
नई दिल्ली: केंद्रीय बजट के भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने कपड़ा उद्योग को लेकर कई अहम घोषणा की। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय फाइबर योजना के तहत रेशम और जूट पर जोर दिया जाएगा। साथ ही रोजगार बढ़ाने के प्रयास होंगे। हैंडलूम मिशन के जरिए भी प्रोत्साहन दिया जाएगा। समर्थ-2.0 के जरिए इस क्षेत्र को बढ़ावा दिया जाएगा। मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित किए जाएंगे। महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल शुरू होगी। इसके जरिए खादी, हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट पर जोर दिया जाएगा। इससे गांवों, एक जिला-एक उत्पादन और ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले युवाओं को बढ़ावा मिलेगा। स्पोट्स गुड के विनिर्माण, नवाचार और शोध पर जोर दिया जाएगा। 200 लीगेसी क्लस्टर पर ध्यान दिया जाएगा।
कपड़ा उद्योग के लिए बजट में क्या?
रेशम ऊन और जूट से जुड़े फाइबरों में आत्मनिर्भरता के लिए राष्ट्रीय फाइबर योजना लाई जाएगी। पारंपरिक क्लस्टरों के आधुनिकीकर के लिए वस्त्र विस्तार एवं रोजगार योजना आएगी। बुनकरों और कारीगरों की मदद के लिए राष्ट्रीय हथकरघा और हस्तशिल्प कार्यक्रम लाए जाएंगे।
वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी और परिधाओं को बढ़ावा देने के लिए टैक्स-इको पहल।
वस्त्र कौशल परिवेश के आधुनिकीकरण और उन्नयन के लिए समर्थ 2.0 का एलान।
मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव।
महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल शुरू करने का प्रस्ताव। हथकरघा उद्योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमोट करने की जरूरत। यह प्रशिक्षण कौशल और उत्पादन गुणवत्ता को बेहतर बनाएगा। योजना से एक जिला-एक उत्पाद पहल और ग्रामीण युवाओं को लाभ मिलेगा।


