
नयी दिल्ली. देश के 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 102 लोकसभा सीटों के लिए चुनाव प्रचार बुधवार शाम को समाप्त हो गया, जहां 19 अप्रैल को पहले चरण में मतदान होगा. पहले चरण की इन सीटों पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) और विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन के साथ-साथ अन्य दलों के नेताओं ने मतदाताओं को लुभाने के लिए जमकर प्रचार किया.
चुनाव प्रचार के तहत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले कुछ दिन में अनेक लोकसभा क्षेत्रों का दौरा कर रैलियों को संबोधित किया और रोडशो में भाग लिया. वह पूरे प्रचार अभियान में ‘मोदी की गारंटी’ की बात कर रहे हैं. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उनके कई कैबिनेट सहयोगियों, कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी जैसे वरिष्ठ पार्टी नेताओं और अन्य दलों ने भी अपने उम्मीदवारों के लिए प्रचार किया.
भाजपा ने भ्रष्टाचार, वंशवाद की राजनीति और संविधान तथा हिंदू धर्म का अपमान करने को लेकर ‘इंडिया’ गठबंधन पर पूरी तरह से हमला बोल दिया है. बदले में, विपक्षी नेताओं ने चुनावी बॉण्ड, एजेंसियों के कथित दुरुपयोग, मुद्रास्फीति और बेरोजगारी सहित अन्य मुद्दों पर सरकार पर हमला किया है. भाजपा ने अपने घोषणापत्र में लोक-लुभावन उपायों और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) जैसे विवादास्पद मुद्दों से किनारा करते हुए विकास और कल्याण को प्राथमिकता दी. पार्टी ने ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ और समान नागरिक संहिता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है. कांग्रेस ने 45 पन्नों के अपने ‘न्यायपत्र’ में न्याय के पांच स्तंभों और उनके तहत 25 गारंटियों का उल्लेख किया है.
पहले चरण में आठ केंद्रीय मंत्री – नितिन गडकरी, किरेन रीजीजू, सर्बानंद सोनोवाल, संजीव बालियान, जितेंद्र सिंह, भूपेन्द्र यादव, अर्जुन राम मेघवाल और एल मुरुगन, दो पूर्व मुख्यमंत्री – बिप्लब कुमार देब (त्रिपुरा) और नबाम तुकी (अरुणाचल प्रदेश), तथा पूर्व राज्यपाल तमिलिसाई सुंदरराजन (तेलंगाना) भी मैदान में हैं. पिछले लोकसभा चुनाव में संप्रग ने इन 102 सीटों में से 45 पर जीत हासिल की थी, राजग ने 41 सीटें जीती थीं. परिसीमन के तहत इनमें से छह सीटों का पुन: रेखांकन किया गया है.
इस चरण में तमिलनाडु (39), उत्तराखंड (5), अरुणाचल प्रदेश (2), मेघालय की (2), अंडमान निकोबार द्वीप समूह (1), मिजोरम (1), नगालैंड (1), पुडुचेरी (1), सिक्किम (1) और लक्षद्वीप (1) की सभी लोकसभा सीट पर मतदान होगा. इनके अलावा राजस्थान में 12, उत्तर प्रदेश में 8, मध्य प्रदेश में 6, असम और महाराष्ट्र में 5-5, बिहार में 4, पश्चिम बंगाल में 3, मणिपुर में 2 और त्रिपुरा, जम्मू कश्मीर तथा छत्तीसगढ़ में एक-एक सीट पर मतदान होगा.
तमिलनाडु में, मुख्यमंत्री और द्रमुक अध्यक्ष एम के स्टालिन ने चुनाव प्रचार के आखिरी दिन चुनावों को ‘दूसरा स्वतंत्रता आंदोलन’ बताया और दोहराया कि चुनाव यह तय करने के बारे में है कि ‘किसका शासन जारी नहीं रहना चाहिए’, बजाय इसके कि किसे सत्ता पर आना चाहिए. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मोदी ने अपनी ”स्वार्थी राजनीति” के लिए देश को बर्बाद कर दिया है. भाजपा की तमिलनाडु इकाई के अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने भी जोरदार प्रचार किया है. कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाद्रा और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को सहारनपुर और मुरादाबाद में रैलियों को संबोधित किया.
