सरकार की विफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए लालू के खिलाफ हुई सीबीआई की छापेमारी: कांग्रेस

नयी दिल्ली. कांग्रेस ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ सीबीआई की छापेमारी को लेकर शुक्रवार को आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की विफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए यह कदम उठाया गया है. केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने रेलवे में नौकरियों के बदले उम्मीदवारों से जमीन लेने के आरोप में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ एक नया मामला दर्ज किया है. अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. यह कथित घोटाला तब का है जब लालू प्रसाद यादव संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार में केंद्रीय मंत्री थे.

कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने संवादददाताओं से कहा, ‘‘मोदी जी से आप लोग कितनी रचनात्मात्कता की उम्मीद करते हैं? अब तो उनकी रचनात्मकता खत्म हो गई. ऐसे में वह पुराने ढर्रे पर ही बार-बार चलते रहते हैं. इस छापेमारी से किसी को आश्चर्य नहीं हुआ.’’ उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘सरकार की विफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए ये छापेमारी की गई है.’’ पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष नवजोत ंिसह सिद्धू को एक साल की सजा के प्रकरण पर खेड़ा ने कहा, ‘‘सिद्धू जी ने ट्वीट किया है. कानून अपने रास्ते पर चलता है. उनको कानून से जो राहत मिल पाएगी, जो भी वह कर पाएंगे, उसके लिए वह प्रयास करेंगे. वकीलों से वह सलाह ले रहे हैं. जहां कानून की बात आती है, वहां राजनीतिक टिप्पणी करना उचित नहीं होगा.’’

‘चीन के पुल बनाने’ पर सरकार की प्रतिक्रिया विरोधाभासी, राष्ट्र की रक्षा करें प्रधानमंत्री

कांग्रेस ने पैंगोंग झील के निकट चीन द्वारा दूसरा पुल बनाए जाने संबंधी खबरों पर भारत सरकार की प्रतिक्रिया को विरोधाभासी करार देते हुए शुक्रवार को कहा कि इस तरह के बयान से कुछ नहीं होगा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राष्ट्र की रक्षा करनी चाहिए.

पार्टी ने सरकार से यह सवाल भी किया कि क्या चीन द्वारा पैगोंग झील के निकट अवैध निर्माण किया जाना भारत की भौगोलिक अखंडता पर हमला नहीं है?’ पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग सो के पास चीन के दूसरा पुल बनाने की खबरें आने के एक दिन बाद विदेश मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कहा था कि खबरों के अनुसार जिस स्थान पर निर्माण कार्य किया जा रहा है, वह क्षेत्र दशकों से उस देश के कब्जे में है.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अंिरदम बागची ने साप्ताहिक प्रेस वार्ता में यह भी कहा था कि भारत की ऐसे घटनाक्रम पर नजÞर है.
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ‘‘चीन पैंगोंग पर पहला पुल बनाता है. भारत सरकार कहती है कि हम हालात पर नजर बनाए हुए हैं. चीन पैंगोंग पर दूसरा पुल बनाता है. भारत सरकार कहती है कि हम हालात पर नजर बनाए हुए हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता से कोई समझौता नहीं हो सकता. डरे हुए अंदाज में प्रतिक्रिया करने से कुछ नहीं होगा. प्रधानमंत्री को राष्ट्र की रक्षा करनी चाहिए.’’

कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘पैंगोंग झील पर चीन द्वारा दूसरे पुल के निर्माण पर विदेश मंत्रालय का बयान बिरोधाभासी है. विदेश मंत्रालय को सही जानकारी नहीं है तो रक्षा मंत्रालय स्थिति को स्पष्ट क्यों नहीं करता, आखिर देश को अंधेरे में क्योँ रखा जा रहा है ?’’ उन्होंने सवाल किया, ‘‘क्या यह सही नहीं है कि चीन पूर्वी लद्दाख के पैंगोंग झील वाले जिस इलाके में पुल का निर्माण कर रहा है उसे भारत दशकों से चीन द्वारा अनधिकृत ‘कÞब्जÞे वाला क्षेत्र मानता है? ऐसे में विदेश मंत्रालय की ताजा टिप्पणी से असमंजस की स्थिति पैदा होती है.’’

खेड़ा ने दावा किया, ‘‘कूटनीति में भाषा की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है. जहां हमारी वीर सेना दुश्मन को मुंह तोड़ जवाब देती है, वहीं सरकार की ऐसी ढुलमुल टिप्पणी देश के हौसले का मजÞाकÞ उड़ाती है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘इस साल जनवरी में जब चीन द्वारा पैंगोंग झील पर पहला पुल बनाने की खबरें सामने आईं तो विदेश मंत्रालय ने कहा था कि यह उस क्षेत्र में स्थित है जो 60 वर्षों से चीन के अवैध कब्जे में है. क्या पुल का अवैध निर्माण हमारी भौगोलिक अखंडता पर हमला नहीं है?’’ कांग्रेस प्रवक्ता ने सवाल किया, ‘‘क्या यह निर्माण उस संघर्ष विराम का खुला उल्लंघन नहीं है जिसके चलते भारत ने सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इलाकÞों से अपना कÞब्जÞा छोड़ दिया था?’’

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