Budget 2026: बजट बाजार को नहीं आया रास; शेयर बाजार धड़ाम, सेंसेक्स 2300 गिरा निफ्टी 624 अंक से अधिक टूटा

नई दिल्ली: केंद्रीय बजट पेश होने से पहले रविवार को बाजार लाल निशान पर खुला। हालांकि कारोबार के दौरान बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। बजट के एलानों के बाद टैक्स बढ़ने की घोषणाओं से शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स 12:15 तक 265 अंक गिरकर 82,004.56 अंक पर आ गया। वहीं निफ्टी 131.35 अंक गिरकर 25,189.30 अंक पर आ गया।

कारोबार के दौरान सेंसेक्स 10:39 बजे तक 255.96 अंक चढ़कर 82,525.74 अंक पर आ गया। वहीं निफ्टी 56.60 अंक चढ़कर 25,377.25 अंक पर आ गया। शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला 15.04 अंक या 0.02 प्रतिशत गिरकर 82,254.74 अंक पर आ गया। वहीं 50 शेयरों वाला निफ्टी 31.75 अंक या 0.13 प्रतिशत गिरकर 25,288.90 अंक पर आ गया।

आज देश का आम बजट पेश होने जा रहा है। आज रविवार का दिन है। आमतौर पर शेयर बाजार में शनिवार और रविवार को छुट्टी होती है, लेकिन आज का रविवार निवेशकों के लिए सामान्य छुट्टी के दिनों से अलग है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट भाषण को देखते हुए नेशनल स्टॉक एक्सचेंज और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज ने एलान किया है कि इस दौरान शेयर बाजार खुले रहेंगे और सामान्य दिनों की तरह कारोबार होगा।
विशेष लाइव ट्रेडिंग सत्र का होगा आयोजन

एनएसई और बीएसई की ओर से जारी सर्कुलर के मुताबिक, बजट की अहमियत को देखते हुए 1 फरवरी को ‘विशेष लाइव ट्रेडिंग सत्र’ आयोजित किया जा गया। एक्सचेंजों का कहना है कि बजट में होने वाली बड़ी नीतिगत घोषणाओं पर बाजार को तत्काल प्रतिक्रिया देने का मौका मिलना चाहिए, इसलिए रविवार होने के बावजूद बाजार बंद नहीं रहेगा। आजाद भारत के इतिहास में इससे पहले केवल एक बार रविवार को भी शेयर बाजार में कारोबार हुआ था। 28 फरवरी 1999 को जब देश के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी थे, उस समय रविवार के दिन भी घरेलू शेयर बाजार में कारोबार हुआ था।

क्यों लिया गया यह फैसला?
बाजार के जानकारों का मानना है कि बजट के दिन बाजार का खुला रहना बेहद जरूरी है। वित्त मंत्री का भाषण आमतौर पर सुबह 11 बजे शुरू होता है। इस दौरान राजकोषीय घाटे, टैक्स स्लैब और सेक्टर-विशिष्ट घोषणाएं सामने आती हैं।

रविवार को बाजार खोलने के पीछे तीन बड़े फायदे हैं:
1. तत्काल फैसला: निवेशक बजट के ऐलानों का असर तुरंत कीमतों पर देख सकेंगे और फैसला ले सकेंगे।
2. जोखिम प्रबंधन: अगर बाजार बंद रहता, तो निवेशकों को प्रतिक्रिया के लिए सोमवार तक का इंतजार करना पड़ता, जिससे अनिश्चितता बढ़ती। कल बाजार खुलने से निवेशक उसी दिन अपनी पोजीशन को मैनेज कर पाएंगे।
3. पारदर्शिता: छुट्टी के दिन बजट आने पर ऑफ-मार्केट सट्टेबाजी का डर रहता है, लाइव ट्रेडिंग से इसे नियंत्रित किया जा सकेगा।

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