प्रधानमंत्री मोदी ने जम्मू कश्मीर में लोगों को विधानसभा चुनाव कराने और पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने का आश्वासन दोहराया.
गृह मंत्री शाह ने एक रैली में दोहराया कि उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्धारित 30 सितंबर की समयसीमा के अनुरूप विधानसभा चुनाव होंगे. छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर में पहले चरण में मतदान होगा. इसमें मंगलवार को कांकेर जिले में चलाए गए एक बड़े नक्सल विरोधी अभियान की छाया रहेगी, जिसमें 29 माओवादियों को सुरक्षा बलों ने मार गिराया.
उत्तर प्रदेश में पहले चरण में 19 अप्रैल को जिन लोकसभा सीट पर मतदान होना है उनमें राज्य के पश्चिमी क्षेत्र की सहारनपुर, बिजनौर, कैराना, मुजफ्फरनगर, नगीना, मुरादाबाद, रामपुर और पीलीभीत सीट शामिल हैं. राज्य में भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग), विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के बीच त्रिकोणीय मुकाबले के लिए मंच तैयार है.
पहले चरण के चुनाव के लिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मेरठ और पीलीभीत में रैलियों को संबोधित किया जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इन सीट पर 20 से अधिक रैलियों को संबोधित कर चुके हैं. केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने भी पहले चरण में चुनाव से गुजरने वाले अनेक लोकसभा क्षेत्रों में रैलियों को संबोधित किया. बसपा अध्यक्ष मायावती और उनके भतीजे आकाश आनंद ने भी अपनी पार्टी के उम्मीदवारों के समर्थन में चुनावी सभाओं को संबोधित किया.
राजस्थान की जिन 12 लोकसभा सीट पर पहले चरण में मतदान होना है उनमें गंगानगर, बीकानेर, चूरू, झुंझूनूं, सीकर, जयपुर ग्रामीण, जयपुर, अलवर, भरतपुर, करौली-धौलपुर, दौसा और नागौर हैं. नगालैंड की एकमात्र लोकसभा सीट के लिए 19 अप्रैल को मतदान होगा. सिक्किम में 32 विधानसभा सीटों और एकमात्र लोकसभा क्षेत्र के लिए प्रचार अभियान बुधवार को समाप्त हो गया.
त्रिपुरा पश्चिम लोकसभा क्षेत्र और रामनगर विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव के लिए प्रचार बुधवार शाम पांच बजे थम गया. असम में जिन पांच सीटों पर मतदान होना है उनमें डिब्रूगढ़, जोरहाट, काजीरंगा, सोनितपुर और लखीमपुर शामिल हैं. अरुणाचल प्रदेश में विधानसभा और लोकसभा चुनाव के लिए 19 अप्रैल को एक साथ होने वाले मतदान का प्रचार बुधवार शाम को समाप्त हो गया.
पश्चिम बंगाल में तीन लोकसभा सीट, कूच बिहार (एससी), जलपाईगुड़ी (एससी) और अलीपुरद्वार (एसटी) के लिए पहले चरण में 19 अप्रैल को होने वाले मतदान के लिए प्रचार बुधवार शाम छह बजे समाप्त हो गया. महाराष्ट्र में पहले चरण में नागपुर, रामटेक, भंडारा-गोंदिया, चंद्रपुर और गढ़चिरौली सीट पर मतदान होगा. जम्मू-कश्मीर की पांच लोकसभा सीट में एक उधमपुर सीट पर पहले चरण में चुनाव होगा. उत्तराखंड की सभी लोकसभा सीट-पौड़ी गढ़वाल , टिहरी, अल्मोड़ा (सुरक्षित), हरिद्वार और नैनीताल-पर 19 अप्रैल को मतदान होगा.



