बेंगलुरु. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष बी.वाई.विजयेंद्र ने मंगलवार को कहा कि पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही मुख्यमंत्री सिद्धरमैया से मुलाकात कर कांग्रेस सरकार से अनुसूचित जातियों के लिए आतंरिक आरक्षण (आरक्षण का उप वर्गीकरण) लागू करने की मांग करेगा जैसा की पूर्ववर्ती भाजपा सरकार ने सिफारिश की थी.
विजयेंद्र ने अपनी अध्यक्षता में पार्टी नेताओं के साथ इस मुद्दे पर हुई चर्चा के बाद संवाददाताओं से कहा,”…सभी पक्षों से चर्चा करने के बाद पूर्ववर्ती बसावराज बोम्मई सरकार ने केंद्र सरकार से आंतरिक आरक्षण की सिफारिश की थी, अब राज्य में कांग्रेस की सरकार है और उसे इसे लागू करना चाहिए.” उन्होंने कहा कि भाजपा नेता यथाशीघ्र मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे और बोम्मई सरकार की सिफारिशों को ‘उसी स्वरूप में ‘ लागू करने की मांग करेंगे.
पिछले वर्ष विधानसभा चुनावों से ठीक पहले, पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के मंत्रिमंडल ने आंतरिक आरक्षण पर निर्णय लिया था और केंद्र सरकार से अनुसूचित जाति (लेफ्ट) के लिए छह प्रतिशत, अनुसूचित जाति (राइट) के लिए 5.5 प्रतिशत, ‘स्पृश्य’ (बंजारा, भोवी, कोरचा, कुरुमा आदि) के लिए 4.5 प्रतिशत तथा अन्य के लिए एक प्रतिशत आंतरिक कोटा देने की सिफारिश की गई थी. उच्चतम न्यायालय ने एक अगस्त को दिए एक ऐतिहासिक फैसले में कहा कि राज्यों को अनुसूचित जातियों के भीतर उप-वर्गीकरण करने का संवैधानिक अधिकार है, ताकि सामाजिक और शैक्षणिक रूप से अधिक पिछड़ी जातियों के उत्थान के लिए आरक्षण दिया जा सके.