भाजपा, आरएसएस दिल्ली से पूरे देश पर शासन करने का करते हैं समर्थन : राहुल गांधी

भाजपा आदिवासियों को वनों तक ही सीमित रखना चाहती है : राहुल गांधी

उत्तर लखीमपुर/माजुली. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) दिल्ली से पूरे देश पर शासन करने के विचार का पूर्ण समर्थन करते हैं, लेकिन राज्यों पर दिल्ली से यह (शासन) नहीं किया जाना चाहिए. ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ के असम में प्रवेश करने के दूसरे दिन लखीमपुर जिले के गोगामुख में एक जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल ने कहा कि उनकी पार्टी ऐसी किसी प्रणाली का समर्थन नहीं करती.

उन्होंने कहा, ”भाजपा और आरएसएस का मानना है कि हिन्दुस्तान पर एक भाषा और एक नेता के जरिये दिल्ली से शासन चलाया जाना चाहिए. लेकिन हम इससे असहमत हैं. असम पर शासन दिल्ली से नहीं, बल्कि असम से चलाया जाना चाहिए.” राहुल ने इस बात पर जोर दिया कि कांग्रेस सभी राज्यों को समान महत्व देती है और इसी कारण उन्होंने पूर्व के मणिपुर से पश्चिम में मुंबई तक के लिए यह यात्रा शुरू की है.

उन्होंने कहा, ”पूर्वोत्तर के राज्य और इसके लोगों की सुरक्षा किसी अन्य राज्य की तरह ही हमारे लिए महत्वपूर्ण है.” उन्होंने पिछले साल मई से लगातार जातीय हिंसा से मणिपुर के दहलने के बावजूद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा राज्य का दौरा नहीं करने को लेकर उनपर तंज कसा.

कांग्रेस नेता ने दावा किया, ”भारत के इतिहास में इस समय एक राज्य में गृह युद्ध जैसी स्थिति है. लेकिन प्रधानमंत्री ने एक बार भी राज्य का दौरा नहीं किया. वह वहां नहीं गए क्योंकि इससे भाजपा की राजनीतिक हकीकत सामने आ जाएगी.” राहुल ने लगातार दूसरे दिन (असम के मुख्यमंत्री) हिमंत विश्व शर्मा की आलोचना की और उन्हें देश में ‘सबसे भ्रष्ट’ मुख्यमंत्री बताया. राहुल ने असम में यात्रा के दूसरे दिन की शुरूआत माजुली और लखीमपुर जिलों से की. वह गोगामुख में रात में ठहरने के बाद शनिवार को अरूणाचल प्रदेश की ओर बढ़ेंगे.

भाजपा आदिवासियों को वनों तक ही सीमित रखना चाहती है : राहुल गांधी
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) आदिवासियों को वनों तक सीमित रख कर उन्हें शिक्षा तथा अन्य अवसरों से वंचित करना चाहती है. राहुल ने असम में अपनी ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ के दूसरे दिन पहली जनसभा को संबोधित करते हुए दावा किया कि कांग्रेस मूल निवासियों के तौर पर संसाधनों पर ‘आदिवासियों’ के अधिकारों को मान्यता देती है.

उन्होंने कहा, ” हम आपको आदिवासी कहते हैं जिसका अर्थ है आदि काल से रहने वाले. भाजपा आपको वनवासी कहती है जिसका अर्थ है वन में रहने वाले लोग.” कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा आदिवासियों को वनों तक ही सीमित करना चाहती है और उनके बच्चों को स्कूल तथा विश्वविद्यालय जा कर शिक्षा ग्रहण करने, अंग्रेजी सीखने एवं कारोबार करने के अवसरों से वंचित करना चाहती है. राज्य में भाजपा नीत गठबंधन सरकार है.

राहुल ने द्वीपीय जिले माजुली में आदिवासियों को संबोधित करते हुए कहा, ” हम चाहते हैं कि जो आपका है उसे आपको लौटाया जाना चाहिए. आपका जल, भूमि, वन आपका ही रहना चाहिए .” उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार देशभर में आदिवासियों की जमीनों को ”हथिया रही है.” कांग्रेस नेता ने कहा, ” आप सब जानते हैं कि आपके साथ क्या हो रहा है. आपकी जमीनें हथियाई जा रही हैं, आपका इतिहास मिटाया जा रहा है और पूरे देश में ऐसा हो रहा है.” राहुल ने कहा कि 2022-23 में कन्याकुमारी से कश्मीर तक की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ सफल रही थी और इससे ही लोगों ने पूर्व से पश्चिम तक इसी प्रकार की यात्रा निकालने की अपील की थी.

उन्होंने कहा, ” इसीलिए हमने मणिपुर से मुंबई तक यह यात्रा निकाली.” राहुल ने कहा कि यह भाजपा के साथ विचारधारा की लड़ाई है.
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया,” हमने मणिपुर से शुरुआत की. भाजपा ने मणिपुर जला के रख दिया है. वहां कई माह से गृह युद्ध जैसे हालात हैं और लोग एकदूसरे की हत्या कर रहे हैं. लेकिन प्रधानमंत्री एक बार भी वहां नहीं गए. नगालैंड में प्रधानमंत्री ने नौ वर्ष पहले एक समझौते का वादा किया था लेकिन उसे पूरा नहीं किया. यहां (असम) मुख्यमंत्री सबसे भ्रष्ट हैं.”

राहुल ने यह संबोधन अपनी कार से ही दिया. इसके बाद वह पारंपरिक परिधान धोती पहन कर प्रमुख वैष्णव स्थल श्री श्री औनियाती सत्र गए और उन्होंने धार्मिक स्थल के प्रमुख से बातचीत की. राहुल के नेतृत्व में कांग्रेस की 6,713 किलोमीटर की यात्रा 14 जनवरी को मणिपुर से शुरू हुई थी और यह 20 या 21 मार्च को मुंबई में समाप्त होगी. यात्रा का असम चरण बृहस्पतिवार को प्रारंभ हुआ था और 25 जनवरी तक जारी रहेगा.

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