कांग्रेस ने पटेल, आंबेडकर, बोस की विरासत को समाप्त करने की कोशिश की: भाजपा

नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने रविवार को कहा कि राष्ट्रगीत वंदे मातरम् की वर्षगांठ पर लोकसभा में होने वाली चर्चा के दौरान जवाहरलाल नेहरू की ‘‘असलियत’’ सामने आ जाएगी. साथ ही, भाजपा ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के इस आरोप को लेकर उन पर निशाना साधा कि सत्तारूढ़ सरकार का मुख्य उद्देश्य देश के पहले प्रधानमंत्री को बदनाम करना है.

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने सिर्फ नेहरू की विरासत को जीवंत रखने के लिए सरदार वल्लभभाई पटेल, डॉ. भीम राव आंबेडकर और सुभाष चंद्र बोस जैसे नेताओं की विरासत को ‘‘समाप्त’’ करने का प्रयास किया. उन्होंने कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष से नेहरू-गांधी परिवार को बढ़ावा देना बंद करने को कहा.

पुरी लोकसभा क्षेत्र से भाजपा सांसद ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘जहां तक नेहरू की विरासत को खत्म करने का सवाल है, तो नेशनल हेराल्ड मामले में जमानत पर बाहर आए तथाकथित वर्तमान गांधी परिवार के अलावा उनकी विरासत को सबसे बेहतर तरीके से कौन खत्म कर सकता है.’’ उनका इशारा सोनिया गांधी और उनके बेटे तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की ओर था.
गांधी परिवार का नाम लिए बिना पात्रा ने कहा कि हाल में उनके खिलाफ नेशनल हेराल्ड पर कथित रूप से कब्जा करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है. नेशनल हेराल्ड की शुरुआत नेहरू ने की थी.

पात्रा ने कहा, ‘‘यदि वे नेहरू की विरासत को कलंकित नहीं कर रहे हैं, तो फिर ऐसा करने की कोशिश कौन कर रहा है?’’ उन्होंने कहा, ‘‘जब कल संसद में वंदे मातरम् पर चर्चा होगी, तो मुझे लगता है कि नेहरू जी की असलियत सभी के सामने आ जाएगी; वह फिर से बेनकाब हो जाएंगे.’’ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ पर सोमवार को लोकसभा में चर्चा की शुरुआत करेंगे. इसमें राष्ट्र गीत के बारे में कई महत्वपूर्ण और अज्ञात पहलुओं के सामने आने की संभावना है. गृह मंत्री अमित शाह मंगलवार को राज्यसभा में चर्चा की शुरुआत करेंगे.

लोकसभा में ‘राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ पर चर्चा’ सोमवार के लिए सूचीबद्ध है और इस पर बहस के लिए 10 घंटे का समय निर्धारित किया गया है. सोनिया गांधी के इस आरोप पर कि नेहरू की बहुमुखी विरासत को मिटाने और इतिहास को फिर से लिखने का एक व्यवस्थित प्रयास किया जा रहा है, पात्रा ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा केवल यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही है कि नेताओं को उचित मान्यता मिले.

उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा इतिहास को फिर से लिखने का प्रयास नहीं कर रही है. भाजपा इतिहास को सुधारने और उन लोगों को उचित मान्यता देने का प्रयास कर रही है जिन्होंने वास्तव में इस देश की स्वतंत्रता और इस देश के विभिन्न अन्य पहलुओं में योगदान दिया.’’ कांग्रेस नेता के इस आरोप पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कि नेहरू को निशाना बनाने वाले लोग ऐसी विचारधारा से जुड़े हैं, जिसकी देश के स्वतंत्रता आंदोलन और संविधान निर्माण में कोई भूमिका नहीं थी, भाजपा नेता ने कहा कि यह टिप्पणी ऐसे व्यक्ति की ओर से आ रही है, जिसका इस देश से कोई संबंध ही नहीं है.

उन्होंने कहा, ‘‘सोनिया गांधी जी, आपको यह सवाल नहीं उठाना चाहिए था… ऐसा इसलिए क्योंकि देश यह सवाल पूछेगा कि सोनिया गांधी, जिन्हें एंटोनिया माइनो के नाम से जाना जाता था, उन्होंने और उनके परिवार ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में क्या भूमिका निभाई थी?’’ पात्रा ने कहा, ‘‘हम सभी जो यहां हैं, हमने किसी न किसी रूप में, प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से, स्वतंत्रता संग्राम में योगदान दिया है और भाग लिया है. लेकिन आप तो इस देश की भी नहीं थीं. इसलिए आप यह सवाल नहीं पूछिये कि हमने स्वतंत्रता संग्राम में क्या योगदान दिया.’’ भाजपा नेता ने सोनिया गांधी पर उनकी इस टिप्पणी के लिए भी निशाना साधा कि नेहरू धर्मनिरपेक्षता में दृढ़ विश्वास रखते थे.

उन्होंने आरोप लगाया कि नेहरू के लिए धर्मनिरपेक्षता की केवल वही परिभाषा महत्वपूर्ण थी जिसमें भगवान राम का अस्तित्व न हो.
पात्रा ने कहा, ‘‘कल जब वंदे मातरम् पर चर्चा होगी तो मुझे लगता है कि नेहरू पर फिर से बहस और चर्चा होगी और वह बेनकाब हो सकते हैं.’’

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