महाराष्ट्र में मरीजों की मौते के मामले में कांग्रेस ने जांच की मांग की; खरगे ने व्यवस्था पर सवाल उठाए

नांदेड़ के अस्पताल में मौतों पर मुख्यमंत्री शिंदे बोले- दवाई और कर्मचारियों की कोई कमी नहीं

नयी दिल्ली/मुंबई.महाराष्ट्र में नांदेड़ जिले के एक सरकारी अस्तपाल में 31 लोगों की मौत के मामले में कांग्रेस ने मंगलवार को व्यापक जांच की मांग की और इस मामले में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाया. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राज्य सरकार की स्वास्थ्य प्रणाली पर सवाल उठाए तथा दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की.

महाराष्ट्र के एक शीर्ष स्वास्थ्य अधिकारी ने सोमवार को बताया था कि 30 सितंबर से एक अक्टूबर के बीच नांदेड़ के एक सरकारी अस्पताल में 12 शिशुओं सहित 24 मरीजों की मौत हुई. पिछले 24 घंटे की अवधि में एक ही अस्पताल में सात और लोगों की मौत के साथ मंगलवार को मृतकों की संख्या बढ.कर 31 हो गई. खरगे ने सोशल मीडिया मंच एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में मरीजों की मौत पर चिंता व्यक्त की.

उन्होंने लिखा, ”बताया जा रहा है कि इन मरीजों की मौत दवाओं और उपचार के अभाव में हुई. ऐसी ही एक घटना इसी साल अगस्त में ठाणे के एक सरकारी अस्पताल में सामने आई थी, जिसमें 18 मरीजों को जान गंवानी पड़ी थी.” कांग्रेस प्रमुख ने महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)-शिवसेना गठबंधन सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ”पीड़ितों के परिजनों के प्रति हमारी गहरी संवेदना. बार-बार हो रही ऐसी घटनाओं ने राज्य सरकार की स्वास्थ्य प्रणाली पर सवालिया लगा दिया है.”

उन्होंने कहा, ”हम गहन जांच की मांग करते हैं ताकि इस लापरवाही के दोषियों को अदालत कड़ी सजा दे सके.” पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार रात को सवाल उठाया था कि बच्चों की दवाओं के लिए पैसे क्यों नहीं हैं, जबकि भाजपा सरकार प्रचार पर करोड़ों रुपये खर्च करती है.

गांधी ने आरोप लगाया, ”भाजपा सरकार अपने प्रचार-प्रसार पर हजारों करोड़ रुपये खर्च करती है, लेकिन बच्चों की दवा के लिए पैसा नहीं है? भाजपा की नजर में गरीबों की जान की कोई कीमत नहीं है.” कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि मृत मरीजों में से 16 या तो नवजात थे या बच्चे थे “फिर भी प्रधानमंत्री इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं.” उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा, “अभी कुछ समय पहले ही ठाणे जिले के एक अस्पताल में इसी तरह की भयावह घटना सामने आई थी.”

रमेश ने कहा, “इस गठबंधन सरकार में कोई जवाबदेही नहीं है. ऐसे में प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए.” सोमवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में प्रियंका गांधी ने कहा, ”भगवान दिवंगतों की आत्माओं को शांति दे. शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदना.”

उन्होंने लिखा, ”इसके दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाना चाहिए और प्रभावित परिवारों को मुआवजा दिया जाना चाहिए.” एक सोशल मीडिया पोस्ट में नांदेड के जिला सूचना अधिकारी (डीआईओ) ने कहा, ”डॉ शंकरराव चव्हाण सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में 30 सितंबर से एक अक्टूबर के बीच 24 मरीजों की मौत हुई, जबकि एक और दो अक्टूबर के बीच सात मरीजों की मौत हुईं.” इसमें कहा गया, ”घबराने की जरूरत नहीं है. चिकित्सकों की एक टीम तैयार है.”

नांदेड़ के अस्पताल में मौतों पर मुख्यमंत्री शिंदे बोले- दवाई और कर्मचारियों की कोई कमी नहीं

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मंगलवार को कहा कि उनकी सरकार ने नांदेड़ के एक अस्पताल में हुई मौतों को बहुत गंभीरता से लिया है और विस्तृत जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने इस बात से इनकार किया कि दवाइयों और कर्मचारियों की कोई कमी है.

मध्य महाराष्ट्र के नांदेड़ में डॉ. शंकरराव चव्हाण सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में 30 सितंबर से 48 घंटों में 31 मौतें दर्ज की गईं हैं. यहां साप्ताहिक कैबिनेट बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए शिंदे ने कहा कि अस्पताल में पर्याप्त दवाएं और कर्मचारी उपलब्ध हैं.  उन्होंने बताया कि मृतकों में से कई हृदय रोग से पीड़ित बुजुर्ग, कम वजन वाले शिशु या दुर्घटना के शिकार लोग थे.

मुख्यमंत्री ने कहा, ” मौतें दुर्भाग्यपूर्ण हैं. हमने घटना को बहुत गंभीरता से लिया है. जांच के आदेश दे दिए गए हैं और उचित कार्रवाई की जाएगी.” बिहार में जाति आधारित गणना और महाराष्ट्र में भी ऐसा ही सर्वेक्षण कराने की मांग को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा, “बिहार में हुए सर्वेक्षण के नतीजे देखेंगे और जरूरत पड़ी, तो यहां भी सर्वेक्षण कराया जायेगा.”

उन्होंने एक सवाल पर कहा कि उप मुख्यमंत्री अजित पवार ने बीमार होने की वजह से बैठक में हिस्सा नहीं लिया. शिंदे ने कहा, “इसका कोई और निष्कर्ष नहीं निकालिएगा.” शिंदे ने कहा कि कैबिनेट ने राज्य में फसल की स्थिति की समीक्षा की और जहां भारी बारिश से फसलों को नुकसान हुआ है, वहां अधिकारियों को युद्धस्तर पर पंचनामा (मौके के निरीक्षण की रिपोर्ट) पूरा करने का निर्देश दिया गया है.
उन्होंने कहा कि दिवाली के लिए, जन वितरण प्रणाली की दुकानों के माध्यम से उपलब्ध कराए जाने वाले ‘आनंद शिद्ध’ (आवश्यक खाद्य पदार्थों) में मैदा और पोहा के साथ-साथ चीनी, रवा, दाल और खाद्य तेल शामिल होंगे.

मुख्यमंत्री ने कहा कि खाद्य सामान उन 14 इलाकों में 25 अक्टूबर से 30 नवंबर के बीच 100 रुपये में उपलब्ध होंगे, जहां से किसानों की आत्महत्या के अधिक मामले आते हैं. उन्होंने कहा कि कैबिनेट ने योजना के लिए 530 करोड़ रुपये के आवंटन को मंजूरी दे दी है.
हर साल अल्पसंख्यक समुदायों के 27 विद्यार्थियों को विदेश में पढ.ने के लिए छात्रवृत्ति प्रदान करने का फैसला भी कैबिनेट बैठक में लिया गया.

मुख्यमंत्री ने कहा कि ये छात्रवृत्तियां क्यूएस विश्व रैंकिंग में पहले 200 में शामिल विदेशी विश्वविद्यालयों में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, फार्माकोलॉजी, जीवन विज्ञान, ‘लिबरल आर्ट्स’, मानविकी, कृषि, कानून और वाणिज्य के क्षेत्रों में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों और पीएचडी के लिए दी जाएगी.

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