लखनऊ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का मुक्की, प्रतिनिधिमंडल को संभल जाने से रोका गया

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 02 Dec 2024 07:26 PM
लखनऊ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का मुक्की, प्रतिनिधिमंडल को संभल जाने से रोका गया
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लखनऊ/संभल. उत्तर प्रदेश में कांग्रेस पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल को सोमवार को पुलिस ने हिंसा प्रभावित संभल जाने से रोका, जिसके चलते उसके कार्यकर्ताओं ने राजधानी लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय के बाहर नारेबाजी की और पुलिस र्किमयों के साथ धक्का-मुक्की की. पुलिस ने रविवार रात को ही राजधानी लखनऊ में पार्टी कार्यालय और उसके कई नेताओं के आवास के बाहर अवरोधक लगा दिए थे. कांग्रेस के यह नेता उसकी प्रदेश इकाई के प्रमुख अजय राय के साथ संभल दौरे पर जाने वाले थे.

जब राय के नेतृत्व में सोमवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने संभल के लिए कूच करने की कोशिश की तो पुलिस ने उन्हें अवरोधक लगाकर रोक दिया. इस दौरान कांग्रेस नेताओं और उसके कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और पुलिस के साथ उनकी धक्का मुक्की भी हुई.
कांग्रेस पार्टी ने हिंसा प्रभावित जिले में जाने से अपने नेताओं को रोकने की पुलिस कार्रवाई को “लोकतंत्र विरोधी” करार दिया है.
कांग्रेस ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व में कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल को संभल जाने से रोका गया है. प्रदेश सरकार की इस तानाशाही का राय सहित कांग्रेस के साथियों ने भारी विरोध किया है. इस सरकार और पुलिस की मनमानी से हमारा साहस टूटने नहीं जा रहा. हम संभल में शांति स्थापित करने और लोगों को न्याय दिलाने का प्रयास जारी रखेंगे.”

दिल्ली से संभल जा रहे कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को भी उत्तर प्रदेश की सीमा पर रोक दिया गया. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी और पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बृजलाल खाबरी उन लोगों में शामिल थे जिन्हें पुलिस द्वारा रोका गया. संभल में 19 नवंबर से ही तनाव व्याप्त है, जब अदालत के आदेश पर एक मुगलकालीन मस्जिद का सर्वेक्षण किया गया था. क्योंकि यह दावा किया गया है कि उस स्थान पर पहले हरिहर मंदिर था.

अदालत के आदेश पर शाही जामा मस्जिद के सर्वेक्षण के दौरान 24 नवंबर को संभल में हिंसा भड़क गई थी जिसमें चार लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हो गए थे. यह सर्वेक्षण उस याचिका से जुड़ा है जिसमें दावा किया गया है कि इस मस्जिद के स्थान पर कभी हरिहर मंदिर हुआ करता था. संभल में कांग्रेस के नगर अध्यक्ष तौकीर अहमद ने सोमवार को संवाददाताओं से कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व में कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल को संभल आना था, लेकिन पुलिस प्रशासन हर किसी को संभल आने से रोक रहा है.

अहमद ने कहा कि कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को संभल में शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करने, स्थिति का जायजा लेने और शांति की अपील करने के लिए आना था. तौकीर अहमद ने कहा, “इससे पूर्व जिला प्रशासन ने 30 नवंबर तक संभल आने पर रोक लगा रखी थी और इससे पहले ही हमने घोषणा की थी कि हमारा प्रतिनिधिमडंल दो दिसंबर को संभल जाएगा. लेकिन, अब पुलिस प्रशासन हर किसी को संभल आने से रोक रहा है जोकि लोकतंत्र के खिलाफ है.” उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार और संभल जिला प्रशासन हिंसा को रोकने में पूरी तरह से विफल रहा है.

इस बीच, लखनऊ के मॉल एवेन्यू इलाके में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में पुलिसर्किमयों को तैनात कर अवरोधक लगा दिए गए हैं. वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और पार्टी के अन्य नेताओं को संभल के लिए निकलने का प्रयास करते हुए देखा गया.

उत्तर प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल की नेता आराधना मिश्रा ने लखनऊ में विधानसभा के बाहर संवाददाताओं को से कहा, “संभल की घटना कोई सामान्य घटना नहीं है, बल्कि एक बड़ी घटना है. प्रदेश कांग्रेस प्रमुख अजय राय के नेतृत्व में कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल तथ्यों का पता लगाने के लिए वहां जाना चाहता था. लेकिन, कल रात से मुझे नजरबंद कर दिया गया है. प्रदेश कांग्रेस प्रमुख राय सहित हमारी पार्टी के नेताओं को संभल जाने से रोका जा रहा है.” मिश्रा ने कहा कि यह प्रदेश सरकार की तरफ से पूर्ण अराजकता है. सरकार भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू होने का हवाला देकर अपनी विफलता छिपाने की कोशिश कर रही है, और कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को लखनऊ से संभल जाने की अनुमति नहीं दे रही है. उन्होंने कहा कि बीएनएसएस की धारा 163 संभल में लगाई गई है, लखनऊ में नहीं. इससे पहले, अजय राय ने सोमवार को ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “हमने दो

दिसंबर को संभल जाने का निर्णय किया था. जनप्रतिनिधियों के संभल में प्रवेश पर रोक 30 नवंबर तक हटाई जानी थी. अब उन्होंने अचानक यह रोक 10 दिसंबर तक के लिए बढ़ा दी है. सरकार स्पष्ट रूप से अपनी खामियां छिपाना चाहती है.” प्रदेश कांग्रेस प्रमुख ने कई पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ कांग्रेस कमेटी कार्यालय में ही रात बिताई. राय ने कहा, “यदि हमें रोका गया तो हम गांधीवादी तरीके से शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करेंगे क्योंकि हम महात्मा गांधी के अनुयायी हैं.” संभल से सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क समेत कई सपा सांसदों और विधायकों को शनिवार (30 नवंबर) को हिंसा ग्रस्त संभल जाने से रोक दिया गया था. जिला प्रशासन ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिले में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक 10 दिसंबर तक बढ़ा दी.

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