‘एक्सपायर’ दवा चढ़ाने का मामला: कांग्रेस ने बंगाल सरकार को दोषी ठहराया, जवाबदेही तय करने की मांग की

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sun, 12 Jan 2025 08:19 PM
‘एक्सपायर’ दवा चढ़ाने का मामला: कांग्रेस ने बंगाल सरकार को दोषी ठहराया, जवाबदेही तय करने की मांग की

ऑडियो सुनें

कोलकाता. कांग्रेस की पश्चिम बंगाल इकाई ने पश्चिम मेदिनीपुर जिले में एक सरकारी अस्पताल में प्रसव के बाद पांच महिलाओं को कथित तौर पर ‘एक्सपायर’ दवा (इंट्रावीनस फ्लूइड) चढ़ाए जाने की घटना के लिए रविवार को राज्य सरकार को दोषी ठहराया.
पार्टी ने इस घटना को भ्रष्टाचार और राज्य स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का नतीजा करार देते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से स्पष्टीकरण देने की मांग की तथा सोमवार को स्वास्थ्य भवन का घेराव करने की घोषणा की. ममता के पास राज्य के स्वास्थ्य विभाग का भी प्रभार है.

मेदिनीपुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एमएमसीएच) में पांच महिलाओं को प्रसव के बाद जो दवा चढ़ाई गई थी, वह कथित तौर पर ‘एक्सपायर’ (इस्तेमाल करने की अवधि समाप्त हो गई थी) हो चुकी थी. इनमें से एक महिला की मौत हो गई थी, जबकि चार अन्य की हालत गंभीर बताई जा रही थी. स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच के लिए 13 सदस्यीय समिति का गठन किया है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभांकर सरकार ने घोषणा की कि घटना के विरोध में पार्टी सोमवार को स्वास्थ्य भवन का घेराव करेगी.

उन्होंने कहा, “यह घटना भ्रष्टाचार, लापरवाही और बुनियादी ढांचे की कमी की पराकाष्ठा को उजागर करती है. एक पीड़िता जन्म देने के बाद अपने बच्चे को देख भी नहीं सकी. वहीं, चार अन्य महिलाएं अभी भी जिंदगी की जंग लड़ रही हैं.” सरकार ने सवाल किया, “स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य विभाग क्या कर रहे हैं? हम जवाबदेही चाहते हैं. हमारे पास कल दोपहर दो बजे के आसपास स्वास्थ्य भवन के शांतिपूर्ण घेराव का आह्वान करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है.” प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने बताया कि पार्टी कार्यकर्ता दोपहर करीब 12.30 बजे साल्ट लेक के करुणामयी में एकत्र होंगे, जहां से वे सेक्टर पांच स्थित स्वास्थ्य भवन के लिए मार्च शुरू करेंगे.
उन्होंने कहा, “मैं पश्चिम बंगाल के लोगों से अपील करता हूं कि वे आगे आएं और हमारे विरोध-प्रदर्शन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें.”

माकपा की युवा और छात्र शाखाओं का अस्पताल में महिला की मौत को लेकर विरोध प्रदर्शन
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की युवा और छात्र शाखाओं ने रविवार को मेदिनीपुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के सामने विरोध प्रदर्शन किया और इस सरकारी अस्पताल में एक महिला की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर जिले के एक अस्पताल में प्रसव के बाद कथित तौर पर ‘एक्स्पायर्ड इंटरावीनस फ्लूइड’ के चढ़ाए जाने के कारण एक महिला की मौत हो गई तथा चार अन्य गंभीर रूप से बीमार हो गए. घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच के आदेश दिए हैं.

विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए ‘डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया’ (डीवाईएफआई) की राज्य सचिव मीनाक्षी मुखर्जी ने मांग की कि अस्पताल में महिला की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए. डीवाईएफआई और एसएफआई समर्थकों ने अपनी मांगों को लेकर वहां कुछ समय के लिए सड़क जाम किया.

By Yogesh Kumar Sahu