यह तस्वीरें छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में स्थित अचानकमार बाघ अभ्यारण्य में स्थित लगभग सवा सौ साल पुराने दो मंजिला डाक बंगला की है जो घने जंगल में समुद्र सतह से 1468 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। ये रेस्ट हॉउस सन 1911 में बना था।
यह हकीकत है क्योंकि तब लागत यही थी। उस वक़्त इस स्थल तक बिल्डिंग मटेरियल पहुंचाना जटिल काम रहा। अब ये कोर एरिया में है, यहाँ सैलानी अब नहीं ठहरते, इसे म्यूजियम का रूप दे दिया गया है! ये केंप कार्यालय का हिस्सा है! बताया जाता है कि अंग्रेजी शासन में इसे पर्यटन और गर्मी के दिनों में ठहरने के लिए बनाया गया था।
सैलानी अब रिजर्व के बाहरी क्षेत्र शिवतराई में नए बने आवासीय स्थल में रुकेंते हैं! चीतल इस डाक बंगले के करीब दिखते हैं। अचानकमार बाघ अभ्यारण्य (छत्तीसगढ़) में बाघों की आबादी में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है, जो 2022 में 5 से बढ़कर 2025 में 18 हो गई है, जिसका मुख्य कारण बांधवगढ़ (मध्य प्रदेश) से बाघिन झुमरी का आगमन और संरक्षण प्रयासों में वृद्धि है।
