हैदराबाद: तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने कहा है कि भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की सरकार ने 2014 से राज्य में अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए 12,000 करोड़ रुपये खर्च किए, जबकि कांग्रेस ने अविभाजित आंध्र प्रदेश में एक दशक तक सरकार में रहते हुए 1,200 करोड़ रुपये खर्च किए थे।
राव ने राज्य सरकार द्वारा आयोजित ‘इफ्तार’ पार्टी को संबोधित करते हुए बुधवार को दावा किया कि तेलंगाना ने बीआरएस की सरकार में तेजी से प्रगति की है। उन्होंने कहा, ‘‘पेयजल और बिजली की समस्याएं दूर कर ली गई हैं। बेरोजगारी की समस्या को भी दूर किया जा रहा है। हम आगे बढ़ रहे हैं, लेकिन देश पीछे की ओर जा रहा है।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि केंद्र सरकार का प्रदर्शन तेलंगाना की तरह होता, तो राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) कहीं अधिक होता। उन्होंने कहा, ‘‘टीआरएस (अब बीआरएस) सरकार से पहले कांग्रेस (अविभाजित आंध्र प्रदेश में) 10 साल तक सत्ता में थी। उस दौरान उसने अल्पसंख्यकों के कल्याण पर करीब 1,200 करोड़ रुपये खर्च किए थे। जब से बीआरएस की सरकार बनी है, पिछले 10 वर्षों में इस सरकार ने 12,000 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।’’
राव ने कहा कि देश ‘‘अजीब दौर’’ से गुजर रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘मेरा बुजुर्गों, भाइयों और ंिचतकों से अनुरोध है कि ंिहदुस्तान हमारा है और हमें किसी भी परिस्थिति में इसकी रक्षा करनी होगी। छोटी-मोटी कठिनाइयां आती हैं, लेकिन अगर सहयोग है, तो हम अंत तक लड़ेंगे। यह एक अस्थायी चरण है। अंतत: न्याय की जीत होगी।’’
राव ने कहा कि ‘गंगा-जमुनी तहजीब’ को कोई नहीं बदल सकता। तेलंगाना के मंत्री, आॅल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी और टेनिस स्टार सानिया मिर्जा सहित कई अन्य हस्तियां इस ‘इफ्तार’ पार्टी में शामिल हुईं।