ब्रिटिश प्रधानमंत्री सुनक और उनकी पत्नी अक्षता ने अक्षरधाम मंदिर में पूजा-अर्चना की

नयी दिल्ली. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक और उनकी पत्नी अक्षता मूर्ति ने रविवार को यहां अक्षरधाम मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद कहा कि यह केवल एक पूजास्थल नहीं है बल्कि भारत के मूल्यों को दर्शाने वाला मील का पत्थर भी है. मंदिर प्रशासन के अनुसार, सुनक दंपति मंदिर में करीब 45 मिनट रहे . इस दौरान उन्होंने पूजा-अर्चना की और मंदिर के वास्तु तथा इतिहास के बारे में जाना.

ऋषि सुनक और अक्षता मूर्ति सुबह करीब पौने सात बजे भगवान विष्णु का अवतार माने जाने वाले स्वामीनारायण को सर्मिपत अक्षरधाम मंदिर पहुंचे और स्वागत क्षेत्र से मुख्य मंदिर परिसर तक करीब 150 मीटर तक नंगे पांव ही गए. सुनक ने झक सफेद शर्ट और गहरे नीले रंग की पतलून पहनी हुई थी जबकि उनकी पत्नी अक्षता ने बेज रंग का कुर्ता, प्लाजो और चटख गुलाबी रंग की ओढनी पहनी हुई थी. मंदिर में दोनों का स्वागत पारंपरिक तरीके से किया गया. मंदिर की परिक्रमा करने के दौरान सुनक ने पुजारियों के साथ बातचीत भी की.

मंदिर प्रशासन द्वारा जारी बयान के अनुसार, प्रशासन ने सुनक के हवाले से कहा, ”मेरी पत्नी और मुझे आज सुबह स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर में दर्शन-पूजन करके प्रसन्नता हुई. इस मंदिर की सुंदरता और भव्यता तथा शांति, समरसता और एक बेहतर इंसान बनने के इसके संदेश से हम विस्मित रह गए.” उन्होंने कहा, ”यह केवल पूजा स्थल नहीं है, बल्कि एक मील का पत्थर भी है, जो भारत के मूल्यों, संस्कृति और दुनिया में उसके योगदान को भी दर्शाता है.” ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने कहा कि ब्रिटेन में इन्हीं मूल्यों और संस्कृति को ब्रिटिश-भारतीय समुदाय द्वारा ब्रिटेन में किए गए सकारात्मक योगदान के माध्यम से देखते हैं. मंदिर प्रशासन के एक अधिकारी ने कहा कि सुनक और उनकी पत्नी का यहां आना ‘बड़े सम्मान’ की बात है.

अधिकारी ने पीटीआई-भाषा से कहा, ”बारिश हो रही थी इसके बावजूद प्रधानमंत्री ऋषि सुनक और उनकी पत्नी ने मंदिर में विनम्रता से पूजा-अर्चना की और इस प्रतिष्ठित मंदिर में उनका आतिथ्य हमारे लिए बहुत सम्मान की बात है.” उन्होंने कहा, ”प्रधानमंत्री सुनक और उनकी पत्नी अक्षता मूर्ति बारिश के मौसम में भी मंदिर परिसर में नंगे पांव चले. स्वागत क्षेत्र से मुख्य मंदिर परिसर तक लगभग 150 मीटर की दूरी है और दोनों पति-पत्नी नंगे पांव चल रहे थे.” अधिकारी ने बताया, उन्होंने सबसे पहले स्वामीनारायण जी की स्वर्ण मूर्ति पर पुष्ण अर्पण किया और फिर ‘आरती’ की.

उन्होंने बताया, ”उन्होंने (सुनक पति-पत्नी) मंदिर परिसर में सीता-राम, राधा-कृष्ण, लक्ष्मी नारायण और शिव-पार्वती की मूर्तियों पर भी पुष्प अर्पित किए. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने मंदिर की वास्तुकला और उसके इतिहास के बारे में जानकारी ली.” उन्होंने बताया कि सुनक ने स्वामीनारायण जी की कुछ पवित्र वस्तुएं जैसे… उनके जूते और एक माला भी देखी.

मंदिर प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पीटीआई-भाषा को बताया, ”सुनक और उनकी पत्नी ने अक्षरधाम मंदिर में करीब 45 मिनट बिताए और पूजा-अर्चना की. उन्हें अक्षरधाम की एक विशेष प्रतिकृति के अलावा संगमरमर का एक हाथी और संगमरमर का एक मोर उपहार में दिया गया.” ब्रिटेन के बीएपीएस स्वामीनारायण ट्रस्ट के एक न्यासी और लंदन के नेसडेन मंदिर के एक स्वयंसेवक सुनक और उनकी पत्नी के साथ उनकी यात्रा के दौरान आए थे. ब्रिटिश प्रधानमंत्री के स्वागत दल में शामिल मंदिर प्रबंधन के एक अन्य अधिकारी ने यह जानकारी दी.

मंदिर दौरे के बाद सुनक ने जी20 नेताओं के साथ महात्मा गांधी के स्मारक राजघाट पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी. सुनक और अन्य विश्व नेता शनिवार से शुरू हुए दो दिवसीय जी20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए दिल्ली में एकत्र हुए हैं. ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में, भारत में ब्रिटिश उच्चायुक्त एलेक्स एलिस ने इस यात्रा के लिए सुनक और मूर्ति को धन्यवाद दिया.

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