सिरपुर धरोहर उत्सव एक से तीन फरवरी तक…

Author: navabharat digital
UPDATED: Fri, 30 Jan 2026 04:48 PM
सिरपुर धरोहर उत्सव एक से तीन फरवरी तक…
ऑडियो सुनें

रायपुर: छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में स्थित प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्थल सिरपुर में एक से तीन फरवरी तक सिरपुर धरोहर उत्सव 2026 का आयोजन किया जाएगा। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी धम्मशील गणवीर ने कहा कि यह उत्सव छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में भारत के सबसे महत्वपूर्ण प्राचीन बौद्ध शिक्षा केंद्रों में से एक सिरपुर में आयोजित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि बौद्ध इतिहास में सिरपुर का एक विशिष्ट स्थान है और यह कभी एक फलता-फूलता मठ एवं बौद्धिक केंद्र था, जिसके बारे में माना जाता है कि कभी यहां 10 हजार से अधिक बौद्ध भिक्षु रहते थे। गणवीर ने कहा कि प्रसिद्ध चीनी विद्वान और तीर्थयात्री ह्वेनसांग, जिन्होंने लगभग 630-645 ईस्वी में सिरपुर का दौरा किया था, ने यहां के मठों, विद्वान पंडितों और गतिशील बौद्धिक जीवन का दस्तावेजीकरण किया था।

उन्होंने बताया कि इस विरासत को केंद्र में रखते हुए, सिरपुर धरोहर उत्सव का लक्ष्य सिरपुर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करना, वैश्विक बौद्ध र्सिकट में इसकी स्थिति को मजबूत करना और इसके उत्कृष्ट सार्वभौमिक मूल्य के बारे में जागरूकता को बढ़ावा देना है।

अधिकारी ने कहा कि यह उत्सव सिरपुर को यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल के रूप में नामांकित करने के लिए जारी प्रयासों के साथ भी जुड़ा हुआ है, जो इसके पुरातात्विक महत्व और जीवंत सांस्कृतिक परंपराओं को उजागर करता है। उन्होंने बताया कि उत्सव अंतरराष्ट्रीय भागीदारी के साथ बड़े पैमाने पर आयोजित किया जाएगा तथा भूटान और दक्षिण कोरिया के प्रतिनिधियों के साथ-साथ जापान के प्रतिनिधियों के भी इसमें शामिल होने की उम्मीद है।

गणवीर ने कहा कि उत्सव के दौरान ‘सिरपुर के लिए यूनेस्को की आकांक्षाएं’ विषय पर एक उच्चस्तरीय पैनल चर्चा भी आयोजित की जाएगी, जिसमें संरक्षण, वैश्विक मान्यता और स्थायी सांस्कृतिक पर्यटन पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि तीन दिवसीय कार्यक्रम में शास्त्रीय, लोक, आध्यात्मिक और समकालीन प्रस्तुतियों का एक समृद्ध मिश्रण होगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सिरपुर विरासत उत्सव के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं। साय ने कहा कि यह उत्सव हर साल छत्तीसगढ़ की प्राचीन सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और पुरातात्विक विरासत को संरक्षित और बढ़ावा देने के लिए आयोजित किया जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन न केवल राज्य की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करते हैं, बल्कि पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय निवासियों के लिए आजीविका के नए अवसर पैदा करने में भी मदद करते हैं।

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By navabharat digital