, ” सारे फॉर्म एक जगह पर छापे गए हैं और वहां से इनको जयपुर पहुंचाया गया है। भाजपा विधायक, प्रत्याशी और 5-6 मंत्रियों को जिम्मा दिया गया। उनके माध्यम से इन फॉर्म को एआरओ आॅफिस पहुंचाया गया। ”

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